ईरान-इजराइल युद्ध का 43वां दिन: अमेरिका और ईरान की बातचीत आज, ट्रम्प बोले- डील नहीं हुई तो फिर हमला करेंगे

Amresh Kushwaha | Apr 11, 2026, 07:58 IST
iran israel war updates 11 april am
ईरान-इजराइल जंग के 43वें दिन इस्लामाबाद में ऐतिहासिक शांति वार्ता होगी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधि परमाणु कार्यक्रम और सीजफायर पर चर्चा करेंगे।

Iran Israel War Update: ईरान-इजराइल जंग के 43वें दिन बड़ी खबर आई है। वहीं, जंग के बीच आज इस्लामाबाद में महा-बैठक होगी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी नेता आमने-सामने बैठेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसे बड़ी कूटनीतिक जीत बताया।



बातचीत में न्यूक्लियर प्रोग्राम और समुद्री रास्तों पर चर्चा होगी। सीजफायर की खबरों से कच्चे तेल के दाम गिर गए हैं। वहीं, भारत ने अब तक आठ लाख नागरिक सुरक्षित निकाल लिए हैं। ईरान ने लेबनान में शांति की शर्त भी रखी है। इस मुलाकात पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।



ट्रम्प की दोटूक चेतावनी: डील नहीं हुई, तो हमला होगा

एक तरफ जहां इस्लामाबाद में शांति की मेज सजी है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि यह बातचीत किसी ठोस नतीजे या डील तक नहीं पहुंचती, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई (हमला) करने से पीछे नहीं हटेगा।



अमेरिका और ईरान की ऐतिहासिक मुलाकात

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुशी जताते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए इस्लामाबाद को चुनना पूरे मुस्लिम जगत के लिए गर्व की बात है। शरीफ के मुताबिक, यह पाकिस्तान की मजबूत कूटनीति का ही नतीजा है कि जो देश कल तक युद्ध की कगार पर थे, आज मेज पर बैठकर मसले सुलझाने को तैयार हैं। उन्होंने इसे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की एक नई उम्मीद बताया है।



यूरेनियम से लेकर टोल टैक्स तक पर फंसा पेंच

बातचीत की मेज पर चार मुख्य मुद्दे हैं।



पहला है ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम, जहां अमेरिका चाहता है कि ईरान सारा यूरेनियम बाहर भेजे और अपनी फैसिलिटी बंद करे।



दूसरा है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (समुद्री रास्ता), जहां ईरान टोल मांग रहा है और अमेरिका इसे बिना किसी फीस के खुला रखना चाहता है।



साथ ही अमेरिका ईरान की मिसाइलों पर रोक लगाना चाहता है, जबकि ईरान की मांग है कि उसके ऊपर से सारे प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं और उसे मुआवजा मिले।



कौन-कौन बैठेगा बातचीत की मेज पर?

इस महा-बैठक में दिग्गजों का जमावड़ा लगने वाला है:



  • पाकिस्तान से: पीएम शहबाज शरीफ, आर्मी चीफ आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इशाक डार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आसिम मलिक।
  • अमेरिका से: उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, सीनियर एडवाइजर जारेड कुशनर, स्पेशल प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और सैन्य अधिकारी ब्रैड कूपर।
  • ईरान से: संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उप विदेश मंत्री मजीद तख्त रवांची।
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1. समुद्र में किसकी चलेगी? सीजफायर के बाद की तस्वीर

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीजफायर के बावजूद 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर ईरान का दबदबा कायम है। हाल ही में वहां से गुजरे 14 जहाजों में से 9 जहाज ईरान से ही जुड़े थे। हालांकि, अच्छी खबर ये है कि रास्ते खुल रहे हैं, लेकिन व्यापार अभी भी युद्ध से पहले वाले लेवल पर नहीं पहुंचा है। इसे पूरी तरह सामान्य होने में थोड़ा वक्त लगेगा।



2. तेल की कीमतों में लगी रिवर्स गियर

युद्ध थमने की खबरों के बीच तेल के बाजार से बड़ी राहत आई है। इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में करीब 13% की भारी गिरावट आई है। जो तेल हफ्ते की शुरुआत में 111 डॉलर प्रति बैरल था, वह अब गिरकर करीब 96 डॉलर पर आ गया है। हालांकि, यह अभी भी साल की शुरुआत के मुकाबले काफी महंगा है, लेकिन इस गिरावट ने महंगाई से थोड़ी राहत जरूर दी है।



3. घर वापसी: वतन लौटे 8 लाख से ज्यादा भारतीय

खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों को निकालने में पूरी ताकत झोंक दी है। अब तक 8.4 लाख से ज्यादा भारतीय सुरक्षित घर लौट चुके हैं। ईरान में फंसे 2,180 भारतीयों को आर्मेनिया के रास्ते निकाला गया है। कुवैत का एयरस्पेस बंद होने के कारण वहां से लोगों को सऊदी अरब के जरिए भारत लाया जा रहा है।



4. ट्रम्प का भरोसा: ईरान माने या न माने, रास्ता तो खुलेगा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस बातचीत को लेकर काफी सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने जेडी वेंस को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बातचीत के नतीजे जल्द आएंगे। ट्रम्प ने कड़े लहजे में यह भी कहा कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' हर हाल में खुलेगा, चाहे उसमें ईरान सहयोग करे या न करे।



5. ईरान का रुख: बात तो करेंगे, पर अमेरिका पर भरोसा नहीं

ईरानी प्रतिनिधिमंडल के नेता मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने साफ कर दिया है कि ईरान बातचीत के लिए तो तैयार है, लेकिन वह अमेरिका पर आसानी से भरोसा नहीं करेगा। उनका कहना है कि अमेरिका को अपनी ईमानदारी साबित करनी होगी। ईरान ने यह शर्त भी रखी है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं होता, अमेरिका के साथ असली बातचीत शुरू नहीं होगी।



6. इजराइल-लेबनान भी आएंगे करीब

क्षेत्र में शांति की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लेबनान और इजराइल के राजदूतों के बीच फोन पर सीधी बातचीत हुई है। अब अगले मंगलवार को वाशिंगटन में दोनों देशों के बीच पहली सीधी बैठक होगी। इसमें सीजफायर को स्थायी बनाने और शांति वार्ता की समय-सीमा तय करने पर चर्चा की जाएगी।



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