सेमीकॉन इंडिया में बोले PM मोदी- भारतीय चिप की दुनियाभर में सप्लाई शुरू
समझें क्या है पूरा मामला...
- भारत बनेगा सेमीकंडक्टर हब, PM मोदी ने किया ऐलान।
- भारतीय चिप्स अब दुनियाभर में सप्लाई होना शुरू हुईं।
- चिप की कमी से फोन और कार महंगे हुए।
- सेमीकंडक्टर मिशन फेज 2 में 1.18 लाख करोड़ का लक्ष्य।
- 600 कंपनियां, 40 देश, दिल्ली में सेमीकॉन इंडिया 2026 शुरू।
PM मोदी ने दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया ( semicon india) 2026 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि भारतीय चिप्स अब दुनियाभर के बाजारों तक पहुंचने लगी हैं।
इसी साल चिप की कमी से आईफोन और कार महंगे हुए हैं। सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा फेज भी लॉन्च किया है। कार्यक्रम में 600 से ज्यादा कंपनियां और 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
सरकार भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। गुरुवार को दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया के पांचवें एडिशन की शुरुआत हुई। इस मौके पर PM मोदी खुद मौजूद रहे।
PM मोदी ने कहा कि भारत की इकोनॉमी लगातार बढ़ रही है और साथ ही दुनिया का भारत पर भरोसा भी मजबूत हो रहा है। उनके मुताबिक भारत के प्लांट्स से निकलने वाली सेमीकंडक्टर चिप्स अब देश और दुनिया के बाजारों तक पहुंचने लगी हैं।
दशकों में बनती है यह क्षमता
PM मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में सिर्फ फैक्ट्री लगाने से काम पूरा नहीं होता। इसकी टेक्नोलॉजिकल कैपेबिलिटी बनाने में दशकों लगते हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग और टेस्टिंग कैपेबिलिटी पर एक साथ काम किया।
इसी वजह से देश को इस क्षेत्र में सफलता मिली है। दरअसल, इस साल चिप की कमी और बढ़ती कीमतों का सीधा असर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पर दिखा है। एपल ने सितंबर 2026 में भारत में कुछ आईफोन मॉडल की कीमतें 41% तक बढ़ाई थीं। कार और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी चिप की कमी लगातार बनी रही।
सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा फेज शुरू
भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा फेज शुरू कर दिया है। पहले फेज की वैल्यू करीब 70,400 करोड़ रुपए थी। दूसरे फेज के लिए 1.18 लाख करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया है।
PM ने AI को सक्षम बनाने वाली नई टेक्नोलॉजी पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक कंपाउंड सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग और सिलिकॉन फोटोनिक्स को इकोसिस्टम में शामिल करना जरूरी है।
सप्लाई चेन मजबूत करने पर जोर
सरकार सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए कई रिफॉर्म कर रही है। PM ने इक्विपमेंट कंपनियों के नेताओं से इन अवसरों का फायदा उठाने की अपील की।
अब इंटरनेशनल कंपनियां भारतीय स्टार्टअप्स, डिजाइन फर्म्स और OCI (Overseas Citizen of India) के स्वामित्व वाली संस्थाओं के साथ सहयोग कर सकेंगी। इसके लिए सरकार पॉलिसी, फंडिंग और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में जरूरी बदलाव कर रही है।
PM ने कहा कि जब भारत जैसा बड़ा देश किसी इंडस्ट्री में सफलता हासिल करता है, तो इससे पूरी वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि आज जब सप्लाई चेन को हथियार बनाया जा रहा है, इसका महत्व और बढ़ जाता है।
युवाओं और उद्योगों से की खास अपील
PM मोदी ने AI डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाली चिप्स के लिए ऊर्जा सुरक्षा को भी जरूरी बताया। इन सेंटरों में हजारों हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर एक साथ बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेस करते हैं।
उन्होंने भारत में रिसर्च कर रहे युवाओं से आगे आने की अपील की। साथ ही विदेशों में रिसर्च कर रहे युवाओं से भारत में एडवांस टेक्नोलॉजी के विकास से जुड़ने को कहा। इंडस्ट्री लीडर्स से भी देश में रिसर्च और डेवलपमेंट बढ़ाने की अपील की गई।
PM ने कहा कि भारत में फैबलेस कंपनियां बढ़ें और चिप से जुड़ी बौद्धिक संपदा भी यहीं तैयार हो। उन्होंने टेप-आउट का जिक्र करते हुए बताया कि डिजाइन पूरा होने के बाद चिप उत्पादन के लिए भेजी जाती है, लेकिन उसी दिन अगली बेहतर चिप पर काम शुरू हो जाता है।
600 से ज्यादा कंपनियां लेंगी हिस्सा
17 से 19 सितंबर तक चलने वाले सेमीकॉन इंडिया 2026 की थीम 'सिलिकॉन से सिस्टम तक: इकोसिस्टम का निर्माण' रखी गई है। इसमें सेमीकंडक्टर कंपनियों के साथ निवेशक, रिसर्चर, स्टार्टअप, शिक्षाविद और छात्र भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम का खास आकर्षण 'सैंड टू सिलिकॉन टू सिस्टम्स' रहेगा। इसमें चिप बनने से लेकर तैयार इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम तक की पूरी प्रक्रिया दिखाई जाएगी। इस बार 600 से ज्यादा प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
एएसएमएल, एप्लाइड मैटेरियल्स, टेराडाइन, इन्फिनियन, एनएक्सपी, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, माइक्रॉन, लैम रिसर्च, सीजी पावर, एडवांटेस्ट और टोक्यो इलेक्ट्रॉन जैसी बड़ी कंपनियां यहां निवेश और तकनीक पर चर्चा करेंगी। प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन भी होंगे।
देश में 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
सरकार ने अब तक देश में 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इनमें से पहले चरण में मंजूर तीन इकाइयों में व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू हो चुका है। केंद्र सरकार ने सेमीकॉन 2.0 को भी मंजूरी दी है, जिसका फोकस देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने पर है।
चिप डिजाइन को भी मिल रहा बढ़ावा
सरकार के मुताबिक 400 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्टअप्स को EDA (Electronic Design Automation) टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 24 स्टार्टअप्स को DLI (Design Linked Incentive) योजना के तहत मंजूरी दी गई है।
इसके जरिए देश में चिप डिजाइन और इससे जुड़ी तकनीक पर काम करने वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य चिप सप्लाई के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना है।
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