इलेक्ट्रिसिटी बिल से मिलेगा छुटकारा! इस स्मार्ट टेक्नीक से आप खुद तय करेंगे अपना बिजली बिल

Aman Vaishnav | Mar 09, 2026, 15:29 IST
iiser smart building technology energy saving thermal cameras
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने एक बहुत ही उपयोगी खोज की है। इस नई स्मार्ट तकनीक से आर्किटेक्चर में बिजली का रिमोट कंट्रोल करना आसान होगा। इस सिस्टम रूम में मौजूद लोगों की संख्या के आधार पर बिजली चालू हो जाएगी।

News In Short

आइसर के एसोसिएट प्रोफेसर आरोन आर लोन ने एक खास रिसर्च पूरी की है



इस रिसर्च से बिजली के उपयोग को नियंत्रित किया जा सकेगा



ये तकनीक स्मार्ट सिटी और ग्रीन बिल्डिंग्स के लिए बेहद जरूरी साबित होगी



इसमें सिस्टम खुद तय करेगा कि एसी या लाइट को किस प्रकार चलाना जरूरी है



News In Detail

क्या आपने कभी सोचा है कि खाली कमरे में आपका एसी जेब और पर्यावरण दोनों भारी हो गया है? अब इस समस्या का समाधान IISER (भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) ने खोज लिया है। एक ऐसी तकनीक जो खुद ही समझ जाएगी कि कमरे में कितने लोग हैं। उसी के हिसाब से बिजली का उपयोग किया जाएगा।



जी हां, आने वाले समय में बिल्डिंगों में बिजली की खपत को कंट्रोल करना और भी आसान हो सकता है। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान ने एक नई स्मार्ट टेक्नोलॉजी बनाई है। इससे यह पता चल सकेगा कि किस बिल्डिंग में कितने लोग हैं। उसी हिसाब से बिजली का उपयोग किया जा सकेगा। इससे न सिर्फ ऊर्जा की बचत होगी बल्कि इमारतों के प्रबंधन में भी सुधार आएगा। यह रिसर्च आइसर के एसोसिएट प्रोफेसर हारून आर लोन ने की है।



कैसे काम करेगी ये टेक्निक

इस तकनीक में सस्ते थर्मल कैमरों का इस्तेमाल किया जाता है। ये कैमरे कमरे या हॉल में मौजूद लोगों की संख्या का पता लगा लेते हैं। फिर एक खास कंप्यूटर प्रोग्राम इस जानकारी का इस्तेमाल करके यह अनुमान लगाता है कि, उस जगह को कितनी बिजली की जरूरत होगी।



इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा

इस नई तकनीक की एक बड़ी खासियत यह है कि, यह कम डेटा के आधार पर भी बिजली की खपत का सही अनुमान लगा सकती है। इसका फायदा ये होगा कि बड़ी इमारतों, ऑफिसों, मॉल्स और संस्थानों में बिजली की बेवजह खपत कम हो सकेगी।



एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस स्मार्ट तकनीक से न सिर्फ ऊर्जा की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। आने वाले समय में स्मार्ट सिटी और ग्रीन बिल्डिंग्स में इस तरह की तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ने की उम्मीद है।



पहरेदारी की जरूरत नहीं

इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिल्डिंग मैनेजर को अब हर वक्त बिजली के इस्तेमाल पर ध्यान रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिस्टम खुद ही समझ जाएगा कि कब लाइट ज्यादा चलानी है। कब कूलिंग या एयर कंडीशनिंग को कम या ज्यादा करना है।



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