सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन का सांकेतिक जन महाभियोग, राहुल गांधी ने की देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग
खरगे के घर बनी संसद, मीरा कुमार ने संभाली कमान
दिल्ली में शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर अनोखा नजारा देखने को मिला। उनके 10, राजाजी मार्ग स्थित बंगले के बगीचे को अस्थायी संसद का रूप दिया गया। यहां इंडिया गठबंधन के सांसदों और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सांकेतिक जन महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पुरानी लोकसभा जैसा माहौल बनाने के लिए लकड़ी के पैनल वाला बैकग्राउंड तैयार किया गया। कुर्सियां अर्धवृत्त (Semicircle) में लगाई गईं और वक्ताओं के बोलने के लिए माइक्रोफोन की व्यवस्था भी की गई।
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश कुमार और तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय को उपाध्यक्ष बनाया गया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। हालांकि, इस सांकेतिक कार्यक्रम को किसी अधिकारी को हटाने का संसदीय या कानूनी अधिकार नहीं था।
राहुल गांधी बोले- यह एक राजनीतिक हथियार है
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कार्यक्रम को एक राजनीतिक हथियार बताया। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल कथित चुनावी गड़बड़ियों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ किया जाएगा। राहुल ने कहा, यह सांसदों और आम नागरिकों की बैठक जैसी दिखाई दे सकती है। लेकिन असल में यह एक राजनीतिक हथियार है।
उनका आरोप था कि कुछ लोगों ने मिलकर देश के नागरिकों के वोट को बर्बाद किया। राहुल ने कहा कि इस तरह का कार्यक्रम शायद इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ होगा। उन्होंने दावा किया कि करीब 250 विपक्षी सांसद, नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि और पत्रकार यहां पहुंचे। राहुल के मुताबिक, जवाबदेही तय कराने के लिए विपक्ष के सामने संस्थागत रास्ते बंद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक हथियार भारत के लोगों को न्याय दिलाने का काम करेगा। संविधान और देश की जनता के प्रति यह विपक्ष की पवित्र जिम्मेदारी है।
ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की भी मांग की। राहुल ने कहा, मैं ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव का पूरी तरह समर्थन करता हूं। उन पर अदालत में देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए और न्याय मिलना चाहिए।" उन्होंने चुनाव अधिकारियों को भी चेतावनी दी।
राहुल का आरोप था कि कुछ अधिकारी मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आप उस संस्था के पीछे छिप रहे हैं, जिसकी रक्षा करने की शपथ आपने ली है। याद रखिए, आप हमेशा उस संस्था की आड़ में नहीं छिप सकते।
राहुल ने आगे कहा कि एक दिन संबंधित अधिकारियों को देश की जनता के प्रतिनिधियों का सामना करना होगा। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के पास ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग के पर्याप्त सबूत हैं।
राहुल का दावा- 13.3 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए
राहुल गांधी ने मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देशभर में 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। राहुल के मुताबिक, यह संख्या देश के कुल मतदाताओं की करीब 15 फीसदी है।
राहुल ने सवाल उठाया कि इतने मतदाताओं के नाम हटाकर 2024 के लोकसभा चुनाव को वैध कैसे बताया जा सकता है। हालांकि, राहुल गांधी के इन आंकड़ों और आरोपों की कार्यक्रम में स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई।
मीरा कुमार बोलीं- वोटरों के नाम हटाने पर जवाबदेही नहीं
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने मतदाता सूची का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। इस मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही भी तय नहीं हो रही है। मीरा कुमार ने कहा कि INDIA गठबंधन लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है। इसके बावजूद संबंधित संस्थाओं की ओर से जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। इसी वजह से गठबंधन ने ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव लाने का फैसला किया।
खरगे ने रखा प्रस्ताव, हाथ उठाकर किया समर्थन
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव पेश किया। समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रस्ताव का समर्थन किया। राहुल गांधी और कार्यक्रम में मौजूद दूसरे सदस्यों ने भी इसके पक्ष में हाथ उठाए। इसके बाद प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित घोषित किया गया। खरगे ने कहा कि यह प्रस्ताव एक संवैधानिक संस्था की गरिमा बचाने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त से हमारी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। हम चाहते हैं कि चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करे।
खरगे ने मोदी-शाह पर लगाए गंभीर आरोप
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर सत्ता में बने रहने के लिए गलत तरीके अपनाने का आरोप लगाया। खरगे के मुताबिक, सरकार राजनीतिक दलों में टूट, जांच एजेंसियों के दुरुपयोग और कथित चुनावी गड़बड़ियों का सहारा ले रही है।
खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। इसके साथ ही खरगे ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को रद्द करने की मांग की। उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया बंद करने की भी मांग उठाई।
ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए छह आरोप
INDIA गठबंधन ने अपने प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ छह आरोप लगाए। इनमें मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाने का आरोप शामिल है। विपक्ष ने बिना संसदीय निगरानी के फॉर्म-6 में बदलाव करने पर भी सवाल उठाए। ECINET के जरिए मतदाता सूचियों तक पहुंच सीमित करने का आरोप भी लगाया गया।
इसके अलावा दो अन्य चुनाव आयुक्तों को फैसले लेने की प्रक्रिया से बाहर रखने का आरोप लगाया गया। प्रस्ताव में ज्ञानेश कुमार पर चुनाव नतीजों को प्रभावित करने की आपराधिक साजिश में शामिल होने का आरोप भी है। विपक्ष ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों को अब तक किसी अदालत में साबित नहीं किया गया है।
बीजेपी बोली- यह संसद और लोकतंत्र का मजाक
INDIA गठबंधन के इस कार्यक्रम पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसे संसद और लोकतंत्र का मजाक बताया। उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस की कोशिशों पर भी तंज कसा। पात्रा ने कहा कि विपक्ष चाहे नकली संसद चलाए या मार्च निकाले, उसका राजनीतिक अभियान सफल नहीं होगा। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना ऐसे सैटेलाइट से की, जिसके पास उड़ान भरने के लिए ईंधन नहीं है। संबित पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष राहुल गांधी को जीवनभर के लिए नकली प्रधानमंत्री बना सकता है।
ममता की पार्टी ने भी उठाए SIR पर सवाल
कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस समेत दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं ने भी SIR का मुद्दा उठाया। उनका आरोप था कि इस प्रक्रिया के कारण पात्र मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। तृणमूल कांग्रेस की नेता सागरिका घोष ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाकर चुनाव को प्रभावित किया गया। स्वराज अभियान के प्रमुख योगेंद्र यादव ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को 'चीफ इलेक्शन कल्प्रिट' कहा। यह मुख्य चुनाव आयुक्त के अंग्रेजी पदनाम पर किया गया शब्दों का खेल था।
कार्यक्रम में कई विपक्षी नेता हुए शामिल
इस सांकेतिक महाभियोग कार्यक्रम में कई विपक्षी दलों के सांसद और प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें सीपीआई सांसद संदोष कुमार, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के सांसद सुदामा प्रसाद शामिल थे। निर्दलीय सांसद कपिल सिब्बल और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान ऐसे लोग भी मौजूद थे, जिन्होंने SIR प्रक्रिया में अपने नाम गलत तरीके से हटाए जाने का दावा किया।
रविवार को रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली
इंडिया गठबंधन ने दिल्ली में रविवार को एक बड़ी रैली करने की योजना बनाई है। यह रैली राजधानी के रामलीला मैदान में आयोजित की जाएगी। रैली से एक दिन पहले विपक्ष ने खरगे के आवास पर सांकेतिक जन महाभियोग का आयोजन किया। रैली में विपक्षी दल चुनाव आयोग की जवाबदेही और कथित चुनावी गड़बड़ियों का मुद्दा फिर उठाएंगे। इसके साथ ही मतदाता सूची के पुनरीक्षण और वोटरों के नाम हटाए जाने पर भी सवाल उठाए जाएंगे।