रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, उद्योग और एविएशन जगत में शोक
भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति, एविएशन प्रेमी और रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया (Vijaypat Singhania) का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका निधन मुंबई में हुआ, जिससे उद्योग जगत, व्यापारिक समुदाय और एविएशन क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
उनके बेटे और Raymond Group के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया Gautam Singhania ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उनके निधन की जानकारी साझा की।
विजयपत सिंघानिया न केवल भारतीय उद्योग जगत की एक बड़ी शख्सियत थे, बल्कि वे एक जुनूनी एविएटर भी थे। उन्होंने हॉट एयर बैलून से दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई तक उड़ान भरने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। उनके जीवन की उपलब्धियां भारतीय उद्योग और एविएशन के इतिहास में हमेशा याद की जाएंगी।
विजयपत सिंघानिया कौन थे? (Who was Vijaypat Singhania)
विजयपत सिंघानियाVijaypat Singhania का जन्म एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने नेतृत्व और दूरदर्शी सोच से रेमंड ग्रुप को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
प्रमुख उपलब्धियां
- रेमंड ग्रुप को भारत की सबसे प्रतिष्ठित टेक्सटाइल कंपनियों में शामिल किया
- लगभग दो दशकों तक कंपनी के चेयरमैन रहे
- एविएशन में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले भारतीय उद्योगपति
- भारत सरकार द्वारा Padma Bhushan से सम्मानित
उनकी नेतृत्व क्षमता और नवाचार की सोच ने भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
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रेमंड ग्रुप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया
जब विजयपत सिंघानिया ने रेमंड की कमान संभाली, तब कंपनी भारतीय बाजार में अपनी पहचान बना रही थी। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अपने बिजनेस का विस्तार किया और प्रीमियम फैब्रिक ब्रांड के रूप में स्थापित हुई।
उनकी नेतृत्व शैली
- गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
- वैश्विक बाजार में विस्तार की रणनीति
- आधुनिक टेक्सटाइल तकनीक का उपयोग
- मजबूत ब्रांड पहचान
उनकी दूरदर्शिता के कारण ही रेमंड आज भारत की प्रमुख फैशन और टेक्सटाइल कंपनियों में गिनी जाती है।
एविएशन के प्रति जुनून
विजयपत सिंघानिया को उड़ान भरने का बेहद शौक था। वे केवल शौकिया पायलट ही नहीं थे, बल्कि एविएशन के क्षेत्र में कई रिकॉर्ड भी बनाए।उन्होंने हॉट एयर बैलून से सबसे अधिक ऊंचाई तक उड़ान भरकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि भारतीय एविएशन इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
बेटे गौतम सिंघानिया के साथ विवाद
विजयपत सिंघानिया के जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब उनका अपने बेटे गौतम सिंघानिया Gautam Singhania के साथ कानूनी विवाद सुर्खियों में रहा।उन्होंने साल 2000 के आसपास कंपनी की बागडोर अपने बेटे को सौंप दी और अपनी लगभग 37% हिस्सेदारी भी उनके नाम कर दी थी। हालांकि बाद में पारिवारिक विवाद सामने आए, जो अदालत तक पहुंचे।
विवाद के मुख्य कारण
- संपत्ति और हिस्सेदारी का मुद्दा
- पारिवारिक मतभेद
- कंपनी के नियंत्रण को लेकर विवाद
बाद में यह विवाद सुलझ गया और परिवार ने आपसी समझ से मामले को समाप्त किया।
अंतिम संस्कार की जानकारी
विजयपत सिंघानिया के अंतिम संस्कार के लिए रविवार 29 मार्च 2026 को मुंबई में प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी।
अंतिम संस्कार कार्यक्रम
- प्रार्थना सभा: दोपहर 1:30 बजे
- स्थान: हवेली, एल. डी. रूपारेल मार्ग
- अंतिम संस्कार: दोपहर 3:00 बजे
- स्थान: चंदनवाड़ी श्मशान घाट
उद्योग जगत में शोक
विजयपत सिंघानिया के निधन की खबर के बाद उद्योग जगत में शोक की लहर है। कई उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि उन्होंने भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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