हरियाणा में 750 करोड़ के घोटाले में 2 IAS अधिकारी सस्पेंड, मुख्यमंत्री ने लिया कड़ा एक्शन

Sanjay Dhiman | Apr 09, 2026, 16:16 IST
Photograph: (the sootr)
हरियाणा में 750 करोड़ के घोटाले में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का निलंबन, जांच जारी। एसीबी की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री ने लिया कड़ा एक्शन।

News in Short

  • हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़ा एक्शन लेते हुए दो आईएएस अधिकारी सस्पेंड किए।
  • यह कार्रवाई 750 करोड़ रुपये के आईडीएफसी बैंक घोटाले से जुड़ी हुई है।
  • अधिकारियों पर फर्जी डेबिट मेमो और सरकारी फंड में हेराफेरी के गंभीर आरोप हैं।
  • एसीबी की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निलंबन के आदेश दिए।
  • मामले की गंभीरता देखते हुए सरकार ने इसकी सीबीआई जांच की सिफारिश की है।

News in Detail

750 करोड़ के घोटाले में नाम आने के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के दो आईएएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि एसीबी की जांच में दोनों सीनियर आईएएस अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इस कार्रवाई के बाद राज्य के प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े 750 करोड़ रूपए के घोटाले से जुड़ी है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में आईएएस आर.के. सिंह (राम कुमार सिंह) और आईएएस प्रदीप कुमार शामिल है।



घोटाले का कारण: फर्जी डेबिट मेमो और गबन

सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला सरकारी खातों में हुई गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है। जांच से पता चला है कि फर्जी डेबिट मेमो और नकली दस्तावेजों के जरिए सरकारी पैसे को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया था। यह पैसा लगभग 750 करोड़ रुपए था। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस मामले में दोनों अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे।



एसीबी की रिपोर्ट और सीएम का एक्शन

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एसीबी से एक विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जिसमें इन अधिकारियों के खिलाफ ठोस प्रमाण मिले थे। सरकार ने पहले ही इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश केंद्र को भेज दी थी। इसके बाद, इस मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।



कई और अधिकारी जांच के घेरे में

इस घोटाले का आंकड़ा केवल एक शुरुआत माना जा रहा है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस मामले के कई और विभागों और अधिकारियों से जुड़े हो सकते हैं। कुछ और बड़े नामों पर जल्द कार्रवाई की संभावना है। इस मामले की असल सच्चाई जानने के लिए सीबीआई की जांच का इंतजार किया जा रहा है।



निलंबन का संदेश

यह कार्रवाई उन अधिकारियों को एक सख्त संदेश दे रही है, जो खुद को सरकारी सिस्टम से ऊपर समझते हैं। अब इस घोटाले से जुड़े हर पहलू की जांच की जाएगी।



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