NATO देश की हरकतों से आगबबूला हुए ट्रंप, भारत को तेल देने की कही बात, गिर सकते हैं दाम
नाटो देशों पर क्यों भड़का अमेरिका?
ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी इस जंग को 83 दिन बीत चुके हैं, लेकिन शांति की जगह तनाव और बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने साफ कहा है कि इस युद्ध के दौरान नाटो देशों ने जैसा रुख अपनाया है।
इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बहुत ज्यादा निराश हैं। रूबियो ने खासतौर पर स्पेन का नाम लेते हुए कहा कि उसने संकट के इस समय में अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की मंजूरी नहीं दी।
रूबियो ने सवाल उठाया कि अमेरिका नाटो का हिस्सा इसीलिए है ताकि जरूरत पड़ने पर वह यूरोप और मिडिल ईस्ट इलाकों में अपने मिलिट्री बेस का इस्तेमाल कर सके।
वहीं अगर कोई देश मुश्किल वक्त में अमेरिका को अपने बेस ही इस्तेमाल नहीं करने देता, तो फिर वह नाटो में क्यों है? ट्रंप सरकार इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से देख रही है।
ईरान- अमेरिका युद्ध: 21 मई 2026 के बड़े अपडेट्स
1 ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जंग के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज में फंसे 1600 तेल जहाज जल्द निकलेंगे। इससे तेल के दाम गिरेंगे।
2 ईरान की नई धमकी
अमेरिका की धमकियों के बीच ईरान ने दावा किया कि उसके पास कई सीक्रेट, आधुनिक और अनटेस्टेड हथियार मौजूद हैं। अगली बार हमला हुआ तो बिना किसी संयम के जवाब दिया जाएगा।
3 अमेरिका-इजराइल में मतभेद
जंग के बीच ट्रंप और इजराइली पीएम नेतन्याहू में मतभेद की खबरें हैं। अमेरिका तनाव कम करके सीजफायर (Ceasefire) चाहता है, जबकि इजराइल दोबारा सैन्य कार्रवाई के पक्ष में है।
4 तेल पहुंचा 105 डॉलर के पार
सप्लाई रुकने की आशंका से ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव और अमेरिकी तेल भंडार घटने से बाजार में भारी चिंता है।
5 होर्मुज में टोल का विवाद
अमेरिका ने साफ कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुजएक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। ईरान ने वहां जहाजों से टोल वसूला, तो अमेरिका-ईरान के बीच कोई भी समझौता (Deal) होना मुश्किल हो जाएगा।
भारत को तेल बेचेगा अमेरिका
इस महासंकट के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिका भारत को उतनी ऊर्जा बेचने के लिए तैयार है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ाने को लेकर पहले से ही बातचीत चल रही है।
जानकारी के अनुसार रूबियो ने बताया कि अमेरिका इस समय रिकॉर्ड स्तर पर तेल और गैस का उत्पादन और निर्यात कर रहा है। अमेरिका चाहता है कि भारत उसके इस ऊर्जा निर्यात का एक बहुत बड़ा साझेदार बने ताकि भारत की जरूरतें पूरी हो सकें।
ईरान ने बातचीत के दावों को नकारा
वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत और यूरेनियम संवर्धन को लेकर चल रही मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि परमाणु मुद्दों पर जो भी खबरें मीडिया में आ रही हैं, वे भरोसेमंद नहीं हैं। ये सब सिर्फ अफवाहें और अटकलें हैं।
सीरिया पर इजराइल का हमला
कई दिनों से चल रही इस जंग का असर अब बाकी पड़ोसी इलाकों पर भी दिख रहा है। इजराइली सेना ने दक्षिणी सीरिया के डेरा प्रांत में आर्टिलरी यानी तोपों से हमला किया है।
सीरिया की सरकारी एजेंसी SANA के मुताबिक इस गोलाबारी में यरमूक बेसिन क्षेत्र के कृषि और जंगल वाले इलाकों को निशाना बनाया गया है।
इसके अलावा मारिया और अबदीन गांवों के बीच भी भारी गोलाबारी हुई है। राहत की बात यह है कि इस हमले में अभी तक किसी के घायल होने या मरने की खबर नहीं आई है।
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