हॉर्मुज संकट के बीच भारत की बड़ी जीत : जग लाडकी' टैंकर के साथ 81 हजार टन कच्चा तेल मंगलवार को पहुंचेगा भारत
भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए राहत की खबर है। मंगलवार को एक बड़ा टैंकर, जो करीब 81000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा है, भारत पहुंचने वाला है। इस टैंकर का नाम 'Jag Laadki' है और यह UAE से 14 मार्च को रवाना हुआ था। यह जहाज मिडल-ईस्ट के Strait of Hormuz से गुजरकर भारत की ओर बढ़ रहा है, जहां भारतीय ध्वज तिरंगा लगा हुआ है। इस टैंकर का पहुंचना भारत के लिए महत्वपूर्ण है। यह टैंकर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व खतरनाक तेल मार्गों में से एक Strait of Hormuz से आ रहा है।
'होर्मुज' का रास्ता क्यों है इतना अहम?
अगर आप नक्शे पर देखें, तो फुजैराह पोर्ट होर्मुज के पास स्थित है, और यह रास्ता दुनियाभर में कच्चे तेल का लगभग 20% से 30% व्यापार संभालता है। इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की धमनी भी कहा जाता है। यह इलाका अब युद्ध के माहौल में बदल चुका है। यहां एक छोटी सी चूक वैश्विक तेल कीमतों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इस रास्ते की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।
'जग लाड़की' का सुरक्षित निकलना और भारत की रणनीति
'जग लाड़की' का इस संघर्ष क्षेत्र से बिना नुकसान के निकलना खास है, क्योंकि यह भारतीय नौसेना की सुरक्षा व्यवस्था और साइलेंट डिप्लोमेसी की सफलता को दिखाता है। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि पश्चिम एशिया में जो भी घटनाएं हो रही हैं, भारतीय जहाजों को सुरक्षित रखा जाए। इस सुरक्षित आवाजाही से यह साबित होता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित कर सकता है और संकट में भी उसका सामरिक प्रभाव मजबूत रहता है।
इसके अलावा, इस टैंकर के भारत पहुंचने से देश में कच्चे तेल की आपूर्ति को एक बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक है। भारत की तेल मांग लगभग 5.5 से 6 मिलियन बैरल प्रति दिन है, और इस टैंकर के आने से आपूर्ति के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
भारत की तेल जरूरतों का प्रमुख हिस्सा
भारत अपनी कच्ची तेल जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है। इन आयातों में अधिकांश तेल पश्चिम एशिया से आता है, और इन तेलों का अधिकांश हिस्सा Strait of Hormuz के रास्ते से भारत तक पहुंचता है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है, और इस पर किसी तरह का भी तनाव भारत की तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
कच्चे तेल का स्टॉक
सरकारी अधिकारियों ने यह भी बताया कि फिलहाल भारत के पास कच्चे तेल का पूरा स्टॉक है। भारत की रिफाइनरियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं, और इस टैंकर के आने से ऊर्जा आपूर्ति पर तत्काल दबाव कम होगा। टैंकर का 81,000 टन कच्चा तेल भारत की 3 घंटे की राष्ट्रीय खपत के बराबर है।
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