इंडिया गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कहा वोट चोरी हो रही, राष्ट्रपति ने मांगे सबूत
विपक्ष का दावा: राष्ट्रपति ने उनकी बातें मानीं
INDIA Alliance के नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। उन्होंने Vote Chori के मामले में दखल देने का आग्रह किया। नेताओं का दावा है कि राष्ट्रपति ने उनकी बातें स्वीकार कीं। इन नेताओं के मुताबिक राष्ट्रपति ने आरोपों से जुड़े सबूत भी मांगे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के मुताबिक यह मुलाकात पिछले चार दिनों से जारी आंदोलन का हिस्सा थी। विपक्ष ने इसी दौरान राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखी, लेकिन असली कहानी बैठक के भीतर की बातों में है।
राष्ट्रपति से मिले 10 नेता
इस गठबंधन की ओर से 10 नेता राष्ट्रपति से मिले। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी शामिल थे। राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी भी साथ थीं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला भी प्रतिनिधिमंडल में थे। वह जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री हैं। समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय भी साथ रहे। नेताओं ने राष्ट्रपति को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
इंडिया गठबंधन (INDIA – Indian National Developmental, Inclusive Alliance) ने ज्ञापन में तीखी भाषा रखी। इसमें कहा गया है कि देश में लोकतंत्र की खुलेआम हत्या हो रही है। गठबंधन ने राष्ट्रपति से दखल देने और मांगें मनवाने का आग्रह किया।
ज्ञापन में विपक्ष की मांगें
विपक्ष ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) पर तत्काल रोक भी मांगी गई है। तीसरी मांग सभी चुनाव मतपत्रों से कराने की है, यानी ईवीएम (EVM – Electronic Voting Machine) की जगह कागज के मतपत्र।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी आरोप लगाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि दोनों नेता चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर कर रहे हैं।
सोचिए एक बार। देश की चुनावी प्रक्रिया पर कितने गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
वोट चोरी पर खरगे ने क्या कहा
खरगे ने बताया कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों पर सबूत मांगे हैं। विपक्ष ये सबूत उन्हें उपलब्ध कराएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा। खरगे का आरोप है कि लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश हो रही है।
राहुल गांधी बोले, सबूत देंगे
राहुल गांधी ने बैठक को "अद्भुत" बताया। उनके मुताबिक राष्ट्रपति ने विपक्ष के उठाए मुद्दों को खारिज नहीं किया। उन्हें इस बात पर आश्चर्य हुआ कि राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातें स्वीकार कीं।
राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को नष्ट करने की साजिश रची है। ये आरोप विपक्ष के हैं और अभी साबित नहीं हुए हैं।
ममता बनर्जी ने क्या बताया
ममता के मुताबिक राष्ट्रपति का रुख नकारात्मक नहीं था। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह विपक्ष के उठाए मुद्दों पर गौर करेंगी।
विजय चौक पर क्यों रुका मार्च
मुलाकात से पहले विपक्षी नेताओं ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक की। वहां वोट चोरी के खिलाफ अभियान आगे बढ़ाने की रणनीति पर बात हुई। नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की मांग पर भी मंथन किया।
बैठक के बाद नेताओं ने राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च शुरू किया। पुलिस ने उन्हें विजय चौक पर ही रोक दिया। नेताओं के हाथ में विशाल बैनर था। उस पर सेव डेमोक्रेसी (लोकतंत्र बचाओ) लिखा था।
पुलिस ने रोका, पर नारे नहीं रुके
विपक्षी सांसद वहीं रास्ते पर बैठ गए। उन्होंने सरकार और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। गूंजता नारा था, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो।
संविधान सदन में कौन मौजूद थे
बैठक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू थे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले भी पहुंचीं। माकपा (CPI-M – Communist Party of India Marxist) के महासचिव एम.ए. बेबी मौजूद रहे। भाकपा (CPI – Communist Party of India) के महासचिव डी. राजा भी शामिल थे। निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल भी बैठक में थे।
अब सुप्रीम कोर्ट जाएगा विपक्ष
विपक्ष सोमवार को उच्चतम न्यायालय जाएगा। नेता प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात करेंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे। राष्ट्रपति के बाद अब न्यायपालिका के दरवाजे पर दस्तक होगी।
राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष ने पिछले कुछ दिनों की तरह दबाव बनाए रखा तो सरकार गिर जाएगी। यह उनका राजनीतिक दावा है। ऐसे में सबकी नजर इस पर है कि विपक्ष राष्ट्रपति को कब और क्या सबूत सौंपता है।
FAQ:
- भारत के इंडिया गठबंधन का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का कारण क्या था?
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से वोट चोरी के आरोपों पर दखल देने का आग्रह किया। उन्होंने राष्ट्रपति के समक्ष अपने आरोपों के लिए सबूत भी उपलब्ध कराने का वादा किया। - इंडिया गठबंधन ने राष्ट्रपति को कौन-सी प्रमुख मांगें सौंपी हैं?
इंडिया गठबंधन ने चार प्रमुख मांगें प्रस्तुत की हैं: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर रोक, सभी चुनाव कागजी मतपत्रों से कराने की मांग और प्रधानमंत्री मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह पर लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने के आरोप। - इस बैठक के बाद विपक्ष की अगली योजना क्या है?
बैठक के बाद विपक्ष सोमवार को उच्चतम न्यायालय जाने की योजना बना रहा है, जहां वे प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे।