भारत में डेंगू की नई वैक्सीन जल्द होगी उपलब्ध, भारतीय कंपनी रेड्डीज के साथ जापान का समझौता

Arohi Raj | Sept 22, 2026, 18:18 IST
CDSCO की मंजूरी के बाद डेंगू की पहली वैक्सीन भारत में आने वाली है।
भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन आने वाली है। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। जापानी दवा कंपनी टाकेडा ने बड़ा कदम उठाया है। टाकेडा ने डॉ. रेड्डीज के साथ खास समझौता किया है। इस नई वैक्सीन का नाम QDENGA रखा गया है। यह वैक्सीन जल्द भारतीय बाजार में उतारी जाएगी। जुलाई में इसे आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। भारत के CDSCO ने यह मंजूरी दी है।

भारत में हर साल लाखों लोग डेंगू के संक्रमण का शिकार होते हैं। मानसून के दिनों में डेंगू का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके मुख्य लक्षण तेज बुखार और शरीर में दर्द हैं। प्लेटलेट्स अचानक कम होने से गंभीर स्थिति में मरीज की जान को खतरा हो सकता है। डेंगू की गंभीरता को देखते हुए जापान की टाकेडा कंपनी ने भारत में अपनी वैक्सीन उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है।



टाकेडा ने भारतीय कंपनी डॉ. रेड्डीज के साथ समझौता किया है। दोनों कंपनियां मिलकर निजी बाजार में वैक्सीन की आपूर्ति करेंगी। इस नई वैक्सीन से डेंगू के संक्रमण को कम करने में मदद मिलेगी। बताया जा रहा है कि साल 2027 के शुरुआती छह महीनों में वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। बाजार में आने से पहले इससे जुड़ी जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। यह वैक्सीन 4 से 60 साल की उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध होगी।





कैसे काम करती है नई वैक्सीन?

इस नई वैक्सीन का वैज्ञानिक नाम TAK-003 है। इसे QDENGA के नाम से जाना जाता है। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप पर काम करती है। ये DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 हैं। वैक्सीन का उद्देश्य इन चारों प्रकार के डेंगू वायरस से होने वाली बीमारी से सुरक्षा प्रदान करना है।




मरीजों को लेने होंगे दो डोज

वैक्सीन की पूरी खुराक दो डोज में दी जाती है। बेहतर सुरक्षा के लिए दोनों डोज लेना जरूरी है। पहली डोज के तीन महीने बाद दूसरी डोज दी जाती है। इस वैक्सीन का इस्तेमाल डॉक्टरों के लिए आसान है। इसे उन लोगों को भी लगाया जा सकता है, जिन्हें पहले कभी डेंगू नहीं हुआ है। वैक्सीन लगवाने से पहले किसी ब्लड टेस्ट की जरूरत नहीं होती। यह सुविधा इसे और भी उपयोगी बनाती है।






भारत में डेंगू का कितना बड़ा खतरा है?

भारत में डेंगू लंबे समय से एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। पिछले दो दशकों में देश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़े हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की ओर से किए गए अध्ययनों में भी देश के अलग-अलग हिस्सों में डेंगू वायरस के विभिन्न सीरोटाइप पाए गए हैं। भारत के कई राज्यों में डेंगू के चारों सीरोटाइप की मौजूदगी सामने आ चुकी है। ऐसे में डेंगू से बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।



टाकेडा ने इस वैक्सीन के लिए दुनिया के कई देशों में क्लिनिकल ट्रायल किए हैं। इन ट्रायल में 60 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। साल 2022 में QDENGA को पहली बार आधिकारिक मंजूरी मिली थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसके इस्तेमाल को लेकर सिफारिशें जारी की हैं।



दुनिया के कई देशों में इस वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब भारत में भी इसके उपलब्ध होने की तैयारी है, जिससे डेंगू से बचाव के लिए लोगों के पास एक नया विकल्प उपलब्ध हो सकेगा।




  1. डेंगू के वैक्सीन का नाम क्या है और यह कैसे काम करती है?
    डेंगू की वैक्सीन का वैज्ञानिक नाम TAK-003 है, जिसे QDENGA के नाम से जाना जाता है। यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) पर काम करती है और इसके द्वारा इन चारों प्रकार के डेंगू वायरस से सुरक्षा प्रदान की जाती है।
  2. टाकेडा वैक्सीन कब उपलब्ध हो सकती है और इसे कौन-कौन लोग ले सकते हैं?
    टाकेडा की डेंगू वैक्सीन 2027 के शुरुआती छह महीनों में उपलब्ध हो सकती है। यह वैक्सीन 4 से 60 साल की उम्र के लोगों के लिए उपलब्ध होगी।
  3. क्या वैक्सीनेशन के लिए किसी ब्लड टेस्ट की आवश्यकता होती है?
    नहीं, इस वैक्सीन के लिए वैक्सीनेशन से पहले किसी भी ब्लड टेस्ट की आवश्यकता नहीं होती है। यह सुविधा इसे और भी उपयोगी बनाती है।
Tags:
  • qdenga
  • डेंगू
  • जापान
  • वैक्सीन
  • भारतीय कंपनी
  • संक्रमण
  • बुखार
  • प्लेटलेट्स