सरकार ने चांदी के आयात पर लगाई रोक, अब लाइसेंस के बिना नहीं ला पाएंगे सिल्वर बार
News in Short
- आयात के लिए सरकारी लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया।
- आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% किया गया।
- अप्रैल में चांदी आयात 157% बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हुआ।
- सरकार ने अवैध व्यापार रोकने और निगरानी बढ़ाने के लिए कदम उठाए।
- 99.9% शुद्ध सिल्वर बार अब प्रतिबंधित श्रेणी में।
News in Detail
भारत सरकार ने चांदी के आयात पर सख्ती बढ़ाई है। सिल्वर बार अब फ्री से प्रतिबंधित श्रेणी में आ गया है। 99.9% शुद्ध चांदी के आयात के लिए सरकारी लाइसेंस अनिवार्य होगा। यह नियम तुरंत लागू हो गया है। आयात शुल्क भी 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
सिल्वर बार आयात पर नई सख्ती
डीजीएफटी ने चांदी के आयात नियम तुरंत बदल दिए हैं। अब 99.9% शुद्ध चांदी वाले सिल्वर बार आसानी से आयात नहीं किए जा सकेंगे। सरकार ने इसे फ्री श्रेणी से रिस्ट्रिक्टेड श्रेणी में डाल दिया है। ऐसे आयात के लिए अब सरकारी अनुमति या लाइसेंस अनिवार्य होगा। आरबीआई के पहले के नियमों के अनुसार आयात आसान था, अब यह बदल गया है।
सरकार का मकसद और शुल्क वृद्धि
सरकार का मकसद चांदी के आयात पर निगरानी बढ़ाना है। हाल ही में कीमती धातुओं पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया। यह कदम बड़े व्यापार घाटे और अवैध आयात को रोकने के लिए उठाया गया है। विशेष रूप से सोने और प्लैटिनम के साथ मिश्रित चांदी भी इस नियम में शामिल है।
अप्रैल में चांदी आयात का उछाल
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में चांदी का आयात 157.16% बढ़कर 41.1 करोड़ डॉलर हो गया। पिछले वित्त वर्ष में चांदी का आयात लगभग 12 अरब डॉलर हुआ। मात्रा के हिसाब से यह 42% बढ़कर 7,334.96 टन रहा। इस बढ़ोतरी के कारण देश का व्यापार घाटा तीन महीने के उच्चस्तर 28.38 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
प्रतिबंधित श्रेणी के नियम
सिल्वर बार के आयात को प्रतिबंधित श्रेणी में डालने के बाद, अब सरकारी लाइसेंस अनिवार्य है। विदेश व्यापार महानिदेशालय की अधिसूचना के अनुसार यह नियम तुरंत प्रभाव से लागू हुआ। इससे आयात प्रक्रिया पर अधिक निगरानी रखी जा सकेगी और अवैध कारोबार रोका जाएगा।
क्या है सिल्वर बार?
सिल्वर बार 99.9% शुद्ध चांदी के ब्लॉक होते हैं। ये आयताकार या चपटे आकार के होते हैं। निवेश, सुरक्षित बचत और उपहार के लिए इस्तेमाल होते हैं। खरीदारी 10 ग्राम से 1 किलो तक के आकार में होती है।
चांदी के आयात को भी नियंत्रित किया जाएगा
सरकार लगातार बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा संतुलन के लिए कदम उठा रही है। पहले सोने के आयात नियम कड़े किए गए थे। अब चांदी के आयात को भी नियंत्रित किया जाएगा। सरकार चाहती है आयात केवल अधिकृत और तय नियमों के तहत हो। यह व्यापार घाटे को नियंत्रण में रखने के लिए किया जा रहा है।
DGFT के नए नोटिफिकेशन के अनुसार कुछ चांदी उत्पादों पर नियम लागू होगा। ITC कोड 71069221 और 71069229 के तहत यह आता है। पहले 99.9% शुद्ध सिल्वर बार 'Free' कैटेगरी में था। अब इन्हें प्रतिबंधित कैटेगरी में रखा गया है। यह RBI की गाइडलाइंस के तहत नहीं होगा।
भविष्य पर संभावित असर
आयात शुल्क और लाइसेंस नियम से चांदी के व्यापार और कीमतों पर असर पड़ सकता है। औद्योगिक उपयोग वाली चांदी पर असर अपेक्षाकृत कम हो सकता है। सरकार का यह कदम बाजार पर नियंत्रण बढ़ाने और व्यापार घाटे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आम आदमी पर तुरंत असर नहीं
इस फैसले से आम आदमी पर असर तुरंत नहीं दिखेगा। विदेशी चांदी मंगाना अब व्यापारियों के लिए आसान नहीं रहेगा। 'प्रतिबंधित' श्रेणी का मतलब आयात पूरी तरह बंद नहीं है। अब इसके लिए कागजी कार्रवाई और सरकारी मंजूरी जरूरी होगी। इससे सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
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