एआई से हफ्ते में 4 दिन काम और 3 लाख डॉलर सालाना कमाई? जेमी डिमोन ने बताया एआई का भविष्य
एआई का भविष्य क्या बता रहे डिमोन?
डिमोन के मुताबिक, एआई का भविष्य बहुत तेजी से बदलने वाला है। चीन समेत कई देशों में ओपन-सोर्स एआई मॉडल तेजी से फैल रहे हैं। ओपन-सोर्स मॉडल का कोड सभी के लिए खुला रहता है। इसी वजह से सरकारों के लिए इन पर नियंत्रण रखना मुश्किल होता जा रहा है।
डिमोन बोले, सरकारों के लिए रोकना मुश्किल
डिमोन के मुताबिक कंपनियों और सरकारों को तेजी से कदम उठाने होंगे। साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरों से निपटना जरूरी है। यह तकनीक कारोबारों और सरकारों के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
एआई से हफ्ते में 4 दिन काम कैसे?
डिमोन का मानना है कि AI से काम करने की क्षमता बढ़ेगी। इससे हफ्ते में साढ़े तीन से चार दिन काम करना पड़ सकता है। उनके मुताबिक, अगले 30 सालों में ऐसा संभव है। AI की वजह से चार दिन काम करने का विचार भी इसी अनुमान का हिस्सा है। जरा सोचिए, कम दिन काम करना और सालाना कमाई बढ़ना। लेकिन क्या हकीकत में ऐसा करना इतना आसान होगा?
3 लाख डॉलर सालाना कमाई का हिसाब
डिमोन के मुताबिक, सालाना 3 लाख डॉलर तक कमाई हो सकती है। भारतीय रुपए में यह करीब 2.5 करोड़ रुपए होते हैं। इसमें एक डॉलर की कीमत करीब 83 रुपए मानी गई है। यानी कम घंटे काम करके ज्यादा कमाई का अनुमान है। लेकिन इस तकनीक से एक बड़ा खतरा भी जुड़ा है।
एआई एजेंट से साइबर हमले का खतरा
डिमोन ने चेतावनी दी कि एआई एजेंट दिन-रात साइबर हमले कर सकते हैं। ये ऐसे सॉफ्टवेयर हैं, जो इंसानों की जगह खुद काम करते हैं। उनके मुताबिक, इससे कारोबारों और सरकारों दोनों को खतरा है।
बैंक खातों तक पहुंच का जोखिम
अगर एआई एजेंट को बैंक खाते की पहुंच मिली, तो खतरा बढ़ सकता है। एजेंट लोगों की ओर से भुगतान कर सकेंगे। अगर एजेंट यूजर के फायदे के हिसाब से काम नहीं करेंगे, तो जोखिम बढ़ सकता है। अब सोचिए, बैंक खाता आपका हो और फैसला एजेंट ले, तो क्या होगा?
बैंक ऑफ अमेरिका ने रखे एक हजार सलाहकार
बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक, बैंक ऑफ अमेरिका ने एक हजार बाहरी सलाहकार रखे थे। इनका काम उन्नत एआई मॉडल से सामने आई सॉफ्टवेयर की कमजोरियां दूर करना था। इससे वित्तीय क्षेत्र में एआई की सुरक्षा को लेकर चिंता का पता चलता है।
बड़ी टेक कंपनियों का 700 अरब डॉलर
डिमोन का बयान ऐसे समय आया है, जब बड़ी टेक कंपनियां एआई पर तेजी से पैसा लगा रही हैं। गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा ने इस साल बड़े निवेश की योजना बनाई थी। यह पैसा एआई के बुनियादी ढांचे को तैयार करने पर खर्च होना था।
इन कंपनियों का कुल पूंजीगत खर्च 700 अरब डॉलर से ज्यादा रहने का अनुमान था। पूंजीगत खर्च का मतलब मशीनों, डेटा सेंटर और इमारतों पर होने वाला खर्च है। भारतीय रुपए में यह रकम करीब 58 लाख करोड़ रुपए होती है। यहां एक डॉलर की कीमत करीब 83 रुपए मानी गई है।
इसी दौरान डिमोन ने साफ संदेश दिया। एआई को रोकना मुश्किल है, इसलिए इसके खतरों से निपटने की तैयारी जरूरी है। अब सवाल यह है कि तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, सुरक्षा भी उतनी तेजी से कैसे बढ़ेगी? इस बहस में डिमोन की बात बैंकों और आम लोगों, दोनों के लिए अहम है।
FAQ
- जेमी डिमोन ने एआई के भविष्य के बारे में क्या कहा है?
जेमी डिमोन का कहना है कि एआई का भविष्य तेजी से बदल रहा है, और इसे रोकने के बजाय उसके साथ उत्पन्न खतरों का सामना करना चाहिए। वह मानते हैं कि एआई का विकास औद्योगिक क्रांति से भी तेज है। - क्या एआई की मदद से हफ्ते में चार दिन काम करना संभव है?
जी हां, जेमी डिमोन का अनुमान है कि एआई की मदद से आने वाले 30 सालों में कर्मचारियों को हफ्ते में चार दिन काम करने की आवश्यकता हो सकती है। - एआई की वजह से साइबर सुरक्षा को लेकर क्या खतरनाक स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं?
डिमोन ने चेतावनी दी है कि एआई एजेंटों के जरिए साइबर हमले संभव हैं, जो इंसान की जगह खुद कार्य कर सकते हैं। यदि इन्हें बैंक खातों तक पहुंच मिली, तो यह बड़ी वित्तीय जोखिम उत्पन्न कर सकता है।