अमेरिका फिर करेगा ईरान पर हमला! 50 हजार सैनिक तैनात, ईरान ने दी UAE-कुवैत को धमकी
समझें पूरा मामला...
- अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में 50 हजार सैनिक तैनात किए।
- पेंटागन ने ईरान पर हमले के कई विकल्प तैयार किए।
- ईरान ने होर्मुज में नया शिपिंग कंट्रोल सिस्टम बनाया।
- UAE और कुवैत को ईरान की कड़ी चेतावनी मिली।
- BRICS देशों में ईरान युद्ध पर कोई सहमति नहीं बनी।
ईरान अमेरिका जंग:अमेरिका अगले हफ्ते ईरान पर दोबारा सैन्य हमले की तैयारी में है। पेंटागन ने कई विकल्प तैयार किए हैं। मिडिल-ईस्ट में 50 हजार सैनिक, दो एयरक्राफ्ट कैरियर और दर्जनों युद्धपोत तैनात हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर संकट गहराता जा रहा है। अब अंतिम फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेना है।
अमेरिका की सैन्य तैयारी पूरी
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट (Middle East) में बड़ी सैन्य तैनाती कर दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन ने ईरान पर हमले के कई विकल्प तैयार किए हैं। अब अंतिम निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेना है।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई (Military Action) बढ़ाने की पूरी योजना तैयार है। अमेरिका के पास इस समय क्षेत्र में दो एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद हैं।
इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा नेवी डेस्ट्रॉयर और बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान भी तैनात हैं। करीब 5 हजार मरीन सैनिक और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के 2 हजार पैराट्रूपर्स आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
इस्फहान परमाणु साइट पर नजर
पेंटागन के विकल्पों में एक बेहद खतरनाक योजना भी शामिल है। इस योजना के तहत अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेज (Special Operation Forces) को जमीन पर उतारा जा सकता है। इसका मकसद इस्फहान परमाणु साइट में दबे एनरिच्ड यूरेनियम (Enriched Uranium) तक पहुंचना है।
हालांकि, अधिकारियों ने माना कि यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा होगा। इसमें भारी सैन्य नुकसान की भी आशंका है। इस विकल्प पर अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है।
होर्मुज संकट और ईरान का नया सिस्टम
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) में जहाजों की आवाजाही के लिए नया कंट्रोल सिस्टम तैयार कर लिया है।
यह सिस्टम जल्द ही लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत केवल उन्हीं व्यावसायिक जहाजों को गुजरने की अनुमति होगी जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे। यह कदम वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply) के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
UAE और कुवैत को ईरान की चेतावनी
ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने UAE और कुवैत को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इन देशों ने अपनी जमीन ईरान के दुश्मनों के लिए खुली छोड़ दी है।
मोखबर ने कहा कि ईरान ने अब तक संयम बरता है लेकिन यह संयम स्थायी नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ने अब तक अपनी पूरी ताकत नहीं दिखाई है। यह बयान क्षेत्रीय तनाव (Regional Tension) को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
ट्रम्प-जिनपिंग में सीमित सहमति
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के बीच ईरान युद्ध को लेकर बातचीत हुई। दोनों नेता इस बात पर सहमत हैं कि मौजूदा युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए। दोनों ने यह भी माना कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुला रहना चाहिए।
हालांकि, चीन ने युद्ध खत्म कराने में बड़ी भूमिका निभाने के कोई संकेत नहीं दिए। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि कूटनीति (Diplomacy) ही एकमात्र सही रास्ता है।
BRICS में मतभेद उजागर
नई दिल्ली में हुई BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान युद्ध को लेकर खुला मतभेद सामने आया। साझा बयान में स्वीकार किया गया कि सभी सदस्य देशों की सोच इस मुद्दे पर अलग-अलग है।
यह मतभेद BRICS की एकता (BRICS Unity) पर सवाल खड़े करता है। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्त्ज ने भी ईरान से तुरंत बातचीत की मेज पर आने की मांग की। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ईरान की घरेलू हालत बेहाल
युद्ध के बीच ईरान में आंतरिक स्थिति भी बिगड़ती जा रही है। ईरान के सरकारी टीवी पर IRGC ट्रेनर ने लोगों को AK-47 चलाने की ट्रेनिंग दी। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अली जैनिवंद ने माना कि देश में महंगाई (Inflation) बेकाबू हुई है।
अली ने कहा कि इसके लिए केवल युद्ध नहीं बल्कि घरेलू आर्थिक कमियां भी जिम्मेदार हैं। इराक ने अप्रैल में होर्मुज स्ट्रेट से करीब 1 करोड़ बैरल तेल निर्यात किया। इराक के नए तेल मंत्री ने रोजाना 50 लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
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