एशिया कप 2026 जीतने के बाद भी ठुकराई ट्रॉफी, मोहसिन नकवी की जिद के आगे नहीं झुकी भारतीय महिला टीम

Aman Vaishnav | Sept 14, 2026, 12:48 IST
भारतीय महिला टीम ने ट्रॉफी लेने से किया इंकार
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर महिला एशिया कप अपने नाम कर लिया। वहीं दूसरी ओर एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर एशिया कप जीत लिया।
  • भारत ने एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।
  • नकवी ने सिर्फ श्रीलंका को चेक देकर मंच छोड़ दिया।
  • बीसीसीआई ने नकवी को दो विकल्प दिए थे, दोनों ठुकरा दिए गए।
  • सितंबर 2025 के पुरुष फाइनल में भी ऐसा ही विवाद हुआ था।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को दुबई में एक बड़ा खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 72 रनों से हराया। यह जीत महिला एशिया कप की ट्रॉफी लेकर आई। लेकिन जश्न के बीच एक बड़ा विवाद भी खड़ा हो गया।



फाइनल में भारत की बड़ी जीत

बता दें कि टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया। फाइनल में भी यही लय बरकरार रही। श्रीलंका को 72 रनों के बड़े अंतर से हराया गया। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि रही।



वहीं जीत की खुशी प्रेजेंटेशन सेरेमनी तक नहीं पहुंच पाई। भारतीय टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। नकवी पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं।



नकवी का विवादित रुख

भारत के कड़े रुख के चलते नकवी ने पूरा मामला अलग तरीके से संभाला। उन्होंने केवल उपविजेता श्रीलंका को चेक सौंपा। इसके बाद वह मंच से चले गए। भारतीय टीम को ट्रॉफी दिए बिना ही सेरेमनी खत्म हो गई।



टीम के कोच अमोल मजूमदार ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई का फैसला टीम के साथ है। उनका कहना था कि टूर्नामेंट अब खत्म हो चुका है और टीम चैंपियन बन चुकी है, यही सबसे बड़ी बात है।



मैच के अंतिम पलों में कैमरों में नकवी अन्य गणमान्य लोगों के साथ बैठे नजर आए। वह बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवाजीत सैकिया के करीब बैठे थे. मैच खत्म होते ही नकवी मंच पर पहुंचे। उन्होंने पहले श्रीलंकाई टीम को रनर-अप अवार्ड दिया। फिर कप्तान चमारी अट्टापट्टू को चेक सौंपा।



अट्टापट्टू ने चेक लेने के बाद परवेज महारूफ से कुछ बातचीत की। इसके तुरंत बाद सेरेमनी समाप्त कर दी गई। नकवी भी उसी वक्त मैदान से बाहर चले गए।



93ceceb2-c11


बीसीसीआई ने दिए थे दो विकल्प

बीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया ने मीडिया को पूरी घटना का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि भारत शुरू से ही नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने के खिलाफ था। इसके बावजूद नकवी को दो विकल्प दिए गए थे।



पहला प्रस्ताव यह था कि एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी भारतीय टीम को ट्रॉफी सौंपें। दूसरा विकल्प यह था कि विजेता बोर्ड का अपना प्रतिनिधि ही ट्रॉफी दे। यह हाल की परंपरा के मुताबिक भी सही था।



सैकिया के अनुसार नकवी ने दोनों प्रस्ताव सीधे खारिज कर दिए। वह इस बात पर अड़े रहे कि ट्रॉफी वही सौंपेंगे। Indian women's cricket team भी अपने रुख पर कायम रही और ट्रॉफी नहीं ली।



पिछले विवाद की पृष्ठभूमि

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब ऐसा विवाद हुआ हो। सितंबर 2025 में पुरुष एशिया कप के फाइनल में भी यही स्थिति बनी थी। भारत ने पाकिस्तान को हराया था। दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों के चलते भारतीय टीम ने तब भी नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था।



उस समय भारत ने अमीरात क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष से ट्रॉफी दिलाने का अनुरोध किया था। नकवी ने वह मांग भी ठुकरा दी थी। विवाद बढ़ने के बाद एसीसी अधिकारी ट्रॉफी और मेडल लेकर मैदान से चले गए थे। उस दिन भारतीय खिलाड़ी एक घंटे से ज्यादा समय तक मंच पर इंतजार करते रहे थे।



उस घटना के बाद से भारत को अब तक वह ट्रॉफी नहीं मिली है। नकवी का रुख हमेशा यही रहा कि कप्तान को सीधे उनके हाथों से ट्रॉफी लेनी होगी।



a7e44300-60f


ये खबरें भी पढ़िए...

कौन हैं ODI क्रिकेट में इतिहास रचने वाली जेमिमा रोड्रिग्स, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के 8वें वर्ल्ड कप सपने को तोड़ा?



MP में बनेंगे 140 नए स्टेडियम और 52 टैलेंट सेंटर, 1,965 करोड़ से बदलेगा खेलों का सिस्टम



50 लाख की आबादी से निकले बड़े-बड़े स्टार, न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम का इतिहास कर देगा हैरान



विराट कोहली: क्रिकेट के महारथी, डेब्यू से लेकर 82 शतक तक, जानिए उनका शानदार सफर



Tags:
  • बीसीसीआई
  • एशिया कप
  • भारतीय महिला टीम
  • Indian women's cricket team
  • भारतीय टीम