ईरान पर आज होने वाला हमला टाला, ट्रंप ने कहा- बड़ी डील को लेकर चल रही बातचीत

Amresh Kushwaha | May 19, 2026, 08:23 IST
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ईरान-इजराइल जंग के 81वें दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले बड़े अमेरिकी हमले को फिलहाल टाल दिया है। खाड़ी देशों की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच बड़ी डील को लेकर बातचीत शुरू हो गई है।

Iran Israel War Update: ईरान-इजराइल जंग अब 81वें दिन में पहुंच चुकी है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध टल गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा हमला रोक दिया है। खाड़ी देशों की अपील पर यह फैसला हुआ। फिलहाल दोनों देशों में गंभीर बातचीत चल रही है। ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।



समझौता न होने पर तुरंत हमला होगा। व्हाइट हाउस में आज यानी 19 मई को अहम बैठक होगी। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारी तनाव है। वहाँ हजारों जहाजों के रूट ब्लॉक हैं। करीब 20 हजार नाविक दहशत में हैं। युद्ध की जिद से ट्रंप घिर गए हैं। अमेरिका में उनकी लोकप्रियता काफी घट गई है। जनता महंगाई और पेट्रोल दामों से परेशान है। उधर ईरान का शेयर बाजार खुलने वाला है। आर्थिक नुकसान के डर से पैनिक फैला है। हमारी नजर पल-पल की अपडेट पर है।



ट्रंप बोले- अभी नहीं करेंगे हमला, बातचीत चल रही है

डोनाल्ड ट्रंप ने बताया है कि अमेरिका, ईरान पर एक बहुत बड़ा हमला करने की पूरी तैयारी में था, लेकिन फिलहाल इस प्लान को रोक दिया गया है। ट्रंप के मुताबिक, इस समय ईरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है।



व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि हम कल ही एक बहुत बड़ा हमला करने वाले थे, पर मैंने इसे कुछ समय के लिए टाल दिया है। उम्मीद है कि शायद अब हमला करने की जरूरत ही न पड़े, क्योंकि ईरान के साथ एक बड़ी डील को लेकर बातचीत चल रही है।



खाड़ी देशों की सिफारिश पर रुकी अमेरिकी सेना

ट्रंप ने आगे कहा कि अब देखना होगा कि इस बातचीत का क्या नतीजा निकलता है। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर भी बताया था कि कतर, सऊदी अरब और UAE (संयुक्त अरब अमीरात) के नेताओं ने उनसे अपील की थी कि वे सैन्य कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए रोक दें।



ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान के साथ कोई सही समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना किसी भी वक्त बड़े स्तर पर हमला करने के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि किसी भी समझौते की पहली और सबसे बड़ी शर्त यही होगी कि ईरान के पास परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) नहीं होने चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, यूरेनियम संवर्धन और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर चर्चा चल रही है।



इजराइल ईरान युद्ध: 18 - 19 मई 2026 के बड़े अपडेट्स

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी जंग और समुद्र में बढ़ती हलचल को आप इस आसान रिपोर्ट से समझ सकते हैं:



1. ईरान की दो टूक- हमारे तेवर देखने के लिए तैयार रहता अमेरिका

दूसरी तरफ, हमला टालने वाले ट्रंप के बयान पर ईरान ने भी कड़े तेवर दिखाए हैं। ईरान का कहना है कि उनकी सेना जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार थी और अमेरिका को ऐसा जवाब मिलता जो दोनों देशों के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया।



हैदराबाद में मौजूद ईरानी मिशन ने अपने ऑफिशियल X (ट्विटर) अकाउंट पर लिखा कि इसे कहते हैं चेकमेट (मात देना)। इसके बाद उन्होंने ट्रंप पर तंज कसते हुए पूछा कि फिर कोई आपको हारा हुआ क्यों न माने? जबकि अब व्हाइट हाउस में आपको एक विजेता की तरह पेश किया जा रहा है।



2. कतर, सऊदी और UAE ने क्यों बंधवाया धीरज?

ट्रंप का कहना है कि सऊदी अरब, कतर, UAE और कुछ अन्य देशों के लीडर्स ने उनसे गुजारिश की थी कि ईरान पर होने वाले हमले को 2-3 दिन के लिए टाल दिया जाए। खाड़ी देशों के इन नेताओं को पूरा भरोसा है कि ईरान के साथ कोई ऐसा समझौता या रास्ता निकल सकता है, जिसे अमेरिका और मिडिल ईस्ट के बाकी देश भी आसानी से स्वीकार कर सकें।



3. ट्रंप का अल्टीमेटम- मंगलवार को व्हाइट हाउस में आर-पार की बैठक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बातचीत में हो रही देरी से काफी खफा हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान को जो भी फैसला लेना है, जल्दी ले। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप को लगता है कि ईरान जानबूझकर वक्त बर्बाद कर रहा है और बात को खींच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्दी कोई समझौता नहीं हुआ, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।



खबर है कि इस सिलसिले में मंगलवार को व्हाइट हाउस में एक बड़ी और अहम बैठक हो सकती है, जिसमें अमेरिका ईरान के खिलाफ अपने अगले कदम पर चर्चा करेगा। इस मीटिंग में सैन्य कार्रवाई करने के ऑप्शन पर भी बात हो सकती है।



4. समंदर में फंसा बिजनेस, दहशत में जी रहे 20 हजार नाविक

मिडिल ईस्ट में चल रहे इस तनाव और टकराव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में करीब 1,500 कारोबारी जहाज (Commercial Ships) फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर 20 हजार से ज्यादा नाविक (Sailors) मौजूद हैं, जो भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।



डिफेंस एक्सपर्ट मार्टिन केली का कहना है कि इस समय सबसे बड़ा खतरा ईरान की मिसाइलों या ड्रोन हमलों का है। उनके मुताबिक, ईरान जहाजों को निशाना बनाने के लिए कोई एक तय पैटर्न फॉलो नहीं कर रहा है, इसलिए वहाँ से गुजरने वाला हर एक जहाज खतरे के साये में है।



5. 80 दिनों के सन्नाटे के बाद खुलेगा ईरान का शेयर बाजार

अमेरिका और इजराइल के साथ चल रही जंग की वजह से ईरान का शेयर बाजार पिछले करीब 80 दिनों से बंद था, जो अब इस हफ्ते दोबारा खुलने जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार खुलने के बाद ही पता चल पाएगा कि देश की आर्थिक हालत कैसी है और निवेशकों (Investors) का भरोसा कितना बचा है।



वियना की कंसल्टिंग फर्म यूरेशियन नेक्सस पार्टनर्स के एक्सपर्ट बिजन खाजेहपूर ने कहा कि बाजार खुलने के बाद स्थिति पर पैनी नजर रखनी होगी। उन्हें डर है कि कहीं घबराहट में आकर लोग तेजी से अपने शेयर न बेचने लगें ताकि वे कैश जुटा सकें। ईरान सरकार पहले से ही भारी आर्थिक दबाव झेल रही है, लेकिन उसे अब ऐसे कदम उठाने होंगे जिससे बाजार में पैनिक और भारी बिकवाली को रोका जा सके।



6. युद्ध की सनक ट्रंप पर पड़ी भारी, पॉप्युलैरिटी रेटिंग पाताल में

ईरान के साथ युद्ध की वजह से अमेरिकी नागरिक अपने राष्ट्रपति ट्रंप से काफी नाराज हैं और उनकी लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है। 'न्यूयॉर्क टाइम्स' और सिएना कॉलेज के एक सर्वे के मुताबिक, 63% लोग ट्रंप को नापसंद कर रहे हैं। इस वजह से उनकी पॉप्युलैरिटी रेटिंग गिरकर सिर्फ 37% रह गई है, जो उनके दूसरे कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है।



रिपोर्ट कहती है कि करीब दो-तिहाई अमेरिकियों का मानना है कि ट्रंप का ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का फैसला पूरी तरह गलत था। लोगों का कहना है कि इस जंग से फायदा कम और नुकसान ज्यादा हुआ है।



इसके अलावा, सर्वे में 64% लोगों ने कहा कि ट्रंप देश की अर्थव्यवस्था (Economy) संभालने में नाकाम रहे हैं। अमेरिका में महंगाई की वजह से जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है और फरवरी के बाद से पेट्रोल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। इस माहौल के कारण इस साल नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार का खतरा मंडराने लगा है। यहाँ तक कि निर्दलीय वोटर्स भी ट्रंप से पल्ला झाड़ रहे हैं। सर्वे की मानें तो अगर आज चुनाव हो जाएं, तो डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को रिपब्लिकन के मुकाबले 10% की बढ़त मिल सकती है।



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