अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस : भारत में बाघों की संख्या 10 साल में 65 % बढ़ी, जानें कैसे हुई थी इस दिन की शुरुआत?
Pratibha ranaa | Jul 29, 2024, 10:31 IST
International Tiger Day
बाघों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। PM नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक कार्यक्रममन की बात में बाघों के संरक्षण पर बात की थी।
आज 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस ( International Tiger Day ) मनाया जाता है। टाइगर भारत का राष्ट्रीय पशु तो है ही, लेकिन दुनियाभर में सबसे ज्यादा टाइगर भारत में ही पाए जाते हैं। भारत में बाघों की संख्या 10 साल में 65 % बढ़ी है। 2014 में भारत में कुल 2,226 बाघ थे, जो अब बढ़कर 3,682 हो गए हैं।
विश्व बाघ दिवस इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य बाघों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
- कान्हा नेशनल पार्क(मध्य प्रदेश)- भारत के सबसे पुराने और सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यानों में से एक कान्हा नेशनल पार्क अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है। यहां बाघ, हिरण, भालू, और कई तरह के पक्षी भी देखने को मिलते हैं।
- पेंच नेशनल पार्क(महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश)- महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित पेंच नेशनल पार्क अपनी शांत और प्राचीन सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां भी बाघ, हिरण, भालू, और कई तरह के पक्षी भी देखने को मिलते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 2024 थीम
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 2024 का विषय बाघ संरक्षण और इन राजसी जानवरों के समक्ष आने वाले तात्कालिक खतरों, जैसे कि आवास की हानि, अवैध शिकार और मानव-वन्यजीव संघर्ष के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।
विश्व बाघ दिवस क्यों मनाया जाता है?
- बाघों के संरक्षण के लिए: बाघों की संख्या में लगातार हो रही कमी को रोकने और उनकी प्रजातियों को बचाने के लिए।
- जागरूकता फैलाने के लिए: लोगों को बाघों के महत्व और उनकी सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जागरूक करना।
- सरकारी नीतियों को मजबूत बनाने के लिए: बाघों के संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियां बनाने और लागू करने के लिए सरकारों को प्रेरित करना।
विश्व बाघ दिवस का इतिहास
- 2010 में प्रारंभ: विश्व बाघ दिवस को पहली बार साल 2010 में मनाया गया था।
- सेंट पीटर्सबर्ग सम्मेलन: रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुए अंतर्राष्ट्रीय बाघ सम्मेलन में इस दिन को मनाने का निर्णय लिया गया था।
- लक्ष्य: इस सम्मेलन में 2022 तक बाघों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया था।
बाघों के संरक्षण के लिए क्या करें?
- जंगलों को बचाएं: जंगलों को काटने से रोकें और वनरोपण को बढ़ावा दें।
- शिकार पर रोक लगाएं: बाघों का शिकार करना एक अपराध है, इसलिए इसे रोकने के लिए कदम उठाएं।
- जागरूकता फैलाएं: अपने आसपास के लोगों को बाघों के संरक्षण के महत्व के बारे में बताएं।
- सरकार को समर्थन दें: बाघों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों का समर्थन करें।
pratibha rana
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