छठ और दिवाली में यात्रा की प्लानिंग? IRCTC के इस नियम कोकरें फॉलो; मिलेगा कंफर्म टिकट
त्योहारों के समय बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से रेलवे टिकट बुकिंग के नियमों को समझना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है।
IRCTC से महीने में कितने टिकट बुक कर सकते हैं?
भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए IRCTC यूजर आईडी पर सीमा तय कर रखी है। यह सीमा आपकी ID के आधार वेरिफिकेशन पर निर्भर करती है।
सामान्य IRCTC ID से 12 टिकट
अगर आपकी IRCTC यूजर आईडी आधार से लिंक और वेरिफाइड नहीं है तो आप एक महीने में अधिकतम 12 टिकट बुक कर सकते हैं। इसमें अपने लिए ही नहीं, बल्कि परिवार या दूसरे यात्रियों के लिए की गई बुकिंग भी शामिल होती है।
यानी अगर आपने त्योहार के समय अलग-अलग तारीखों में 12 टिकट बुक कर लिए हैं तो अगले टिकट के लिए आपको लिमिट का ध्यान रखना होगा।
आधार वेरिफाइड ID से बुक कर सकेंगे 24 टिकट
अगर आपकी IRCTC यूजर आईडी आधार से वेरिफाइड है तो टिकट बुकिंग की सीमा बढ़कर 24 टिकट प्रति महीना हो जाती है। हालांकि 24 टिकट की सुविधा लेने के लिए एक और शर्त पूरी करनी होती है।
12 से ज्यादा टिकट बुक करने पर आपकी IRCTC ID आधार वेरिफाइड होनी चाहिए। साथ ही टिकट में शामिल यात्रियों में से कम से कम एक यात्री का आधार वेरिफिकेशन होना जरूरी है।
त्योहारों में परिवार के लिए टिकट बुक करते समय रखें ध्यान
दिवाली और छठ जैसे त्योहारों में लोग अक्सर पूरे परिवार के लिए एक साथ ट्रेन टिकट बुक करते हैं। ऐसे में टिकट की लिमिट जल्दी खत्म हो सकती है।
उदाहरण के लिए, अगर आपने जाने के लिए 5 टिकट, वापसी के लिए 5 टिकट और परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए 4 टिकट बुक किए हैं तो आपकी कुल बुकिंग 14 टिकट हो जाएगी।
अगर आपकी IRCTC ID सामान्य है तो 12 टिकट की तय सीमा पूरी हो जाएगी और आगे टिकट बुक करने में परेशानी आ सकती है।
IRCTC ID को आधार से कैसे करें लिंक?
ज्यादा टिकट बुक करने के लिए IRCTC अकाउंट का आधार वेरिफिकेशन कराया जा सकता है।
इसके लिए:
- IRCTC वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करें।
- My Account सेक्शन में जाएं।
- Aadhaar KYC विकल्प चुनें।
- आधार नंबर दर्ज करें।
- OTP के जरिए वेरिफिकेशन पूरा करें।
त्योहारों में कंफर्म टिकट क्यों नहीं मिलती?
दिवाली और छठ के समय ट्रेन टिकट की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों के साथ दिल्ली से पूर्वी राज्यों और मुंबई-गुजरात से जाने वाली ट्रेनों में सीटें जल्दी भर जाती हैं। ज्यादा यात्रियों की वजह से कई लोगों को कंफर्म टिकट की जगह वेटिंग टिकट मिलती है।
ट्रेन टिकट में वेटिंग के प्रकार समझें
ट्रेन टिकट बुक करते समय अगर सीट कंफर्म नहीं होती तो यात्रियों को वेटिंग टिकट मिलती है। यह वेटिंग भी अलग-अलग तरह की होती है। सबसे आम GNWL यानी General Waiting List होती है। यह उन यात्रियों को मिलती है, जो ट्रेन के शुरुआती स्टेशन या बड़े स्टेशनों से सफर शुरू करते हैं। इस वेटिंग के कंफर्म होने की संभावना आमतौर पर ज्यादा रहती है।
इसके अलावा RLWL यानी Remote Location Waiting List भी होती है। यह उन यात्रियों को मिलती है, जो ट्रेन के बीच के किसी स्टेशन से यात्रा शुरू करते हैं। वहीं PQWL यानी Pooled Quota Waiting List छोटे स्टेशनों या कुछ खास रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को दी जाती है। आसान भाषा में कहें तो आपकी वेटिंग किस तरह की है, इससे टिकट कंफर्म होने की संभावना पर भी फर्क पड़ सकता है।
ऑनलाइन वेटिंग टिकट का क्या होगा?
अगर IRCTC से बुक किया गया टिकट चार्ट बनने तक पूरी तरह वेटिंग में रहता है तो ऑनलाइन टिकट अपने आप कैंसिल हो जाता है। ऐसे मामलों में रेलवे नियमों के अनुसार किराया वापस कर दिया जाता है।
चार्ट बनने के बाद क्या होता है?
ट्रेन के रवाना होने से पहले रेलवे रिजर्वेशन चार्ट तैयार करता है। चार्ट बनने के बाद आपकी सीट की स्थिति साफ हो जाती है कि टिकट कंफर्म हुआ है या नहीं। अगर कोई सीट खाली रह जाती है तो उसे नियमों के अनुसार दूसरे यात्रियों को अलॉट किया जाता है। इसलिए ट्रेन पकड़ने से पहले अपना PNR स्टेटस जरूर चेक कर लेना चाहिए, ताकि यात्रा की सही जानकारी मिल सके।
तत्काल टिकट के नियम
त्योहारों के समय जब सामान्य टिकट नहीं मिल पाता है तो कई यात्री तत्काल टिकट बुक करते हैं। तत्काल टिकट के लिए रेलवे ने अलग समय और नियम तय किए हैं। AC क्लास के लिए तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे शुरू होती है, जबकि नॉन AC क्लास के लिए सुबह 11 बजे से टिकट मिलना शुरू होता है।
त्योहारों के दौरान तत्काल टिकट की मांग काफी ज्यादा रहती है, इसलिए कुछ ही समय में सीटें भर सकती हैं। रेलवे ने तत्काल बुकिंग में कुछ पाबंदियां भी लगाई हैं, ताकि टिकटों की कालाबाजारी को रोका जा सके।
तत्काल टिकट पाने के लिए ये बातें रखें ध्यान
- यात्री की जानकारी पहले से सेव रखें।
- IRCTC अकाउंट अपडेट रखें।
- आधार वेरिफिकेशन पूरा रखें।
- पेमेंट विकल्प तैयार रखें।
- समय से पहले लॉगिन करें।
क्योंकि त्योहारों के समय तत्काल टिकट कुछ मिनटों में खत्म हो सकते हैं।
क्या अपनी IRCTC ID से दूसरों के लिए टिकट बना सकते हैं?
हां, अपनी IRCTC ID से परिवार और परिचितों के लिए टिकट बुक किया जा सकता है। लेकिन अपनी निजी ID का इस्तेमाल टिकट बेचने या कमर्शियल बुकिंग के लिए नहीं किया जा सकता।
अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता पाया जाता है तो IRCTC ID ब्लॉक हो सकती है और रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई भी हो सकती है।
त्योहारों में रेलवे चलाती है स्पेशल ट्रेन
दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे कई बार स्पेशल ट्रेनें चलाता है। इन ट्रेनों की जानकारी यात्री IRCTC वेबसाइट, रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और NTES ऐप पर आसानी से देख सकते हैं। यात्रा की योजना बनाने से पहले स्पेशल ट्रेनों की जानकारी जरूर चेक कर लेनी चाहिए, ताकि टिकट और सफर में परेशानी न हो।
दिवाली-छठ यात्रा के लिए जरूरी बात
त्योहारों में ट्रेन टिकट की मांग सबसे ज्यादा रहती है। इसलिए आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय पहले से टिकट बुक करना बेहतर रहता है। IRCTC की टिकट लिमिट और रेलवे के नियमों की जानकारी होने से बुकिंग के समय परेशानी से बचा जा सकता है।