एक ही दिन में दो आईएएस जबरन रिटायर, गंभीर आरोपों के चलते सरकार का बड़ा फैसला, ब्यूरोक्रेसी में हलचल
आईएएस के. राजेश पर भ्रष्टाचार का मामला
आईएएस अधिकारी के. राजेश 2011 बैच के अधिकारी हैं। उनके खिलाफ पहले भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया था। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।
इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। वह काफी समय से सस्पेंशन पर चल रहे थे। अब गुजरात सरकार ने उनकी सेवा जारी रखने के बजाय अनिवार्य रिटायरमेंट देने का फैसला किया है।
के. राजेश मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं।
आईएएस गौरव दहिया भी किए गए रिटायर
सरकार ने 2010 बैच के आईएएस अधिकारी गौरव दहिया को भी अनिवार्य रिटायरमेंट दिया है। वह एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर के पद पर तैनात थे।
गौरव दहिया ने पहले नेशनल हेल्थ मिशन यानी NHM में भी जिम्मेदारी संभाली थी। इसी दौरान वह कई विवादों में आए थे।
सरकार ने अब उनके खिलाफ भी सेवा से अनिवार्य रिटायरमेंट की कार्रवाई की है।
दूसरी शादी के विवाद में आए थे दहिया
आईएएस गौरव दहिया का नाम वर्ष 2019 में एक निजी विवाद के कारण चर्चा में आया था। दिल्ली की एक महिला ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
महिला का आरोप था कि गौरव दहिया ने पहली पत्नी से तलाक लिए बिना उससे दूसरी शादी की थी। महिला के मुताबिक दोनों ने 28 फरवरी 2018 को तिरुपति में शादी की थी।
महिला ने यह भी दावा किया था कि दोनों की एक बेटी है। उसने दहिया पर धोखाधड़ी और प्रताड़ना के आरोप भी लगाए थे।
गौरव दहिया ने इन आरोपों से इनकार किया था। उनका कहना था कि वह महिला के साथ रिलेशनशिप में जरूर थे, लेकिन महिला के लगाए दूसरे आरोप सही नहीं हैं।
जांच के बाद हुए थे निलंबित
इस पूरे मामले की जांच के लिए गुजरात सरकार ने उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति की रिपोर्ट के बाद अगस्त 2019 में गौरव दहिया को निलंबित कर दिया गया था।
लंबे समय बाद वर्ष 2023 में सरकार ने उन्हें दोबारा सेवा में बहाल किया था। इसके बाद उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी भी दी गई।
अब सरकार ने एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें अनिवार्य रिटायरमेंट दे दिया है।
प्रशासनिक महकमे में बढ़ी चर्चा
एक ही दिन दो आईएएस अधिकारियों को अनिवार्य रिटायरमेंट दिए जाने से गुजरात के प्रशासनिक तंत्र में हलचल बढ़ गई है।
के. राजेश पहले से निलंबित थे। वहीं गौरव दहिया सेवा में सक्रिय थे। ऐसे में दोनों अधिकारियों के खिलाफ एक साथ हुई कार्रवाई को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है।
सरकार के फैसले के बाद दोनों अधिकारियों की सेवा अब निर्धारित समय से पहले समाप्त हो गई है।
- आईएएस के. राजेश के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला कब शुरू हुआ था?
आईएएस के. राजेश के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला 2011 में शुरू हुआ था, जब वह 2011 बैच के आईएएस अधिकारी बने थे। - आईएएस गौरव दहिया को अनिवार्य रिटायरमेंट क्यों दिया गया?
आईएएस गौरव दहिया को अनिवार्य रिटायरमेंट इसलिए दिया गया क्योंकि उनके खिलाफ कई विवाद थे, जिसमें एक निजी विवाद भी शामिल था, जिसमें उन पर धोखाधड़ी और प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। - गुजरात सरकार ने एक ही दिन में दो आईएएस अधिकारियों को क्यों रिटायर किया?
गुजरात सरकार ने एक ही दिन में दो आईएएस अधिकारियों, के. राजेश और गौरव दहिया, को अनिवार्य रिटायरमेंट दिया, जिससे प्रशासनिक तंत्र में हलचल बढ़ गई है। के. राजेश पहले ही निलंबित थे और गौरव दहिया विवादों के कारण चर्चा में थे।