भारत की जमीन से ईरान पर हमले की सोशल मीडिया पोस्ट, विदेश मंत्रालय ने बताया फेक न्यूज

Jitendra Shrivastava | Mar 21, 2026, 19:56 IST
Photograph: (THESOOTR)
NEW DELHI. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि अमेरिका ने भारत से ईरान पर हमले के लिए भूमि मांगी, लेकिन विदेश मंत्रालय ने इसे फेक न्यूज बताया। साथ ही ऐसी झूठी खबरों से सावधान रहने को कहा।

News In Short

  • भारत से ईरान पर हमले के लिए अमेरिकी भूमि की अफवाह।
  • विदेश मंत्रालय ने फेक न्यूज को किया खारिज।
  • सोशल मीडिया पोस्ट में दावा कि अमेरिका ने मांगी अनुमति।
  • LEMOA के तहत भारत की सैन्य संपत्ति का इस्तेमाल।
  • मंत्रालय ने झूठी खबरों से सावधान रहने को कहा।

News In Detail

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए भारत की जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी। यह दावा कई जगहों पर फैल गया। हालांकि, विदेश मंत्रालय ने इसे फेक न्यूज करार देते हुए इसे खारिज किया। मंत्रालय ने नागरिकों से ऐसे झूठे दावों से सावधान रहने का आग्रह किया।



सोशल मीडिया पर फैली अफवाह

हाल ही में एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए भारत की जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी है।



यह पोस्ट एक पत्रकार से शुरू हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अमेरिका 'लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट' (LEMOA) के तहत पश्चिमी भारत का इस्तेमाल कर सकता है। इसके अलावा, कोंकण तट के पास समुद्र में तैनाती के बारे में भी अटकलें लगाई गईं।



ये खबर भी पढ़ें...



राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर किया हमला, शेयर बाजार और महंगाई पर दी चेतावनी



विदेश मंत्रालय ने किया खंडन

इस वायरल दावे पर विदेश मंत्रालय ने त्वरित प्रतिक्रिया दी और इसे पूरी तरह से खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि फेक न्यूज अलर्ट! कृपया सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी और बेबुनियाद खबरों से सावधान रहें!



मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई ऐसी घटना नहीं हुई है और न ही अमेरिका ने ऐसी कोई मांग की है। मंत्रालय ने नागरिकों से इस तरह की अफवाहों से बचने की सलाह दी।



ये खबर भी पढ़ें...



भारत की बिना संपर्क युद्ध योजना: डिफेंस बजट पर 2.19 लाख करोड़ का निवेश



क्या थी यह फेक न्यूज?

यह वायरल खबर एक पत्रकार द्वारा किए गए दावे का परिणाम थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि अमेरिका ने भारत से एक सैन्य संसाधन को सहायता देने की अनुमति मांगी है।



इस पोस्ट में आगे दावा किया गया कि यह सैन्य संसाधन पश्चिमी भारत से ईरान पर बमबारी करने के लिए इस्तेमाल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना का कोई बर्थ इतना लंबा नहीं है कि वह किसी विमानवाहक पोत को समायोजित कर सके।



ये खबर भी पढ़ें...



SpaceX vs Blue Origin: एलन मस्क की कंपनी ने FCC से की शिकायत, जेफ बेजोस के सैटेलाइट प्रोजेक्ट पर उठाए सवाल



क्या है LEMOA

LEMOA (लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) एक द्विपक्षीय समझौता है, जो दोनों देशों के सैन्य उपकरणों और आपूर्ति के आदान-प्रदान के लिए बनता है।



हालांकि, इस समझौते के तहत किसी प्रकार की भूमि उपयोग की अनुमति नहीं दी जाती है, जैसा कि इस वायरल दावे में बताया गया था। विदेश मंत्रालय ने इसे गलत बताते हुए कहा कि इस तरह का कोई भी दावा आधारहीन है।



ये खबर भी पढ़ें...



एयरलाइंस ने सरकार के फैसले का किया विरोध! हवाई किराया बढ़ाने की तैयारी



पत्रकार ने क्या किया दावा?

यह दावेदार एक पत्रकार था, जिसने अपनी पोस्ट में लिखा था कि अमेरिका के सैन्य संसाधनों को पश्चिमी भारत से ईरान पर बमबारी के लिए अनुमति दी गई है।



इस पोस्ट में भारतीय नौसेना के एक विमानवाहक पोत की तैनाती के बारे में भी कुछ संदिग्ध बातें कही गईं। उन्होंने दावा किया कि पोत कोंकण तट के पास लंगर डालेगा। यह दावा पूरी तरह से बेतुका था, जैसा कि विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया।



विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से इस अफवाह को खारिज किया और नागरिकों से ऐसे झूठे दावों से सावधान रहने की अपील की। मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी कोई घटना नहीं घटी और यह केवल एक फर्जी समाचार था। मंत्रालय के आधिकारिक फैक्ट-चेक अकाउंट ने इस पूरे मामले का खंडन किया, जिससे लोगों को सचेत किया गया।





Tags:
  • भारत
  • अमेरिका
  • विदेश मंत्रालय
  • ईरान
  • फेक न्यूज
  • सोशल मीडिया पोस्ट