Home-Car Loan लेने से पहले पढ़ लें ये खबर, अब नहीं पड़ेगी बीमा की जरूरत, IRDAI ने रखा प्रस्ताव
हालांकि, ग्राहकों को फायदा मिलने पर पैकेज की अनुमति रहेगी। इसके लिए ब्याज दर की पूरी जानकारी देनी होगी। क्रिटिकल इलनेस कवर को लोन से जोड़ने से भी बचेंगे। फिलहाल ये बदलाव प्रस्ताव के स्तर पर हैं।
लोन के साथ बीमा चर्चा में क्यों है?
होम और कार लोन में कई अतिरिक्त खर्च (Overspending) होते हैं। कई मामलों में बीमा भी लोन के साथ जोड़ दिया जाता है। इससे ग्राहक की कुल लागत बढ़ जाती है। लेकिन अब IRDAI इस व्यवस्था में बदलाव करना चाहता है। नियामक (Regulator) ने इसके लिए नया प्रस्ताव रखा है।
लोन के साथ बीमा लेना अनिवार्य नहीं होगा
भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण(IRDAI) ने कंपल्सरी इंश्योरेंस बंडलिंग रोकने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब ये कि बीमा लोन की जरूरी शर्त नहीं होगी। बैंक बीमा लिए बिना लोन देने से मना नहीं कर सकेंगे।
यह प्रस्ताव नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल (NBFC) कंपनियों पर भी लागू हो सकता है। इसमें होम और कार लोन शामिल होंगे। दूसरे तरह के कर्ज भी इसके दायरे में आएंगे। लाइफ, प्रॉपर्टी, मोटर और हेल्थ इंश्योरेंस शामिल हैं।
कुछ मामलों में बीमा पैकेज की अनुमति रहेगी
IRDAI ने हर तरह के पैकेज पर रोक नहीं लगाई है। ग्राहक को सीधा फायदा मिलने पर पैकेज दिया जा सकेगा। उदाहरण के लिए ब्याज दर कम की जा सकती है। इसके बदले ग्राहक टर्म लाइफ इंश्योरेंस ले सकता है। प्रॉपर्टी इंश्योरेंस के साथ भी ऐसा हो सकता है।
लेकिन इसके लिए ग्राहक को पूरी जानकारी देनी होगी। बीमा लेने पर और नहीं लेने पर ब्याज दर कितनी होगी, यह भी बताएंगे।
अपनी पसंद की कंपनी से बीमा लेने की आजादी
ग्राहक सिर्फ बैंक की कंपनी से ही नहीं, बल्कि अपनी पसंद की बीमा कंपनी भी चुन सकते हैं। इससे ग्राहकों को बीमा खरीदने में ज्यादा विकल्प मिल सकेगा। साथ ही पॉलिसी की कीमत की तुलना भी कर सकते हैं।
बीमा का पैसा लोन में नहीं जोड़ा जाएगा
IRDAI ने प्रीमियम भुगतान को लेकर भी बदलाव सुझाव दिया है। बीमा का प्रीमियम लोन की रकम में शामिल नहीं होगा। ग्राहक को इसका भुगतान अलग से करना होगा। इससे बीमा की वास्तविक लागत साफ दिखाई देगी। ग्राहक को लोन की कुल लागत समझने में आसानी होगी। प्रीमियम की रकम अलग रहने से ट्रांसपेरेंसी
बढ़ सकती है।
हेल्थ इंश्योरेंस को लेकर भी सुझाव
IRDAI ने हेल्थ कवर को लेकर भी चिंता जताई है। होम या कार लोन के साथ हेल्थ कवर जोड़ने से बचेंगे। खासकर क्रिटिकल इलनेस कवर को लोन के साथ जोड़ना सही नहीं माना है। IRDAI के मुताबिक, यह ग्राहक के लिए महंगा हो सकता है। ऐसे कवर से ग्राहक को लागत के हिसाब से फायदा कम मिल सकता है।
प्रस्ताव लागू होने पर क्या बदलेगा?
- ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से बीमा चुन सकेंगे।
- लोन लेने के लिए बीमा खरीदना जरूरी नहीं होगा।
- बीमा कंपनी चुनने की आजादी भी ग्राहक को मिलेगी।
- प्रीमियम का भुगतान लोन से अलग किया जाएगा।
फिलहाल IRDAI का प्रस्ताव अंतिम नियम नहीं है। इस पर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। अंतिम फैसला आने के बाद नियम स्पष्ट होंगे।
- IRDAI का बीमा बंडलिंग के खिलाफ प्रस्ताव क्या है?
IRDAI ने बीमा बंडलिंग को रोकने का प्रस्ताव दिया है, जिसका मतलब है कि अब लोन के लिए बीमा लेना अनिवार्य नहीं होगा। बैंक बीमा लिए बिना लोन देने से मना नहीं कर सकेंगे और यह नियम नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों पर भी लागू होगा। - लोन के साथ बीमा का प्रीमियम कैसे भुगतान होगा?
IRDAI के नए प्रस्ताव के तहत, बीमा का प्रीमियम लोन की रकम में शामिल नहीं होगा। ग्राहक को इसका भुगतान अलग से करना होगा, जिससे बीमा की वास्तविक लागत स्पष्ट हो सकेगी। - ग्राहकों को बीमा कंपनी चुनने में क्या स्वतंत्रता मिलेगी?
ग्राहकों को अपने पसंदीदा बीमा कंपनी से बीमा लेने की आजादी मिलेगी, जिससे वे बीमा की कीमत की तुलना कर सकेंगे और अधिक विकल्पों का लाभ उठा सकेंगे।