पेंशन बंद हुई तो 102 की उम्र में निकाली थी बारात, थारा फूफा अभी जिंदा है... वाले दुलीचंद ने 106 में ली अंतिम सांस
शनिवार को हुआ दुलीचंद का निधन
दुलीचंद हरियाणा के रोहतक जिले के गांधरा गांव में रहते थे। शनिवार, 24 अक्टूबर को 106 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके निधन से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
रविवार को गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। उनके निधन के बाद पेंशन के लिए निकाली गई अनोखी बारात फिर चर्चा में है।
102 साल की उम्र में बंद हुई पेंशन
दुलीचंद की उम्र 102 साल थी। इसी दौरान उनकी वृद्धावस्था पेंशन अचानक बंद हो गई थी। इसकी वजह जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ी गड़बड़ी थी। पेंशन बंद होने से उन्हें काफी परेशानी हुई थी। उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में खुद के जीवित होने का सबूत देना पड़ा था।
इसके बाद उन्होंने विरोध करने का अनोखा तरीका अपनाया था। उन्होंने अपनी बारात निकालकर प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का फैसला किया था। यह मामला उस समय Old Age Pension की व्यवस्था को लेकर काफी चर्चा में था।
रथ पर बैठकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे
दुलीचंद ने 102 साल की उम्र में अपनी बारात निकाली थी। वह रथ पर सवार होकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। उनके हाथों में कई तख्तियां थीं। एक पर लिखा था थारा फूफा अभी जिंदा है। दूसरी तख्ती पर मैं जिंदा हूं लिखा हुआ था।
दुलीचंद का यह अनोखा विरोध सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। लोगों ने उनके विरोध के तरीके पर खूब चर्चा की थी। उनकी Viral Baraat ने सरकारी रिकॉर्ड और पेंशन व्यवस्था की खामियों पर सवाल खड़े किए थे।
दुलीचंद की जिंदगी पर बनी फिल्म
बारात के वायरल होने के बाद दुलीचंद की कहानी काफी चर्चित हो गई थी। उनकी जिंदगी पर एक फिल्म भी बनाई गई थी। हालांकि फिल्म को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। दुलीचंद ने आरोप लगाया था कि बिना उनकी अनुमति के फिल्म बनाई गई थी। इस मामले को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी भी जताई थी। उनकी कहानी Social Media पर लंबे समय तक चर्चा में रही।
परिवार में करीब 70 सदस्य
दुलीचंद अपने पीछे बड़ा परिवार छोड़ गए हैं। उनके छह बेटे और चार बेटियां हैं। उनके परिवार में कुल करीब 70 सदस्य बताए गए हैं।
दुलीचंद ने 102 साल की उम्र में पेंशन के लिए अनोखा विरोध किया था। उनकी बारात ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई थी। अब उनके निधन के बाद लोग उस घटना को फिर याद कर रहे हैं।