Iran War: ईरान से 1,200 भारतीयों को सुरक्षित निकाला, आर्मेनिया-अज़रबैजान के रास्ते चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

Pawan Modiya | Apr 02, 2026, 18:57 IST
Photograph: (the sootr)
Iran War के बीच भारत ने 1,200 भारतीयों को ईरान से सुरक्षित निकाला। आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते MEA ने चलाया बड़ा रेस्क्यू मिशन। इस निकासी अभियान में बड़ी संख्या में छात्र भी शामिल हैं, जो ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे थे।

पश्चिम एशिया में जारी Iran War (ईरान युद्ध) ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को गंभीर बना दिया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के कारण वहां रहने वाले हजारों विदेशी नागरिकों के सामने सुरक्षा संकट खड़ा हो गया है। ऐसे संवेदनशील समय में भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है।



Ministry of External Affairs (विदेश मंत्रालय) के अनुसार ईरान से लगभग 1,200 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया है। इन लोगों को आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते भारत वापस लाने की प्रक्रिया जारी है। इस निकासी अभियान में बड़ी संख्या में छात्र भी शामिल हैं, जो ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे थे।



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Iran War (ईरान युद्ध) के बीच भारत का रेस्क्यू ऑपरेशन

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने कई देशों के नागरिकों को प्रभावित किया है। युद्ध के कारण हवाई क्षेत्र में अस्थिरता, मिसाइल हमलों का खतरा और सुरक्षा स्थिति के बिगड़ने की आशंका लगातार बनी हुई है।



ऐसे माहौल में भारत सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष योजना बनाई। नई दिल्ली में आयोजित एक इंटर-मिनिस्ट्रीयल ब्रीफिंग में Randhir Jaiswal ने बताया कि सरकार ने तेजी से समन्वय कर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।



उन्होंने कहा:



845 छात्र सुरक्षित निकाले गए

निकाले गए लोगों में बड़ी संख्या भारतीय छात्रों की है। ईरान में कई भारतीय छात्र मेडिकल और तकनीकी शिक्षा के लिए जाते हैं। युद्ध की स्थिति बनने के बाद इन छात्रों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ गई थी।



विदेश मंत्रालय के अनुसार:



  • कुल निकाले गए भारतीय: 1,200+
  • छात्र: 845
  • अन्य नागरिक: कामगार, पेशेवर और परिवार

सरकार ने छात्रों को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित ट्रांजिट की व्यवस्था की।



Armenia Azerbaijan Route (आर्मेनिया-अज़रबैजान मार्ग) से निकासी

युद्ध के कारण कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा। इसलिए भारत ने स्थलीय मार्गों का इस्तेमाल किया।



विदेश मंत्रालय के अनुसार:



  • 996 भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया भेजा गया
  • 204 भारतीय नागरिकों को अज़रबैजान भेजा गया

इन दोनों देशों में भारतीय दूतावासों ने अस्थायी व्यवस्था कर नागरिकों की मदद की।



ट्रांजिट में दी जा रही सुविधाएं

भारत सरकार द्वारा नागरिकों को निम्न सुविधाएं दी जा रही हैं:



  • अस्थायी आवास
  • भोजन और मेडिकल सहायता
  • यात्रा दस्तावेज़ सहायता
  • भारत वापसी के लिए फ्लाइट व्यवस्था

भारतीय दूतावासों का समन्वय

निकासी अभियान को सफल बनाने के लिए भारत के विदेशी मिशनों ने अहम भूमिका निभाई। Ministry of External Affairs ने बताया कि ईरान, आर्मेनिया और अज़रबैजान में भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं। स्थानीय प्रशासन की मदद से नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।



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पीएम मोदी की वैश्विक कूटनीतिक पहल

पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए Narendra Modi ने कई वैश्विक नेताओं से बातचीत की। 28 मार्च को प्रधानमंत्री ने Mohammed bin Salman से फोन पर चर्चा की। इस बातचीत में पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति, ऊर्जा ढांचे पर हो रहे हमले, वैश्विक शिपिंग मार्ग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की निंदा की और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।



छह लाख से अधिक लोग लौटे भारत

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया क्षेत्र से 6 लाख से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं।



इनमें शामिल हैं:



  • प्रवासी भारतीय
  • छात्र
  • पर्यटक
  • व्यवसायी

हालांकि इनमें से कई लोग सामान्य यात्रा के तहत लौटे, लेकिन सुरक्षा स्थिति ने वापसी की गति बढ़ा दी।



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