हरमनप्रीत कौर: मोगा की गलियों से भारतीय महिला टीम की कप्तान तक कैसा रहा उनका सफर?

Manya Jain | Sootr Assets | Oct 07, 2026, 18:20 IST
हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट में छोड़ी भारतीय महिला टीम की कप्तानी
हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा कि यह फैसला आसान नहीं था। भारत की महिला टीम की कप्तान के तौर पर उनका सफर काफी शानदार रहा। आइए जानते हैं उनके पंजाब के मोगा से भारतीय टीम की कमान संभालने तक की कहानी...

    कौन हैं हरमनप्रीत कौर?

    कौन हैं हरमनप्रीत कौर? यह सवाल एक बार फिर चर्चा में है। 37 साल की हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज हैं। उन्होंने लंबे समय तक टीम की कप्तानी भी संभाली है। हरमनप्रीत ने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 मैचों में भारत की कमान संभाली। यानी कुल 211 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम की बागडोर उनके हाथ रही।



    हरमनप्रीत कौर

    मोगा की गली से शुरुआत

    हरमनप्रीत का जन्म 8 मार्च 1989 को पंजाब के मोगा जिले में एक साधारण सिख परिवार में हुआ। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट का खूब शौक था। वह मोहल्ले के लड़कों के साथ गली में क्रिकेट खेलती थीं। उस समय लड़कियों के लिए क्रिकेट खेलना आसान नहीं था।



    न ज्यादा सुविधाएं थीं और न ही खास पहचान मिलती थी। फिर भी हरमनप्रीत लगातार खेलती रहीं। लड़कों की तेज गेंदों का सामना करते-करते उनका खेल बेखौफ और आक्रामक होता गया। आगे चलकर यही अंदाज उनकी पहचान बना। मोगा की वही गलियां उनके क्रिकेट करियर की पहली पाठशाला बनीं।



    महिला वर्ल्ड कप हाथ में लिए हरमन प्रीत कौर

    उनकी कप्तानी में भारत ने पिछले साल महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता। एशियन गेम्स 2026 में भी टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अब सवाल यही है कि इतनी बड़ी उपलब्धियों के बाद भी हरमनप्रीत को कप्तानी क्यों छोड़नी पड़ी? असली कहानी यहीं से शुरू होती है।



    हरमनप्रीत कौर का सफर: 2016 से 2023

    2016: कप्तानी की जिम्मेदारी

    • भारतीय टी20 टीम की कप्तानी मिली
    • टीम में मिताली राज जैसी दिग्गज मौजूद थीं
    • हरमनप्रीत को टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिना जाता था
    • ऑस्ट्रेलिया की WBBL में सिडनी थंडर से खेलने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ियों में शामिल हुईं
    • विदेशी लीग के अनुभव से खेल और आत्मविश्वास दोनों निखरे

    2017: वह पारी जिसने सब बदल दिया

    • महिला वनडे वर्ल्ड कप में असली पहचान बनी
    • डर्बी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 115 गेंदों पर नाबाद 171 रन बनाए
    • इस पारी से भारत फाइनल में पहुंचा
    • लॉर्ड्स के फाइनल में इंग्लैंड से सिर्फ 9 रन से हार मिली
    • पारी ने देश में महिला क्रिकेट को नई लोकप्रियता दी
    • उन्हें अर्जुन अवॉर्ड मिला
    • पंजाब पुलिस में DSP का पद भी मिला

    2018: पहला शतक और पहला विवाद

    • T20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 गेंदों पर 103 रन बनाए
    • T20I में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनीं
    • सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हार मिली
    • मिताली राज को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने पर बड़ा विवाद हुआ
    • कप्तान के तौर पर पहली बार कड़े सवालों का सामना करना पड़ा

    2020: फाइनल तक का सफर

    • T20 वर्ल्ड कप में उनकी कप्तानी में भारत पहली बार फाइनल तक पहुंचा
    • मेलबर्न में 86,000 से ज्यादा दर्शकों के सामने ऑस्ट्रेलिया से हार मिली
    • टूर्नामेंट ने दिखाया कि भारतीय टीम अब बड़े मंच पर टक्कर देने लायक है

    2022: वनडे की कमान और इंग्लैंड में जीत

    • वनडे टीम की कप्तानी भी मिली
    • कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता
    • फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मामूली अंतर से हार मिली
    • इंग्लैंड दौरे पर कैंटरबरी में नाबाद 143 रन की पारी खेली
    • झूलन गोस्वामी की विदाई के साथ इंग्लैंड को उसी की धरती पर 3-0 से वनडे सीरीज में हराया

    2023: WPL, दर्द और विवाद

    2023 की शुरुआत उनके लिए काफी खास रही। पहले WPL में मुंबई इंडियंस ने उन्हें खरीदा। टीम ने उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी। उनकी कप्तानी में मुंबई ने पहले ही सीजन में खिताब जीत लिया। इसी साल उन्हें तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तानी भी मिली।



    फरवरी 2023 का T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल फैंस नहीं भूले। उन्होंने 52 रन की शानदार पारी खेली। रन लेते समय उनका बल्ला क्रीज में फंस गया। इसी वजह से वह रन आउट हो गईं। भारत यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से सिर्फ 5 रन से हार गया।



    जुलाई में बांग्लादेश दौरे के दौरान विवाद भी हुआ। अंपायरिंग से नाराज होकर उन्होंने स्टंप्स पर बल्ला मारा। इसके बाद उन्होंने बयान भी दिए। इस मामले में उन पर जुर्माना लगा और प्रतिबंध भी लगाया गया। यह उनके करियर का काफी विवादित पल रहा।



    इसके बाद भी साल का अंत शानदार रहा। एशियन गेम्स में भारत ने उनकी कप्तानी में गोल्ड मेडल जीता। दिसंबर में भारतीय टीम ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट में हराया। इन जीतों के साथ टीम ने इतिहास भी रचा।



    कप्तान के रूप में आंकड़े और आगे

    हरमनप्रीत ने भारत के लिए कुल 211 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की। इनमें पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 शामिल हैं। पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप जीतना उनके करियर का सबसे बड़ा पड़ाव रहा। हालांकि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी।



    टी20 में उनकी बल्लेबाजी फॉर्म भी अच्छी नहीं रही। इसके बाद उनकी कप्तानी हटाने की मांग तेज हो गई। बीसीसीआई के एक अधिकारी के मुताबिक हरमनप्रीत कप्तानी जारी रखना चाहती थीं। उनका इरादा कम से कम 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक तक टीम की अगुवाई करने का था।



    एक अध्याय खत्म, खिलाड़ी बाकी

    हरमनप्रीत ने अपने संदेश में साफ कहा कि कप्तानी खत्म हो सकती है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने टीम के लिए अपना खून, पसीना, त्याग और सम्मान दिया है। अब वह सिर्फ खेल के प्यार के लिए क्रिकेट खेलना चाहती हैं।



    मोगा की गलियों से निकलकर विश्व कप जीतने वाली कप्तान बनने तक उनका सफर लंबा रहा है। यह सफर बताता है कि कप्तानी भले बदल जाए, लेकिन हरमनप्रीत कौर की कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।



    हरमनप्रीत कौर इस्तीफा: क्या लिखा?

    हरमनप्रीत कौर इस्तीफा देने के साथ इंस्टाग्राम पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि फैसले के साथ वर्षों की यादें और त्याग जुड़े हैं। उनका कहना था कि उन्होंने जिम्मेदारी सम्मान के साथ निभाई।



    उन्होंने कहा कि कप्तानी खत्म हो सकती है। भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने टीम को अपना खून, पसीना, त्याग और सम्मान सब दिया। अब वह सिर्फ खेल के प्यार के लिए खेलना चाहती हैं।



    अब कौन संभालेगा कप्तानी?

    हरमनप्रीत के बाद स्मृति मंधाना को कप्तानी मिल सकती है। मंधाना अभी टीम की उपकप्तान हैं। वह सोमवार की मीटिंग में भी मौजूद थीं। फिलहाल यह संभावना है, पक्की घोषणा नहीं हुई है।



    FAQ

    1. हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी क्यों छोड़ी?
      हरमनप्रीत कौर ने 6 अक्टूबर 2026 को कप्तानी छोड़ने का फैसला किया क्योंकि बीसीसीआई के चयनकर्ताओं ने बदलाव की मांग की थी। उन्होंने अपनी कप्तानी जारी रखने की इच्छा जताई, लेकिन युवा खिलाड़ियों के लिए टी20 की कप्तानी छोड़ने का निर्णय लिया।
    2. हरमनप्रीत ने कितने मैचों में भारत की कप्तानी की?
      उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की। उन्होंने 2016 में टी20, 2022 में वनडे और 2023 में तीनों फॉर्मेट की कमान संभाली।
    3. क्या हरमनप्रीत अब भी भारत के लिए खेलेंगी?
      हां, वह तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी। कप्तानी अब स्मृति मंधाना को मिल सकती है।
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