Groww Report में खुलासा: बैंकों ने कागज-पेंसिल पर लुटाए करोड़ों, SBI टॉप पर
इन्वेस्टमेंटप्लेटफॉर्म Groww नेवित्त वर्ष 2025 केबैंकों के स्टेशनरीखर्च के आंकड़ेजारी किए हैं। SBIने एक साल मेंप्रिंटिंग और स्टेशनरीपर 986.4 करोड़रुपए खर्च किए।HDFC बैंक ने922.5 करोड़ रुपएइसी मद में लगाए।
IDFC First Bankने तो अपने कुलमुनाफे का 8.05 फीसदी हिस्सा कागज औरछपाई पर खर्च कर दिया। यह रिपोर्ट सोशलमीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
UPI का जमाना, फिर भी कागज का बोझ
देशमें डिजिटल पेमेंट के नए रिकॉर्ड बन रहेहैं। UPI (Unified Payments Interface)से हर महीने करोड़ों लेनदेन हो रहे हैं।मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग का दायरालगातार बढ़ रहा है। लेकिन इसी दौर मेंदेश के बड़े बैंक पासबुक, चेकबुक, फॉर्मऔर स्टेटमेंट की छपाई पर हर साल सैकड़ोंकरोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं।
Groww नेसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह आंकड़ेसाझा किए। इसमें वित्त वर्ष 2025 में 14बड़े बैंकों के स्टेशनरी खर्च की पूरीलिस्ट है। यह रिपोर्ट देखकर लोग हैरानहैं।
SBI का सबसे भारी बिल
देशके सबसे बड़ेसरकारी बैंक SBI(State Bank of India) ने वित्त वर्ष2025 में प्रिंटिंग औरस्टेशनरीपर 986.4 करोड़ रुपएखर्च किए। यहरकम सुनने मेंबड़ी लगती है।लेकिन SBI केविशाल नेटवर्क को देखें तोयह उसके कुल शुद्धमुनाफे यानी नेटप्रॉफिट (Net Profit) कासिर्फ 1.22 फीसदी है।
SBI के बाद सबसे ज्यादा खर्च HDFC बैंक नेकिया। उसने 922.5 करोड़ रुपए स्टेशनरीपर लगाए जो उसके मुनाफे का 1.26 फीसदीहै। तीसरे नंबर पर Axis Bank रहा जिसने373.8 करोड़ रुपए खर्च किए।
ICICI बैंक रहा सबसे किफायती
बड़ेबैंकों में ICICI Bank इस मामले में सबसेकिफायती साबित हुआ। उसने स्टेशनरी पर318.5 करोड़ रुपए खर्च किए जो उसकेमुनाफे का सिर्फ 0.58 फीसदी है। यानीHDFC बैंक के मुकाबले ICICI ने मुनाफे केअनुपात में आधे से भी कम खर्च किया।
इसीतरह कोटक महिंद्रा बैंक ने 167 करोड़ औरयूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 135.3 करोड़रुपए खर्च किए। दोनों के लिए यह उनकेमुनाफे का 0.75 फीसदी रहा।
IDFC First Bank का चौंकाने वाला आंकड़ा
इसपूरी रिपोर्ट का सबसे हैरान करने वालाआंकड़ा IDFC First Bank से जुड़ा है।बैंक ने स्टेशनरी पर सिर्फ 122.7 करोड़रुपए खर्च किए जो रकम के हिसाब से बड़ेबैंकों से कम है। लेकिन यह उसके कुलशुद्ध मुनाफे का 8.05 फीसदी है।
सीधेशब्दों में कहें तो IDFC First Bank नेअपने हर 100 रुपए के मुनाफे में से 8रुपए से ज्यादा सिर्फ कागज, कलम और छपाईपर खर्च कर दिए। यह अनुपात किसी भी बड़ेलिस्टेड बैंक में सबसे ज्यादा है।
अन्य बैंकों का हाल
IndusInd Bank ने114.9 करोड़ रुपए खर्च किए जो उसकेमुनाफे का 4.46 फीसदी है। Yes Bank ने 70करोड़ रुपए लगाए जो मुनाफे का 2.86फीसदी है। AU Small Finance Bank ने 58.3करोड़ और Federal Bank ने 56.2 करोड़रुपए इस मद में खर्च किए।
PNB (PunjabNational Bank) ने 173.8 करोड़, Bank ofBaroda ने 211.9 करोड़ औरCanara Bank ने 165.9करोड़ रुपए स्टेशनरी परखर्च किए।
क्यों कम नहीं हो रहा यह खर्च
जानकारों का मानना है किग्रामीण इलाकों में अब भीबड़ी संख्या में ग्राहकऑफलाइन सेवाओं परनिर्भर हैं। पासबुक अपडेटकराना, कागजी फॉर्म भरनाऔर चेकबुक लेना अभी भीआम बात है। बैंकों को इनजरूरतों को पूरा करनाहोता है।
इसकेअलावा नियामक यानीरेगुलेटरी (Regulatory)जरूरतें भी बैंकोंको कुछ कागजीकाम जारी रखने परमजबूर करती हैं।हालांकि विशेषज्ञ मानतेहैं कि बेहतरतकनीकी पहल से यहखर्च काफी कम होसकता है।
FAQ
- भारतीय बैंक स्टेशनरी पर इतना खर्च क्यों करते हैं?
पासबुक, चेकबुक, KYC फॉर्म और लोन दस्तावेजों की जरूरत अभी भी बनी हुई है। ग्रामीण और बुजुर्ग ग्राहक डिजिटल सेवाओं का पूरी तरह उपयोग नहीं कर पाते। इसीलिए बैंकों का कागजी खर्च जारी है। - किस बैंक ने मुनाफे के अनुपात में सबसे ज्यादा स्टेशनरी खर्च किया?
IDFC First Bank ने अपने मुनाफे का 8.05 फीसदी स्टेशनरी पर खर्च किया। यह किसी भी बड़े लिस्टेड बैंक के मुकाबले सबसे ज्यादा अनुपात है। कुल रकम 122.7 करोड़ रुपये रही। - कौन सा बैंक सबसे किफायती रहा?
ICICI Bank ने अपने मुनाफे का सिर्फ 0.58 फीसदी स्टेशनरी पर खर्च किया। कुल खर्च 318.5 करोड़ रुपये रहा। यह बड़े बैंकों में सबसे कम अनुपात है।
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