Budget 2026: संविधान में कहीं नहीं है बजट शब्द, फिर कैसे पेश होती है रिपोर्ट?
Kaushiki | Jan 31, 2026, 16:03 IST
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बजट की तारीख और समयImage credit : Kaushiki
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। ये बजट अगले फाइनेंसियल ईयर 2026-27 (बजट 2026-27) के लिए सरकार की आर्थिक नीतियों और खर्चों का ब्लूप्रिंट तैयार करेगा। खास बात ये है कि भारत के इतिहास में पहली बार रविवार के दिन बजट भाषण पढ़ा जाएगा।
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बजट के तीन मेजर टाइप्सImage credit : Kaushiki
बजट मुख्य रूप से संतुलित (आय और खर्च बराबर), सरप्लस (आय अधिक, खर्च कम) और घाटे का होता है। भारत जैसे डेवलपिंग कन्ट्रीज में अक्सर घाटे का बजट ही पेश किया जाता है ताकि विकास कार्य न रुकें। संतुलित या सरप्लस बजट की स्थिति हकीकत में बहुत कम ही देखने को मिलती है।
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संविधान में बजट का नामImage credit : Kaushiki
हैरानी की बात है कि हमारे संविधान में कहीं भी बजट शब्द का जिक्र नहीं किया गया है। इसके बजाय संविधान के अनुच्छेद 112 में इसे एनुअल फाइनेंसियल स्टेटमेंट कहा गया है। ये डाक्यूमेंट्स सरकार की अनुमानित कमाई और खर्चों का एक औपचारिक लेखा-जोखा होता है।
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अनुच्छेद 112 का महत्वImage credit : Kaushiki
अनुच्छेद 112 के तहत ये राष्ट्रपति की जिम्मेदारी है कि वे हर साल संसद के दोनों सदनों में बजट रखवाएं। ये वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले साल 31 मार्च तक की ड्यूरेशन के लिए होता है। इसमें सरकार की राजस्व और कैपिटल रिसीट्स का पूरा डिस्क्रिप्शन जनता के सामने रखा जाता है।
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देश की आर्थिक दिशाImage credit : Kaushiki
बजट केवल सरकारी पैसों का हिसाब नहीं है। ये देश के विकास का एक ऐसा ब्राइट रोडमैप है जो हमारी जीडीपी और तरक्की की रफ्तार तय करता है। ये सरकार की ट्रांसपेरेंसी और एकाउंटेबिलिटी को पक्का करने के साथ-साथ आम आदमी को टैक्स में राहत और बेहतर भविष्य की उम्मीद देता है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स और रेटिंग एजेंसियों के लिए भी यह देश की आर्थिक दिशा को समझने का सबसे बड़ा और मजबूत पिलर है।
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बजट का इतिहासImage credit : Kaushiki
union budget 2026: बजट शब्द की कहानी बहुत पुरानी है जो फ्रेंच शब्द Bougette से निकली है। इसका मतलब होता है चमड़े का थैला। पहले के समय में वित्त मंत्री इसी थैले में सरकारी हिसाब-किताब लाते थे। लेकिन अब ये परंपरा डिजिटल टैब में बदल चुकी है। साल 2026 में इतिहास पहली बार खुद को दोहराएगा जब रविवार को देश का बजट पेश किया जाएगा।
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इनकम और एक्सपेंसेस का ब्यौराImage credit : Kaushiki
बजट के जरिए सरकार बताती है कि अपकमिंग एक साल में उसके पास पैसा किन सोर्सेज से आएगा। वो ये भी क्लियर करती है कि इस पैसे को किन-किन क्षेत्रों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य या रक्षा पर खर्च किया जाएगा। ये पूरी जानकारी वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा के पटल पर विस्तार से रखी जाती है।
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वेल्थ और एप्रोप्रिएशन बिलImage credit : Kaushiki
बजट को संसद में एक मनी बिल के रूप में पेश किया जाता है। इसका डिस्क्रिप्शन अनुच्छेद 110 में मिलता है। साथ ही, कंसोलिडेटेड फंड से पैसा निकालने के लिए सरकार को 'Appropriation Bill' (अनुच्छेद 114) पारित करवाना पड़ता है। बिना इसके सरकार जनता की गाढ़ी कमाई का एक रुपए भी खर्च नहीं कर सकती है।