आईएमएफ ने भारत के लिए ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर किया 6.5%

Sandeep Kumar | Apr 14, 2026, 22:28 IST
IMF increases growth
आईएमएफ ने 2026 के लिए भारत की ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 6.5% किया। यह जनवरी के अनुमान से 0.1% अधिक है। भारत की मजबूत घरेलू मांग और कम होती टैरिफ दरें इसके लिए जिम्मेदार हैं।

News in Short

  • IMF ने भारत के लिए 2026-27 में 6.5% जीडीपी ग्रोथ का अनुमान जताया।
  • 2025 में भारत की ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान है, जो अक्टूबर से 1% ज्यादा है।
  • वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों से वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है।
  • 2026 में वैश्विक महंगाई 4.4% तक बढ़ने की संभावना है।
  • उभरते बाजारों की विकास दर 2026 में 3.9% रहने का अनुमान है।

News in Detail

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने भारत के आर्थिक प्रदर्शन पर भरोसा जताया है। 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 6.5% कर दिया गया है। यह जनवरी के अनुमान से 0.1% ज्यादा है। आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की ग्रोथ की मजबूती का कारण 2025 में आई रफ्तार है। बाहरी टैरिफ दबावों में कमी और घरेलू मांग की मजबूती भी प्रमुख कारण हैं। भारत के आर्थिक प्रदर्शन ने वैश्विक संकटों के बावजूद सकारात्मक रुख दिखाया है।



भारत का ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान

आईएमएफ के मुताबिक, भारत में 2025 के लिए ग्रोथ अनुमान 7.6% कर दिया गया है। यह अनुमान अक्टूबर के मुकाबले 1 फीसदी अंक बढ़ाया गया है। यह बढ़ोतरी दूसरी-तीसरी तिमाही के बेहतर नतीजों और चौथी तिमाही की मजबूत रफ्तार को दर्शाती है। आईएमएफ के डेटा और अनुमान वित्तीय वर्ष के आधार पर पेश किए जाते हैं।



वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों का जिक्र किया है। खासकर मिडिल ईस्ट में जारी संघर्षों को लेकर। इन संघर्षों के कारण व्यापार, ऊर्जा प्रवाह और वित्तीय स्थितियां प्रभावित हो रही हैं। इससे वैश्विक आर्थिक गति धीमी हो रही है। इन समस्याओं का असर उभरते बाजारों की विकास दर पर हो रहा है। महंगाई का जोखिम भी बढ़ गया है।



महंगाई का खतरा

आईएमएफ ने वैश्विक महंगाई में एक बार फिर वृद्धि की संभावना जताई है। 2025 में 4.1% के हेडलाइन इन्फ्लेशन के मुकाबले 2026 में यह बढ़कर 4.4% तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद 2027 में यह फिर से घटकर 3.7% पर आ जाएगी। यह वृद्धि विशेष रूप से ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण हो सकती है। वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है, खासकर उभरते बाजारों के लिए।



भारत के लिए सकारात्मक संकेत

आईएमएफ ने भारत की आंतरिक विकास दर में वृद्धि को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किया है। 2026-27 में भारत की ग्रोथ 6.5% रहने का अनुमान है। घरेलू मांग की मजबूती और टैक्स रेट में कमी से मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। यह संकेत भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में ठोस स्थान दिलाने में सहायक हो सकते हैं।



उभरते बाजारों के लिए मंदी का संकेत

आईएमएफ ने चेतावनी दी है कि उभरते बाजारों की विकास दर 2026 में 3.9% रहने का अनुमान है। हालांकि 2027 में इसमें रिकवरी का अनुमान है, और यह 4.2% तक पहुंच सकता है। खासकर एशिया की ग्रोथ रफ्तार में नरमी देखी जा रही है। चीन के लिए मामूली सुधार के संकेत हैं।



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