देश में बढ़ी ज्यादा कमाई करने वालों की हिस्सेदारी: वाइट कॉलर जॉब में 14% उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी में भी तेजी
वाइट कॉलर नौकरी की मांग अक्टूबर में 14% बढ़ी, जिसमें ऑटोमोबाइल सेक्टर सबसे आगे रहा है। शेयर बाजार में सेंसेक्स निफ्टी चार दिन से चढ़ रहे हैं।
आयकर करदाता बढ़ रहे हैं
क्लियरटैक्स के ऑनलाइन टैक्स फाइलिंग प्लेटफॉर्म पर रिटर्न भरने वाला हर तीसरा व्यक्ति 20 लाख रुपए से ज्यादा कमाता है। 2026-27 में यह हिस्सेदारी 30.5% हो गई है। तीन साल पहले यह 22.5% थी। इससे पहले जनवरी 2026 की क्लियरटैक्स रिपोर्ट में 30 लाख रुपए से ज्यादा कमाने वाले सैलरीड टैक्सपेयर का हिस्सा 23.34% बताया गया था। यानी ऊंची आय वाला वर्ग लगातार बढ़ता दिख रहा है।
40 से 50 की उम्र में सबसे ज्यादा इनकम
रिपोर्ट के मुताबिक, 40 से 50 साल के 44% टैक्सपेयर की हर साल इनकम 20 लाख रुपए से ज्यादा है। इनमें पुरुषों का अनुपात 42% है और महिलाओं का 27%। इस उम्र में लोगों की कमाई सबसे ज्यादा होती है।फिर भी महिलाओं और पुरुषों के बीच का अंतर साफ दिखता है।
वाइट कॉलर नौकरियों में बढ़ी मांग
क्लियरटैक्स रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में दफ्तरों में काम करने वालों की मांग 14% बढ़ी है। यह बढ़त पिछले साल के मुकाबले दर्ज की गई। नौकरी डॉट कॉम की नौकरी जॉब स्पीक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक, रिक्रूटमेंट इंडैक्स दो हजार 836 पर पहुंच गया है। अक्टूबर 2025 में यह आंकड़ा दो हजार 480 था। सितंबर 2026 में यह बढ़त सिर्फ 2% थी। इसलिए आने वाले महीनों के आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी है।
ऑटो और मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा भर्तियां
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटोमोबाइल सेक्टर में सबसे ज्यादा भर्तियां हुई हैं। इस क्षेत्र में नौकरियों की मांग 36% बढ़ी है। वहीं, प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग में भी भर्ती बढ़ी है। यहां पदों की मांग में 39% का इजाफा हुआ। रिपोर्ट में भर्ती बढ़ने की वजह नहीं बताई गई है।
शेयर बाजार में चौथे दिन उछाल
रिपोर्ट के मुताबिक, तीन नवंबर को शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स एक हजार 225 अंक चढ़कर 76 हजार 917.85 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 370 अंक बढ़कर 23 हजार 810.85 पर पहुंच गया।
पिछले चार दिनों से शेयर बाजार में लगातार तेजी बनी हुई है। इस दौरान सेंसेक्स तीन हजार 672 अंक चढ़ा। यानी इसमें 5% की बढ़त दर्ज हुई। वहीं, निफ्टी में एक हजार 112 अंकों का उछाल आया। इसमें 4.89% की बढ़त दर्ज हुई।
बाजार में तेजी की तीन बड़ी वजहें
- कच्चे तेल के दाम: कच्चे तेल की कीमत घटकर 105 डॉलर पर आ गई।
- विदेशी निवेश: विदेशी निवेशकों ने बाजार में ज्यादा पैसा लगाया।
- कंपनियों का मुनाफा: सितंबर तिमाही में कंपनियों के नतीजे बेहतर रहे।
इन कारणों से शेयर बाजार में खरीदारी बढ़ी है। इससे बाजार को ऊपर जाने में मदद मिली। हालांकि, शेयर बाजार में तेजी हमेशा नहीं रहती है। इसमें कभी भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।
डॉलर के मुकाबले रुपया थोड़ा मजबूत हुआ
रिपोर्ट के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपया 9 पैसे बढ़कर 94.75 पर बंद हुआ। 9 पैसे की बढ़त छोटी है। फिर भी इससे बाजार में भरोसे का संकेत मिलता है। रुपया कमजोर रहता है, तो विदेश से आने वाला सामान महंगा पड़ता है।
आम लोगों के लिए क्या है इसका मतलब?
क्लियरटैक्स रिपोर्ट के मुताबिक इनकम, नौकरी और शेयर बाजार के ये आंकड़े आम लोगों से जुड़े हैं। ज्यादा लोगों की कमाई बढ़ना अच्छी बात है। इससे बाजार में खरीदारी भी बढ़ सकती है। वहीं, कंपनियों में रिक्रूटमेंट बढ़ने से युवाओं को मौके मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को इसका फायदा हो सकता है। शेयर बाजार में तेजी का फायदा इंवेस्टर्स को भी मिलता है। खासकर म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वालों को राहत मिल सकती है। हालांकि, बाजार की तेजी से हर परिवार को फायदा नहीं होता।
FAQs
- क्या सच में हर तीसरा करदाता 20 लाख रुपए से ज्यादा कमा रहा है?
क्लियरटैक्स के अनुसार, उसके प्लेटफॉर्म पर खुद रिटर्न भरने वाले लगभग हर तीन में से एक व्यक्ति की सालाना आय 20 लाख रुपए से अधिक है। यह आंकड़ा पूरी जनसंख्या का नहीं है, बल्कि प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ताओं का है। - वाइट कॉलर नौकरी की मांग में 14% बढ़त का क्या मतलब है?
नौकरी डॉट कॉम की Naukri JobSpeak रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर में वाइट कॉलर नौकरियों की मांग सालाना आधार पर 14% बढ़ी है। यह आंकड़ा नौकरी पोस्टिंग और रिक्रूटर की खोज के रुझान को दर्शाता है। - शेयर बाजार की तेजी से आम निवेशक को क्या समझना चाहिए?
सेंसेक्स और निफ्टी की चार दिनों की बढ़त को कच्चे तेल, विदेशी निवेश और कंपनियों के बेहतर नतीजों से जोड़ा गया है। निवेशकों को अपनी जरूरत और जोखिम को ध्यान में रखते हुए निवेश का फैसला करना चाहिए।