ईरान ने ChatGPT से लिखवाया सीजफायर प्रस्ताव, जेडी वेंस का सनसनीखेज दावा
News in Short
- ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर अमेरिका से सहमति का दावा किया।
- अमेरिका ने पहले वर्जन को खारिज किया, दावा ChatGPT से लिखा गया।
- संघर्षविराम के दौरान ईरान ने लेबनान को शामिल करने की कोशिश की।
- ईरान ने युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की।
- इजरायल ने लेबनान पर बड़े हवाई हमले किए, 182 लोग मरे।
News in Detail
ईरान ने अमेरिका के साथ संघर्षविराम के लिए एक प्रस्ताव पेश किया। उसने इसे अपनी ऐतिहासिक जीत बताया। हालांकि, अमेरिका ने इसे खारिज कर दिया। उसने पहले वर्जन को ChatGPT से लिखने का दावा किया। इस मुद्दे पर भ्रम पैदा हुआ, क्योंकि वार्ता 11 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू होने वाली है।
अमेरिका 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर सहमत
ईरान ने बुधवार को संघर्षविराम के लिए प्रस्ताव पेश किया। उसने इसे अपनी ऐतिहासिक जीत बताया। ईरान ने दावा किया कि अमेरिका 10-सूत्रीय प्रस्ताव पर सहमत हो गया था। इस प्रस्ताव में युद्ध के नुकसान की भरपाई और यूरेनियम संवर्धन की अनुमति जैसी शर्तें थीं। अमेरिका ने इसे केवल बातचीत का आधार बताया और खारिज कर दिया।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि पहला 10-सूत्रीय प्रस्ताव ChatGPT से लिखा गया था। उन्होंने कहा कि स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर ने इसे तुरंत खारिज कर दिया। वेंस ने इसे "अतिवादी" और "बिना सार के" बताया। उनके अनुसार, ईरान के तीन वर्जन से यह भ्रम पैदा हुआ कि बातचीत का आधार क्या होगा।
संघर्षविराम पर विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच 11 अप्रैल से वार्ता शुरू होगी। इसमें संघर्षविराम पर चर्चा होगी। अमेरिका ने कहा कि उसने कभी लेबनान को संघर्षविराम में शामिल करने का वादा नहीं किया था। ईरान ने इसे प्रमुख शर्त के रूप में रखा था। इस बीच, इजरायल ने लेबनान में अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले किए। इस हमले में 182 लोग मारे गए और 900 से ज्यादा घायल हुए।
ईरान की विवादास्पद सीजफायर मांग
ईरान ने संघर्षविराम में लेबनान को भी शामिल करने की मांग की। यह मांग मध्य-पूर्व में संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक प्रमुख शर्त मानी जा रही थी। हालांकि, अमेरिका ने इसे खारिज कर दिया और कहा कि ऐसा कोई वादा कभी नहीं किया गया था। यह स्थिति ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ाने का कारण बनी।
अमेरिका की नीति और ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिका ने कहा कि वह ईरान के साथ युद्धविराम की स्थिति को सख्ती से निभाएगा। हालांकि, ईरान को चिंता है कि अगर लेबनान को इस संघर्षविराम में शामिल नहीं किया गया तो मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करना मुश्किल हो सकता है। इस बीच, इजरायल की एयरफोर्स ने लेबनान में भारी बमबारी की। इससे क्षेत्र में और अशांति फैल गई।
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