ईरान-इजराइल युद्ध का 46वां दिन: परमाणु प्रोग्राम पर ईरान और अमेरिका के बीच खींचतान जारी, शर्त पर अड़े
Iran Israel War Update: ईरान और इजराइल के बीच युद्ध अब बेकाबू हो गया है। आज जंग का 46वां दिन है। परमाणु प्रोग्राम पर ईरान और अमेरिका के बीच खींचतान जारी है। ईरान 5 साल का ब्रेक चाहता है। अमेरिका ने 20 साल की रोक की शर्त रखी है।
वॉशिंगटन में इजराइल और लेबनान के बीच वार्ता होगी। विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस बैठक में शामिल रहेंगे। अमेरिका ने समुद्र में 15 युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। तेहरान की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ट्रंप ने ईरान पर कड़े दबाव का दावा किया है। दुनिया की नजरें अब गुरुवार की अगली बैठक पर हैं।
ईरान बोला- 5 साल ब्रेक, अमेरिका अड़ा- 20 साल चाहिए
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु प्रोग्राम को लेकर खींचतान जारी है। इस्लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान ईरान ने प्रस्ताव दिया कि वह 5 साल तक अपना परमाणु प्रोजेक्ट रोक देगा। लेकिन अमेरिका को यह मंजूर नहीं है; न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि यह रोक कम से कम 20 साल की हो। इसी बात पर पेंच फंसा हुआ है।
इजराइल-लेबनान की मेज पर अब मार्को रुबियो
आज वॉशिंगटन में इजराइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत होने वाली है। खास बात यह है कि इसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो खुद मौजूद रहेंगे। अमेरिका की कोशिश है कि इजराइल की उत्तरी सीमा सुरक्षित हो जाए और लेबनान की संप्रभुता भी बनी रहे। अमेरिका का कहना है कि उनकी लड़ाई हिजबुल्लाह से है, लेबनान के आम लोगों से नहीं।
इजराइल ईरान युद्ध: 13 - 14 अप्रैल 2026 के बड़े अपडेट्स
1. क्या गुरुवार तक बनेगी बात? दूसरे दौर की तैयारी
पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में हुई पहली मीटिंग में कोई नतीजा नहीं निकला था, लेकिन बातचीत के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। खबर है कि गुरुवार तक दोनों देश फिर से आमने-सामने बैठ सकते हैं। इसके लिए इस्लामाबाद या जेनेवा को चुना जा सकता है। मकसद सिर्फ एक है—कैसे भी करके इस तनाव को खत्म किया जाए।
2. तेहरान की सड़कों पर गुस्सा, ट्रम्प की धमकी को बताया हवा
ईरान की राजधानी तेहरान में लोग अमेरिका और इजराइल के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी की धमकी दी है, जिसे ईरान के लोग 'खाली वादे' बता रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अमेरिका ईरान की ताकत से घबराया हुआ है और ये धमकियां उसकी लाचारी दिखाती हैं।
3. वॉशिंगटन में सीजफायर की कोशिश, पर शर्तें हैं कड़ी
आज अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम (सीजफायर) पर चर्चा होगी। हालांकि, रास्ता इतना आसान नहीं है। एक तरफ नेतन्याहू कह रहे हैं कि हिजबुल्लाह के खिलाफ एक्शन जारी रहेगा, तो दूसरी तरफ ईरान की शर्त है कि जब तक इजराइल हमले नहीं रोकता, तब तक कोई समझौता नहीं होगा।
4. समुद्र में बढ़ी हलचल, तैनात हुए 15 अमेरिकी युद्धपोत
मिडिल ईस्ट में माहौल काफी गर्म है। अमेरिका ने वहां अपने 15 युद्धपोत तैनात कर दिए हैं, जिनमें एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन भी शामिल है। यह तैनाती ईरान पर दबाव बनाने के लिए की गई है ताकि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को रोक दे और संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) वापस कर दे।
5. ईरान की दो-टूक: आग से न खेले अमेरिका
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज क्षेत्र में अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर रूस से बात की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अमेरिका के ये 'उकसाने वाले कदम' पूरी दुनिया की शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। ईरान का कहना है कि अगर दबाव बढ़ा, तो इसके नतीजे बहुत गंभीर होंगे।
6. ट्रम्प का दावा- झुक गया ईरान, अब समझौते की बारी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कहना है कि अमेरिकी दबाव और नाकाबंदी के बाद ईरान अब खुद समझौते के लिए मिन्नतें कर रहा है। ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर डेडलाइन तक समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के लिए अंजाम अच्छा नहीं होगा।
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