Iran-Israel War: ईरान युद्ध के बीच 20 हजार टन LPG लेकर भारत पहुंचा नया टैंकर ‘सिमी’
15 LPG जहाज सुरक्षित भारत पहुंचे
ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि में नया LPG टैंकर ‘सिमी’ 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत आया। यह 20 हजार टन गैस लेकर कांडला पोर्ट पहुंचा। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना और एजेंसियां सक्रिय रहीं। अब तक 15 LPG जहाज सुरक्षित भारत पहुंचे हैं।
राष्ट्रपति ट्रम्प के फैसले पर निर्भर
अमेरिका ईरान पर संभावित सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है। पेंटागन ने कई ऑप्शन तैयार किए हैं। 50 हजार सैनिक, एयरक्राफ्ट कैरियर और लड़ाकू विमान क्षेत्र में मौजूद हैं। अंतिम आदेश राष्ट्रपति ट्रम्प के फैसले पर निर्भर है।
परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह नकार दिया। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा था, जिसमें युद्ध खत्म करने, प्रतिबंध हटाने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का प्रस्ताव था, लेकिन ट्रम्प ने इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया।
इजाजत देने से इनकार
अमेरिका ने 4 मई को होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही शुरू करने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ लॉन्च किया था, लेकिन अगले ही दिन ट्रम्प ने इसे रोकने का आदेश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब ने अमेरिकी विमानों को अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया, जिससे ऑपरेशन रुक गया।
ईरान के प्रस्ताव को ठुकराया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक कार्यक्रम में ईरान को परमाणु हथियार न हासिल करने देने का अपना पक्ष दोहराया। ट्रम्प ने कहा कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होते तो यह इजराइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप के लिए विनाशकारी हो सकता था। इसके साथ ही उन्होंने ईरान द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया।
नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए ईरान को धमकी दी कि 'तूफान आने वाला है' और इसे कोई नहीं रोक सकता। वहीं, ईरान ने अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी को नाकाम बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। इसके साथ ही, मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें $126 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जो मार्च 2022 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है।
पाकिस्तान का झुकाव अमेरिका की ओर
ईरान और अमेरिका के बीच मिडल ईस्ट युद्ध को लेकर बातचीत का कोई ठोस परिणाम नहीं आ सका है। इस बीच, ईरानी संसद के एक प्रमुख नेता ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान हमेशा अमेरिका के पक्ष में खड़ा रहा है, और इसलिए उसे बातचीत के लिए निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
आर्थिक संकट की ओर इशारा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एकतरफा सीजफायर बढ़ाने के बाद ईरान के आर्थिक संकट की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि नाकेबंदी के कारण ईरान को हर दिन $500 मिलियन का नुकसान हो रहा है। वहीं, ईरान ने बातचीत के लिए नाकेबंदी हटाने की शर्त रखी है।
ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी जाएंगे
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर कुछ देर बाद पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे। उनका लक्ष्य ईरान के साथ बातचीत करना है ताकि युद्ध समाप्ति का कोई समझौता हो सके, लेकिन ईरानी डेलिगेशन के पाकिस्तान रवाना होने का अब तक कोई ऐलान नहीं हुआ है।
ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने शनिवार को अमेरिका पर तीखा हमला किया। उनका कहना है कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है और हालात बिगड़ सकते हैं।
अगर ईरान के जहाज होर्मुज स्ट्रेट से नहीं गुजर पाए, तो कोई भी अन्य देश वहां से नहीं गुजरने पाएगा। गालिबाफ ने अमेरिका की नाकेबंदी को गलत बताते हुए चेतावनी दी कि होर्मुज में माइन-क्लियरिंग जैसी कोई कार्रवाई सीजफायर का उल्लंघन मानी जाएगी और उसका जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका की चेतावनी का जवाब
ईरान ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया। यह कदम उस वक्त उठाया गया जब अमेरिका ने कहा कि उसकी नाकेबंदी जारी रहेगी। ईरान ने अमेरिका के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और चेतावनी दी कि जब तक नाकेबंदी रहेगी, जलमार्ग से आवाजाही को रोका जाएगा।
ईरान की नौसेना को भारी नुकसान
अमेरिका आज से होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य ईरान की तेल बिक्री को रोकना है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना को भारी नुकसान हुआ और 158 जहाज तबाह कर दिए गए हैं। नाकेबंदी के बाद तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं, जो अब 100 डॉलर प्रति बैरल के पार हैं।
ईरान की होर्मुज पर नियंत्रण की मांग
अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के कतर और अन्य बैंकों में रखे फ्रीज किए गए एसेट्स को रिलीज करने पर सहमति जताई, लेकिन शर्त रखी कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलकर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। ईरान ने अपने दस सूत्रीय प्लान के तहत सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने और होर्मुज पर नियंत्रण की मांग की है।
ट्रम्प बोले- समझौता लागू होने तक सेना तैनात रहेगी
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर की तीन अहम शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया, जिसके बाद बातचीत बेकार घोषित की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी कि जब तक समझौता लागू नहीं होता, सेना तैनात रहेगी।
ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान किया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ईरान द्वारा सुरक्षित खोलने के वादे पर यह सीजफायर किया गया है। वहीं ईरान ने ट्रंप द्वारा उसकी 10 शर्तें मानने पर सीजफायर मानने पर राजी होने की बात कही है।
IDF का एक्स पर बयान
इजराइल ने मंगलवार को ईरान में अपनी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अगले 12 घंटों तक ट्रेन से यात्रा न करें। इजराइली सेना (IDF) ने एक्स प्लेटफॉर्म पर बयान जारी कर कहा कि इस दौरान रेलवे पटरियों से भी दूर रहें, क्योंकि यह आपकी जान के लिए खतरा बन सकता है।
अगले 48 घंटे अहम
ईरान और अमेरिका के बीच जारी जंग को रोकने के लिए आज एक अहम सहमति बन सकती है। पाकिस्तान ने दोनों देशों को एक सीजफायर प्रस्ताव सौंपा है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का प्रस्ताव भी शामिल है। इस अस्थायी समझौते का नाम 'इस्लामाबाद अकॉर्ड' रखा गया है, और अगले 48 घंटे अहम होंगे।
मिसाइल साइट और परमाणु प्लांट भी निशाना
शनिवार को इजराइल ने ईरान के दक्षिणी खुजेस्तान प्रांत के महशहर पेट्रोकेमिकल जोन पर हवाई हमले किए, जिसमें वायुसेना ने एयर डिफेंस, मिसाइल साइट्स और परमाणु प्लांट को निशाना बनाया। इस हमले में पांच लोग घायल हो गए, जबकि बुशहर परमाणु प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। एक म्यूजिक स्कूल भी तबाह हो गया।
इजराइल-अमेरिका ने 3800 करोड़ का पुल तोड़ा
ईरान-इजराइल युद्ध:ईरान ने मिडिल ईस्ट के कुवैत, UAE, सऊदी अरब और जॉर्डन में स्थित 8 प्रमुख पुलों की लिस्ट जारी की है और उन्हें नष्ट करने की धमकी दी है। ये पुल रणनीतिक रूप से अहम हैं। इससे पहले, इजराइल और अमेरिका ने ईरान के ₹3800 करोड़ में बने B1 ब्रिज को तबाह कर दिया।
खामेनेई के बाद सबसे ताकतवर अफसर की मौत
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने दावा किया है कि एक एयरस्ट्राइक में ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी मारे गए। अगर यह दावा सही साबित हुआ, तो वह ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के बाद सबसे ताकतवर अफसर होंगे, जिनकी मौत इस युद्ध में हुई है। हालांकि, ईरान ने अभी तक पुष्टि नहीं की है।
200 से ज्यादा लोगों की जान गई
तेहरान पर हुए ताजा हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में सियासी भूचाल आ गया है। पहले इजराइल की ओर से सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का दावा किया गया, जबकि ईरान ने इस खबर को सिरे से नकारते हुए उन्हें सुरक्षित बताया था।
वहीं, अब ईरानी मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है। बताय जा रहा है कि बढ़ते संघर्ष में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। साथ ही, इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी मारे गए हैं।
इतिहास का सबसे क्रूर व्यक्ति खामेनेई मारा गया- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस हमले के साथ ही खामेनेई की मौत का दावा कर दिया था। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा लिखा है कि इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई अब नहीं रहा। वह हमारे इंटेलिजेंस और उन्नत ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं पाया।
ट्रम्प ने आगे लिखा कि इजराइल के साथ मिलकर काम करते हुए, वह या उसके साथ मारे गए नेता कुछ नहीं कर सके। ईरानी लोगों के लिए यह सबसे बड़ा मौका है। हम सुन रहे हैं कि IRGC, मिलिट्री और सिक्योरिटी फोर्स अब लड़ना नहीं चाहते और हमारी मदद चाहते हैं। जैसा मैंने कल कहा, 'उन्हें इम्युनिटी मिल सकती है, लेकिन बाद में उन्हें मौत मिलेगी!'
उम्मीद है कि IRGC और पुलिस शांति से ईरानी देशभक्तों के साथ मिलकर काम करेंगे। इस प्रक्रिया को जल्दी शुरू किया जाएगा। खामेनेई की मौत के बाद देश पूरी तरह बर्बाद हो गया है। पूरी हफ्ते बिना रुके बमबारी चलती रहेगी या जब तक शांति का मकसद पूरा नहीं होता।
10 शहरों पर बड़ा हवाई हमला
मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। शनिवार सुबह इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान समेत 10 शहरों पर बड़ा हवाई हमला किया।
ईरान की राहत एजेंसी ईरानियन रेड क्रीसेंट सोसायटी के मुताबिक हमलों में कम से कम 201 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 747 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सबसे दर्दनाक घटना एक स्कूल में हुई, जहां मिसाइल गिरने से 85 छात्राओं की मौत और 45 के घायल होने की खबर है।
हमले में ईरानी रक्षामंत्री की मौत
न्यूज एजेंसी Reuters के सूत्रों के अनुसार दावा किया गया है कि इजराइली हमले में ईरानी रक्षामंत्री अमीर नासिरजादेह और रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपोर की मौत हो गई।
हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए की गई है।
दूसरी ओर ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और दुबई की ओर 400 मिसाइलें दागने का दावा किया है। क्षेत्र में सायरन बज रहे हैं और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं।
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