ईरान-इजराइल जंग का 13वां दिन: दोनों पक्षों के बीच हमले जारी, भारतीय शेयर बाजार में आई भारी गिरावट
Iran Israel War: ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध में दोनों पक्षों से हमले जारी हैं। युद्ध के 13वें दिन बहरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ईरान ने हमला किया, जिससे तेल टैंकों में भीषण आग लग गई। दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर अज्ञात प्रक्षेपास्त्रों से हमला हुआ, जिसमें तीन जहाज क्षतिग्रस्त हो गए। अमेरिका ने ईरान के 16 माइन-लेइंग जहाज नष्ट कर दिए हैं, जो तेल शिपिंग चैनल को खतरे में डाल रहे थे। इस घटना ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है।
बड़ी खबर विश्व अर्थव्यवस्था से है…
ईरान युद्ध का वैश्विक शेयर बाजारों पर गहरा असर पड़ा है। भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 75,911.10 अंक तक गिरा है, जबकि निफ्टी 500+ अंक नीचे आ गया। इससे निवेशकों की संपत्ति में 9-13 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
वैश्विक बाजारों में, अमेरिकी S&P 500 0.9-2.5% गिरा और Dow Jones में 400+ अंक की कमी आई। यूरोपीय और एशियाई बाजारों में भी 1-2% की गिरावट आई है। तेल कीमतों में वृद्धि से महंगाई का डर और बढ़ गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट ने तेल आपूर्ति को प्रभावित किया, जिससे एविएशन, टूरिज्म और उभरते बाजारों को नुकसान हुआ। सोने की कीमतें बढ़ीं और एयरलाइन शेयर 6% तक गिरे। विशेषज्ञ मंदी की चेतावनी दे रहे हैं।
Gemini saidइजराइल और ईरान के बीच तनाव अब एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष (युद्ध) का रूप ले चुका है, जिसमें अमेरिका भी सक्रिय रूप से शामिल है। मार्च 2026 की ताजा स्थिति के अनुसार, यह युद्ध न केवल मध्य पूर्व बल्कि भारत जैसी वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।
इजराइल ईरान युद्ध: 11 और 12 मार्च 2026 के 5 बड़े अपडेट्स
ईरान-इजराइल युद्ध के दौरान 11-12 मार्च 2026 को भारी हमले होते रहे और कूटनीतिक प्रयास भी जारी रहे। दुनिया के नेता इस संघर्ष को रोकने के लिए चिंतित थे, लेकिन कोई बड़ा और सफल कदम नहीं उठाया जा सका।
1. अमेरिका-इजराइल के भारी हमले
11 मार्च को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान पर अब तक के सबसे बड़े हमलों की घोषणा की। इजराइल ने तेहरान और बेरूत में दूसरे दौर के हमले किए, जबकि अमेरिका ने ईरान के नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया। ईरानी संसद के स्पीकर ने युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
2. ईरान की जवाबी कार्रवाई
11 मार्च को ईरान ने इजराइल के सैन्य खुफिया केंद्रों, हैफा के नौसैनिक अड्डे और रडार ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए। खाड़ी में मिसाइलें दागी गईं, जिनसे सऊदी अरब, कुवैत और यूएई प्रभावित हुए। इसके अलावा, अमेरिकी दूतावास पर भी हमला किया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के 16 माइन-लेयिंग (सुरंग बिछाने वाले) जहाजों को नष्ट कर दिया गया।
3. लेबनान में इजराइली हमले
11 मार्च को इजराइल ने बेरूत के रामदा होटल पर हमला किया, जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई। इस हमले का टारगेट ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर थे। लेबनान में अब तक 570 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 80 बच्चे भी शामिल हैं और 7.5 लाख लोग घर छोड़कर भाग गए हैं। 12 मार्च को हिजबुल्लाह के कमांड सेंटर और मिसाइल लॉन्चर को नष्ट कर दिया गया।
4. ट्रंप और नेतन्याहू के बयान
11 मार्च को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर अमेरिकी हमले के बाद अब वहां कुछ खास नहीं बचा है। उन्होंने ये भी कहा कि ईरानी हमले से अमेरिकी धरती को कोई खतरा नहीं है और होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करने की सलाह दी। वहीं, नेतन्याहू ने ईरानी जनता से आयतुल्ला शासन को उखाड़ फेंकने की अपील की।
5. कूटनीति और वैश्विक प्रतिक्रिया
11 मार्च को यूएनएससी (UNSC) में इजराइल और ईरान के दूतों के बीच जबरदस्त बहस हुई, जहां इजराइल ने ईरान पर परमाणु हथियार बनाने का आरोप लगाया। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कूटनीतिक तरीके से इस समस्या का हल निकालने की अपील की और यूएनएससी का विशेष सत्र बुलाया। आईईए (IEA) ने तेल भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल रिलीज करने की मंजूरी भी दे दी।
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