Independence Day 2024 : लाल किले से PM मोदी बोले- मेडिकल की 75 हजार नई सीट बनेंगी, देश में सेक्युलर सिविल कोड हो
Independence Day 2024 : देश आज 15 अगस्त 2024 को 78वां स्वतंत्रता दिवस (78th Independence Day) मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 11वीं बार लाल किले (Red Fort) से तिरंगा फहराया। लाल किले पहुंचने से पहले पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया। इस साल स्वतंत्रता दिवस की थीम विकसित भारत है। इसके तहत स्वतंत्रता के 100वें साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वतंत्रता दिवस 2024 के अवसर पर पीएम मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि अगले पांच साल में भारत में मेडिकल कॉलेजों में 75 हजार नई सीटें बनाई जाएंगी। विकसित भारत 2047 भी 'स्वस्थ भारत' होना चाहिए और इसके लिए, हमने राष्ट्रीय पोषण मिशन शुरू किया है।
उन्होंने कहा, आज सरकार खुद जनता की जरूरतें पूरी कर रही है। देश में 75 सालों से कम्युनल सिविल कोड है। अब देश को सेक्युलर सिविल कोड की जरूरत है।
लाल किले पर आर्मी हेलिकॉप्टर ने स्वतंत्रता दिवस के फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान फूल बरसाए।
कोलकाता रेप मर्डर पर बोले पीएम मोदी
लाल किले से पीएम मोदी ने कहा, कुछ चिंता की बात भी हमारे सामने आती है। समाज के नाते हमे इस विषय पर भी गंभीरता से सोचना होगा। मैं लाल किले की प्रचीर से अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहा हूँ। इसे राज्य सरकारों को भी गंभीरता से सोचना होगा। राक्षसी कृत्य करने वाले लोगों को जल्द से जल्द सजा हो, वो समाज में विश्वास पैदा करने के लिए जरूरी है।
पीएम ने आगे कहा कि, जब बलात्कार या महिला उत्पीड़न की घटना सामने आती है तो मीडिया उसकी बहुत चर्चा करता है लेकिन जब राक्षसी मनोवृत्ति वाले अपराधियों को सजा दी जाती है, फांसी होती है तो उसकी चर्चा कम ही होती है। समय की मांग है कि ऐसे पाप करने वालों को मिलने वाली सजा की भी चर्चा हो। ताकि ऐसी राक्षसी मनोवृत्ति रखने वालों में डर पैदा हो सके।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है। हम न केवल महिलाओं का सम्मान करते हैं, हम न केवल उनके लिए संवेदनशीलता से निर्णय लेते हैं, बल्कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए निर्णय लेते हैं कि सरकार माँ की अपने बच्चे को एक गुणवत्तापूर्ण नागरिक बनाने की आवश्यकताओं में बाधा न बने।
लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन शुरू करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। जय हिंद!.’
स्वतंत्रता दिवस के फुल ड्रेस रिहर्सल में तीनों सेनाओं के जवानों ने मॉक ड्रिल की।
देश में सेक्युलर सिविल कोड हो
लाल किले से पीएम मोदी ने कहा आजादी के बाद देशवासियों को माई-बाप कल्चर से गुजरना पड़ा। हमने गर्वनेंस के इस मॉडल को बदला। आज सरकार जनता की जरूरतें पूरी कर रही है। देश में 75 सालों से कम्युनल सिविल कोड है। अब देश को सेक्युलर सिविल कोड की जरूरत है। हमारे देश के बच्चों को विदेशों में मेडिकल की पढ़ाई के लिए जाना पढ़ता है। अगले पांच साल में 75 हजार नई मेडिकल सीटें बढ़ाई जाएंगे।
पीएम मोदी ने बांग्लादेश की घटना पर जताई चिंता
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि, एक पड़ोसी देश के तौर पर मैं बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ है, उसे लेकर चिंता को समझ सकता हूं। मुझे उम्मीद है कि वहां हालात जल्द से जल्द सामान्य हो जाएंगे। 140 की चिंता करोड़ों देशवासी वहां के हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें - भारत हमेशा चाहता है कि हमारे पड़ोसी देश समृद्धि और शांति के रास्ते पर चलें। हम शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं... । आने वाले दिनों में हम बांग्लादेश के लिए शुभकामनाएं जारी रखेंगे यह 'विकास यात्रा' है क्योंकि हम मानव जाति के कल्याण के बारे में सोचते हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजादी के दीवानों ने आज हमें आजादी के इस पर्व में स्वतंत्रता की सांस लेने का सौभाग्य दिया है। ये देश महापुरुषों का ऋणी है।
पीएम ने आगे कहा वो एक समय था, जब लोग देश के लिए मर-मिटने के लिए प्रतिबद्ध थे और आजादी मिली थी। आज का समय देश के लिए जीने की प्रतिबद्धता का है। अगर देश के लिए मरने की प्रतिबद्धता आजादी दिला सकती है, तो देश के लिए जीने की प्रतिबद्धता ‘समृद्ध भारत’ भी बना सकती है।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प करेंगे पूरा
लाल किले से पीएम मोदी ने कहा, विकसित भारत 2047 के लिए हमने देशवासियों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। हमें जो सुझाव मिले हैं, वे हमारे नागरिकों के सपनों और आकांक्षाओं को दर्शाते हैं। कुछ लोगों ने भारत को कौशल की राजधानी बनाने का सुझाव दिया, कुछ अन्य ने कहा कि भारत को विनिर्माण केंद्र बनाया जाना चाहिए और देश को आत्मनिर्भर बनना चाहिए। शासन और न्याय प्रणाली में सुधार, ग्रीनफील्ड शहरों का निर्माण, क्षमता निर्माण, भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन - ये नागरिकों की आकांक्षाएं हैं...जब देश के लोगों के पास इतने बड़े सपने होते हैं, तो यह हमारे आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है और हम और अधिक दृढ़ हो जाते हैं।