भारत के पास हर समय होगा तीन करोड़ बैरल कच्चा तेल: UAE के साथ PM मोदी की ऐतिहासिक डील

Sanjay Dhiman | May 16, 2026, 17:17 IST
Photograph: (the sootr)
PM मोदी और UAE की ऐतिहासिक डील से भारत के लिए हर वक्त रिजर्व रहेगा 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल। सरकार ने किया यूएई से साथ ₹41,000 करोड़ का बड़ा निवेश समझौता।

News in Short

  • भारत और UAE ने 3 करोड़ बैरल कच्चे तेल भंडारण का ऐतिहासिक समझौता किया।
  • अबू धाबी ने राष्ट्रीय तेल कंपनी ADNOC के माध्यम से भारत में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई।
  • UAE ने भारत में लगभग 41,000 करोड़ रुपए का निवेश करने पर सहमति दी।
  • रक्षा और शिपबिल्डिंग में सहयोग से भारत के शिपयार्ड और तकनीक मजबूत होंगे।
  • एआई और वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर से समुद्री व्यापार और तकनीकी विकास तेज होगा।

News in Detail

वैश्विक स्तर पर हर तरफ तनाव का माहौल बना हुआ है। समुद्री व्यापारिक मार्गों पर लगातार बड़े संकट मंडरा रहे हैं। ऐसे नाजुक वक्त में भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को पूरी तरह से अभेद्य बना लिया है।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE का एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण दौरा किया है। इस संक्षिप्त यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई ऐतिहासिक और गेम-चेंजर समझौते हुए हैं।



विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने खुद मीडिया के सामने आकर इस बड़ी कामयाबी की घोषणा की है। यूएई अब भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में सीधे 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल को हमेशा रिसर्व रखेगा।



ऊर्जा सुरक्षा में 70% का बड़ा इजाफा: अब संकट की नो टेंशन

राजनीतिक नजरिए से देखें तो यह भारत की अब तक की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत है। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी और भारतीय ऊर्जा कंपनियों में बड़ी सहमति बनी है।



  • वर्तमान भारत भंडार: 3.8 करोड़ बैरल
  • UAE से नया जुड़ाव: 3.0 करोड़ बैरल
  • कुल नया इजाफा: लगभग 70% की भारी बढ़ोतरी

आज के समय में भारत का रणनीतिक तेल भंडार करीब 3.8 करोड़ बैरल के आसपास है। इस नई मेगा डील के बाद इसमें सीधे 70 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। यह कदम किसी भी युद्ध या वैश्विक संकट की स्थिति में भारत के लिए मजबूत ढाल बनेगा।



इसके साथ ही देश में रणनीतिक गैस भंडार बनाने के लिए भी बड़े समझौते हुए हैं। दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी दोनों देशों ने हाथ मिला लिया है। अब देश में रसोई गैस की किल्लत की खबरें जल्द इतिहास बन जाएंगी।



देश में ₹41,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने सिर्फ तेल ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम पैसा भी कमाया है। आर्थिक मोर्चे पर भी भारत शानदार कामयाबी मिली है। यूएई ने भारत में 5 अरब डॉलर यानी करीब 41,000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी है।



इस बड़े निवेश प्लान के तहत 'एमिरेट्स एनबीडी बैंक' भारत के आरबीएल बैंक में पूंजी लगाएगा। वहीं अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी भारत के राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष में पैसा डालेगी। इसके साथ ही इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी भारत की प्रमुख सरमा कैपिटल में भारी निवेश करने वाली है।



इस भारी निवेश से देश के बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को नई ताकत मिलेगी। बाजार में नकदी बढ़ेगी और युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे। राजनीतिक तौर पर यह विपक्ष के बेरोजगारी वाले आरोपों पर सरकार का सबसे बड़ा जवाब है।



डिफेंस और शिपबिल्डिंग का नया 'गेम प्लान'

मोदी सरकार का फोकस हमेशा से देश की रक्षा प्रणाली को आत्मनिर्भर बनाने पर रहा है। दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाते हुए रक्षा साझेदारी को नई ऊंचाई दी है। इसके तहत रक्षा विनिर्माण और अत्याधुनिक मिलिट्री उपकरणों के क्षेत्र में साझा काम होगा।



भारत के शिपबिल्डिंग उद्योग को नई उड़ान देने के लिए भी बड़ा कांट्रैक्ट हुआ है। भारत की दिग्गज कंपनी 'कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड' और दुबई की 'ड्रायडॉक्स वर्ल्ड' साथ आए हैं। ये दोनों मिलकर भारत के वाडिनार में एक अत्याधुनिक 'शिप रिपेयर क्लस्टर' बनाएंगे। इसके साथ ही समुद्री क्षेत्र के विकास के लिए एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' भी बनेगा। अब भारत को अपने बड़े जहाजों की मरम्मत के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना होगा।



सुपरकंप्यूटिंग और वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर

तकनीकी क्षेत्र में भी इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने बहुत बड़े फैसले लिए हैं। भारत में एक नया और बेहद शक्तिशाली एआई-स्केल्ड सुपरकंप्यूटिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटर भारत के राष्ट्रीय एआई मिशन को एक बहुत नई रफ्तार देने वाला है।



इसके अलावा दोनों देशों के समुद्री बंदरगाहों को जोड़ने के लिए एक बड़ा फैसला हुआ है। 'मैत्री' (METRI) नाम का एक अत्याधुनिक वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर अब पूरी तरह चालू हो गया है। इस वर्चुअल कॉरिडोर से दोनों देशों के बीच होने वाला समुद्री व्यापार बहुत आसान होगा।



प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई पर हुए हालिया आतंकी हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने 'स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज' से जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही पर जोर दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि वैश्विक व्यापार के रास्तों में दादागिरी बर्दाश्त नहीं होगी।



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