केंद्र सरकार की सख्ती: इंडिगो एयरलाइंस कैंसिल टिकट का रिफंड करे पैसा, अधिक किराया न वसूलने का आदेश
NEW DELHI. इंडिगो एयरलाइंस की सेवाएं बाधित होने से हवाई किराए में उछाल आया है। इस बीच केंद्र सरकार ने विमानन कंपनियों को मनमाने किराया न वसूलने का निर्देश दिया है। सरकार ने एयरलाइंस को किराए की लिमिट का पालन करने को कहा है। इंडिगो को फ्लाइट कैंसिल होने पर फौरन रिफंड जारी करने का निर्देश दिया है।
केंद्र सरकार ने दिखाई सख्ती
इंडिगो एयरलाइन संकट पर केंद्र सरकार ने शनिवार को सख्ती दिखाई है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (MoCA) ने इंडिगो को निर्देश दिया है। इंडिगो को रविवार रात 8 बजे तक कैंसिल टिकट का पैसा लौटाना है। साथ ही पैसेंजर का लगेज 48 घंटे में वापस किया जाएगा।
सरकार ने तय किया किराया
सरकार ने दूसरी एयरलाइंस से तय हवाई किराए से ज्यादा ना लेने को कहा है। सरकार ने हवाई किराया फिक्स कर दिया है। 500 किमी तक हवाई सफर का किराया 7500 होगा। 500-1000 किमी तक 12,000, 1000-1500 किमी तक 15,000 और 1500 किमी से ऊपर 18,000 होगा। इसमें बिजनेस क्लास शामिल नहीं है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई किराए को लेकर चिंता जताईं। मंत्रालय ने सभी एयरलाइनों को किराए की लिमिट का पालन करने का निर्देश दिया है। ये लिमिट तब तक लागू रहेंगी, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
मंत्रालय ने कहा कि इस निर्देश का मकसद एयर टिकट की कीमतों में अनुशासन बनाए रखना है। इसका उद्देश्य यात्रियों का शोषण रोकना और तत्काल यात्रा करने वालों को आर्थिक मुश्किलों से बचाना है। इसमें वरिष्ठ नागरिक, छात्र और मरीज शामिल हैं।
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फ्लाइट कैंसिल होने पर रिफंड मिलेगा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को तत्काल उपाय लागू करने का निर्देश दिया। मंत्रालय ने उड़ानों के समय में व्यवधान हल करने को कहा। रिफंड पर इंडिगो ने कहा कि फ्लाइट कैंसिल होने पर स्वचालित रिफंड मिलेगा। एयरलाइंस ने 5 से 15 दिसंबर के बीच सभी कैंसिलेशन या रीशेड्यूलिंग अनुरोधों पर पूरी छूट देने की घोषणा की।
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इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन
शनिवार को इंडिगो की 500 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं। यह ऑपरेशनल संकट का पांचवां दिन था। इंडिगो ने कहा कि यह रुकावटें ऑपरेशनल चुनौतियों की वजह से हैं। फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम का रोलआउट भी इसका कारण था।
यह नियम पायलट और क्रू को पर्याप्त आराम सुनिश्चित करता है। 26 अक्टूबर को विंटर शेड्यूल बढ़ाने के कारण पायलटों को आराम करना पड़ा। शुक्रवार को 1,000 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल हुईं, जिससे यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे। फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण यात्री अब दूसरी कंपनियों से महंगे किराए का सामना कर रहे हैं।