Synopsis: हिमाचल विधानसभा में आज बजट पेश होना है। इस बीच बीजेपी की ओर से दावा किया गया है कि कांग्रेस सरकार अपने विधायकों का भरोसा खो चुकी है, इसलिए बीजेपी डेलीगेशन आज राज्यपाल से मिलकर वोटिंग के जरिए बजट पास कराने की मांग करेगा।
तेजी से बदल रहे घटनाक्रम के बीच हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू ने कहा, उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। भाजपा अफवाह फैला रही है। सुक्खू ने कहा कि जिन विधायकों ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की, वो भी हमारे संपर्क में हैं। भाजपा पार्टी को तोड़ना चाहती है, लेकिन कांग्रेस संगठित है।
बीजेपी के 15 विधायकों को सदन से सस्पेंड किया गया है, उनमें जयराम ठाकुर, विपिन सिंह परमार, विनोद कुमार, जनक राज, बलबीर वर्मा, सुरेंद्र शौरी, इंदर सिंह गांधी, हंसराज, लोकेंद्र कुमार, रणधीर शर्मा, रणवीर सिंह निक्का शामिल हैं।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में जिस तरह हंगामा मचा हुआ है, उसको देखते हुए स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर समेत बीजेपी के 15 विधायकों को सदन से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही विधानसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला
राज्यसभा चुनाव में हिमाचल प्रदेश की एक सीट पर हुए चुनाव में BJP प्रत्याशी हर्ष महाजन की जीत हुई है, जबकि क्रॉस वोटिंग की वजह से सत्तारूढ़ कांग्रेस के उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी हार गए। इसी के साथ हिमाचल में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ( Sukhwinder Singh Sukhu ) की राज्य सरकार को बचाने का राजनीतिक संकट भी शुरू हो गया है। दरअसल हिमाचल प्रदेश में बीजेपी के पास बहुमत नहीं था, लेकिन कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर दी। इसके साथ ही तीन निर्दलीय विधायकों ने भी कांग्रेस का साथ नहीं दिया, जिस वजह से कांग्रेस और बीजेपी दोनों के उम्मीदवारों को बराबर- बराबर वोट मिले और पर्ची के जरिए हुए इस फैसले में बीजेपी के प्रत्याशी की जीत हुई है।
अब बड़ा सवाल- हिमाचल में बचेगी या जाएगी सुक्खू सरकार?
दरअसल हिमाचल विधानसभा में आज बजट पेश होना है। इस बीच बीजेपी की ओर से दावा किया गया है कि कांग्रेस सरकार अपने विधायकों का भरोसा खो चुकी है, इसलिए बीजेपी डेलीगेशन आज राज्यपाल से मिलकर वोटिंग के जरिए बजट पास कराने की मांग करेगा।
हिमाचल प्रदेश में स्पीकर ने बीजेपी के 15 विधायकों को सदन की कार्यवाही से सस्पेंड कर दिया है। इसको लेकर बीजेपी विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात के लिए समय मांगा है। इधर सियासी घमासान के बारे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी अपनी नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने हिमाचल की घटना की पूरी जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को दी है। उन्होंने बताया कि कुछ विधायकों ने उनसे बात की है।
हिमाचल प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के जिन छह विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी और बीजेपी प्रत्याशी हर्ष महाजन को अपना वोट दिया था, उन विधायकों को बीजेपी ने हरियाणा के पंचकूला में ठहराया था। अब विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए वो विधायक शिमला के लिए रवाना हो गए हैं।
हिमाचल प्रदेश राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद सियासी भूचाल आया हुआ है। आज सुबह बीजेपी विधायकों ने पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात की थी और विधानसभा में वोट डिवीजन की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पीकर ने उनकी मांग नहीं मानी, जिसके बाद राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा स्पीकर कुलदीप पठानिया ने भी राजभवन जाकर राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला से मुलाकात की है।
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की कुल 68 सीटे हैं। ऐसे में बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 35 सीटों की जरूरत होती है। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के 40 विधायक जीते थे। बीजेपी के 25 और तीन अन्य विधायकों को जीत मिली थी। बहुमत मिलने के बाद कांग्रेस के दो गुटों के बीच चली रस्साकशी के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ( Sukhwinder Singh Sukhu ) को मुख्यमंत्री बनाया गया, जबकि वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य को कैबिनेट मंत्री बनाया गया और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह इस समय हिमाचल कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं। इस सरकार को तीनों निर्दलीय विधायकों ने भी अपना समर्थन दे दिया था। ऐसे में सुक्खू सरकार के पास कुल 43 विधायक थे।
पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बीजेपी का डेलीगेशन राजभवन पहुंच गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हम बजट पेश होने से पहले डिविजन वोटिंग चाहते हैं, लेकिन स्पीकर इसकी अनुमति नहीं दे रहे हैं। हम चाहते हैं कि फाइनेंशियल इमरजेंसी से बचने के लिए बजट पारित किया जाए। हम वोटिंग के लिए मांग इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि सरकार ने बहुमत खो दिया है।