ट्रंप की पहल पर इजरायल-लेबनान संघर्ष में 10 दिनों का युद्धविराम
पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों को नई गति मिली है। गुरुवार को इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन का संघर्ष विराम लागू हुआ। यह जानकारी इजरायली मीडिया से मिली है। युद्धविराम दक्षिणी लेबनान में गुरुवार से लागू होगा। हिजबुल्ला ने कोई आश्वासन नहीं दिया है। शांति प्रयासों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
संघर्ष विराम की घोषणा
संघर्ष विराम की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने की थी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस फैसले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि युद्धविराम 10 दिनों के लिए लागू होगा। ट्रंप की पहल पर लेबनान के राष्ट्रपति जोसफ औन और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच सीधी बात हुई थी। पहले राष्ट्रपति औन ने इजरायली पीएम से बातचीत करने से इनकार किया था।
हिजबुल्ला की भूमिका
इजरायल और लेबनान के बीच शांति वार्ता में हिजबुल्ला की भूमिका अहम है। हिजबुल्ला ने संघर्ष विराम पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया। इससे शांति वार्ता की स्थिति उलझी हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति औन से फोन पर बात की है। उन्होंने शांति वार्ता के लिए अपनी इच्छा जताई है।
युद्धविराम का असर
इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष में 2,196 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। 12 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इजरायली सेना ने लेबनान के लिटानी नदी पर स्थित आखिरी पुल को ध्वस्त किया। यह पुल दक्षिणी लेबनान को देश से जोड़ता था। इजरायल ने हिजबुल्ला के 70 ठिकानों को निशाना बनाया। हिजबुल्ला ने 24 घंटे में इजरायली सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
चीन का भी हस्तक्षेप
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवागमन फिर से शुरू करने की अपील की। वांग ने कहा कि यह समुद्री रास्ता सभी देशों के हित में है। इसे खोलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ईरान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही जहाजों के सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन की गारंटी देना जरूरी है।
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