पेट्रोल के महंगे दिन खत्म! लॉन्च हुईं देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल बाइक्स और कार
समझें क्या है पूरा मामला...
- हीरो मोटोकॉर्प ने देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल बाइक्स को बाजार में उतारा है।
- मारुति सुजुकी ने भी घरेलू बाजार के लिए अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार को पेश किया है।
- यह वाहन 20% एथेनॉल से लेकर 85% एथेनॉल तक के ईंधन मिश्रण पर चल सकते हैं।
- देश में प्रदूषण और पेट्रोल पर निर्भरता घटाने के लिए वैकल्पिक ईंधन जरूरी है।
- आने वाले समय में E85 ईंधन बाजार में आएगा।
भारत में गाड़ियां चलाने का अंदाज अब पूरी तरह बदलने वाला है। प्रदूषण कम करने और महंगे पेट्रोल से राहत दिलाने के लिए देश में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीकि की शुरुआत हो चुकी है।
हीरो मोटोकॉर्प कंपनीऔर मारुति सुजुकी ने इस दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। हीरो ने जहां अपनी दो सबसे पॉपुलर बाइक्स को नए फ्लेक्स फ्यूल अवतार में लॉन्च किया है। वहीं मारुति सुजुकी ने भी अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार लॉन्च की है।
हीरो की Splendor Plus और HF Deluxe
हीरो मोटोकॉर्प ने अपने दो सबसे भरोसेमंद और सबसे ज्यादा बिकने वाले कम्यूटर मॉडल्स को नए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के साथ उतारा है।
यह बाइक्स E20 से लेकर E85 (यानी 85 प्रतिशत एथेनॉल और 15 प्रतिशत पेट्रोल) तक के फ्यूल ब्लेंड पर आसानी से दौड़ सकती हैं।
कब और कहां से खरीद सकेंगे ये बाइक्स?
आप इस नई फ्लेक्स-फ्यूल बाइक को खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको थोड़ा सा इंतजार करना होगा। जानकारी के अनुसार यह बाइक्स जुलाई 2026 से मार्केट में बिक्री के लिए उपलब्ध हो जाएंगी।
कंपनी इसे चरणबद्ध तरीके से बेचेगी। पहले फेज में इसे दिल्ली और महाराष्ट्र के कुछ चुनिंदा शहरों में ही लॉन्च किया जा रहा है।
इसके बाद कंपनी धीरे-धीरे देश के अन्य राज्यों और शहरों में इसका विस्तार करेगी।
क्या है कीमत और फीचर्स?
इथेनॉल से चलने के बावजूद इन दोनों बाइक्स का पावर आउटपुट पहले से बेहतर हुआ है। इन दोनों बाइक्स के इंजन और मैकेनिज्म में तकरीबन 39 बदलाव किए गए हैं।
इनमें एक अतिरिक्त फ्यूल फिल्टर और नए तरीके से कैलिब्रेट किया गया ECU लगाया गया है। इससे ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन से इंजन खराब नहीं होगा। साथ ही ठंडे मौसम में भी बाइक आसानी से स्टार्ट हो सकेगी।
हीरो फ्लेक्स-फ्यूल बाइक्स की कीमत और पावर
| बाइक का नाम | एक्स-शोरूम कीमत | इंजन क्षमता | हॉर्सपावर | टॉर्क |
| Splendor Plus | 82 हजार 710 | 97.2cc | 8 hp @ 8,000 rpm | 8.3 Nm @ 6,000 rpm |
| HF Deluxe | 72 हजार 792 | 97.2cc | 8 hp @ 8,000 rpm | 8.3 Nm @ 6,000 rpm |
देश की पेश की पहली Flex Fuel कार
बाइक्स के साथ-साथ अब कार में भी फ्लेक्स फ्यूल का विकल्प मिलने जा रहा है। कंपनी मारुति सुजुकी ने घरेलू बाजार में अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल कार को पेश कर दिया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली में आयोजित एक इवेंट में इस नई कार को लॉन्च किया।
इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और मारुति सुजुकी के अधिकारी भी मौजूद रहे। मारुति की यह नई कार भी हायर इथेनॉल ब्लेंडिंग पर आसानी से दौड़ सकती है।
इंजन मैकेनिज्म में बड़ा बदलाव
मारुति सुजुकी ने पिछले ऑटो एक्सपो में अपनी वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल कॉन्सेप्ट कार को दिखाया था। इस कार का लुक और डिजाइन तो बिल्कुल रेगुलर मॉडल जैसा ही है।
वहीं इसके इंजन मैकेनिज्म में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों की वजह से यह कार E20 से लेकर E85 इथेनॉल ब्लेंड पेट्रोल पर आसानी से चल सकती है।
बता दें कि मारुति सुजुकी लंबे समय से इस तकनीक पर काम कर रही थी। कंपनी ने पिछले साल जापान मोबिलिटी एक्सपो के दौरान अपनी Fronx E-100 को भी शोकेस किया था, जो 100 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग पर भी चल सकती है।
क्यों जरूरी है फ्लेक्स फ्यूल?
लॉन्चिंग के मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरीने कहा कि देश में प्रदूषण बढ़ रहा है। इसके पीछे ऑटोमोटिव इंडस्ट्री का बहुत बड़ा हाथ है।
तकरीबन 40% प्रदूषण वाहनों से ही होता है। ऐसे में क्लीन फ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ाना बेहद जरूरी है। मारुति सुजुकी की यह कार इस दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में वैकल्पिक फ्यूल का इस्तेमाल और बढ़ेगा।
वहीं केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ी राहत की खबर दी। उन्होंने कहा कि देश में E85 ईंधन को जल्द ही पेश किया जाएगा।
इसकी कीमत अभी मिलने वाले E20 पेट्रोल से काफी कम होगी। इसका सीधा मतलब यह है कि आने वाले समय में जब पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को बढ़ाया जाएगा, तो पेट्रोल की कीमत कम होने की पूरी उम्मीद है।
क्या होता है फ्लेक्स फ्यूल?
फ्लेक्स फ्यूल एक ऐसी एडवांस टेक्नोलॉजी है जिसमें गाड़ी का इंजन पेट्रोल और इथेनॉल के अलग-अलग मिश्रण वाले ईंधन पर चल सकता है।
आमतौर पर फ्लेक्स फ्यूल गाड़ियां E20 (20% एथेनॉल), E85 (85% एथेनॉल) या इनके बीच के किसी भी मिश्रण पर आसानी से दौड़ सकती हैं।
इन वाहनों में खास सेंसर लगे होते हैं। यह सेंसर ईंधन में एथेनॉल की मात्रा को खुद ही पहचान लेते हैं। साथ ही इंजन की सेटिंग को उसके हिसाब से एडजेस्ट कर देते हैं। इससे गाड़ी की परफॉर्मेंस पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता।
फ्लेक्स फ्यूल के फायदे
- हायर ब्लेंडेड फ्यूल के इस्तेमाल से गाड़ी के इंजन और दूसरे पार्ट्स पर कोई खराब असर नहीं पड़ता। आप E85 ग्रेड का पेट्रोल भी डालेंगे तो मेंटेनेंस की दिक्कत नहीं आएगी।
- इससे दूसरे देशों से महंगे पेट्रोल को मंगाने का खर्च बचेगा।
- इथेनॉल को गन्ने और मक्का जैसी फसलों से तैयार किया जाता है। इससे देश के किसानों को बढ़ावा मिलेगा।
- एथेनॉल के इस्तेमाल से प्रदूषण बहुत कम होता है। इससे पर्यावरण बेहतर बनेगा।
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