ट्रंप बने नारुतो तो जापान ने लगाई कूटनीतिक क्लास, कहा- एनीमे सिर्फ मनोरंजन नहीं
समझें क्या है पूरा मामला...
- अमेरिका के राजनीतिक प्रचार में जापानी एनीमे का इस्तेमाल किया।
- पोकेमॉन, इमेजिनेशन, मारियो जैसे नामों से जुड़े विजुअल्स अमेरिकी प्रचार में इस्तेमाल हुए हैं।
- जापानी कंपनियों ने इसे अवैध और कॉपीराइट का मामला बताया है।
- जापान ने कहा है कि एनीमे सांस्कृतिक संपत्ति हैं।
- इस विवाद ने एक नई बहस खड़ी कर दी है।
एनीमे का इस्तेमाल क्यों बना विवाद?
वैश्विक कूटनीति में एक अनोखा विवाद सामने आया है। जापानी संस्कृति की पहचान बन चुके एनीमे (Anime) और वीडियो गेम के किरदारों का इस्तेमाल अमेरिका के राजनीतिक प्रचार में किए जाने पर जापान ने आपत्ति जताई है।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सरकार की ओर से बनाए गए कुछ पोस्ट और वीडियो में जापानी एनीमे और गेम कैरेक्टर नजर आए हैं। इनमें पोकेमॉन, मारियो, नारुतो और युगीओ जैसे लोकप्रिय किरदारों से जुड़े विजुअल्स शामिल बताए गए हैं।
जापान ने इस तरह के इस्तेमाल को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। जापान ने कहा है कि जापानी कंपनियों और राइट्स होल्डर्स की अनुमति के बिना इनका राजनीतिक प्रचार में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
‘ट्रंप बने नारुतो’ से शुरू हुआ विवाद
इस विवाद का सबसे चर्चित हिस्सा एक ऐसा वीडियो बना है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एनीमे कैरेक्टर ‘नारुतो’ के रूप में दिखाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एआई से तैयार किए गए एक वायरल वीडियो में ट्रंप को प्रसिद्ध एनीमे कैरेक्टर ‘नारुतो’ के रूप में दिखाया गया है।
इसी तरह अमेरिकी प्रचार में जापानी पॉप-कल्चर से जुड़े दूसरे कैरेक्टर और विजुअल्स के इस्तेमाल पर भी सवाल उठे हैं।
इन पोस्ट्स पर भड़का जापान
| एनीमे/कैरेक्टर | इस्तेमाल का दावा |
|---|---|
| पोकेमॉन और इमेजिनेशन | अप्रवासियों पर सख्ती दिखाने वाले पोकेमॉन-थीम वीडियो में इस्तेमाल हुआ था। ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ कैंपेन में भी पोकेमॉन का इस्तेमाल बताया गया है। |
| मारियो और नासा मिशन | ‘आर्टेमिस 2’ मिशन के प्रमोशन में सुपर मारियो फुटेज का इस्तेमाल किया गया था। |
| नारुतो और ट्रंप | एआई से तैयार वायरल वीडियो में ट्रंप को ‘नारुतो’ के रूप में दिखाया गया था। |
| युगीओ और सेना | अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के प्रचार के लिए ‘युगीओ’ एनीमे के दृश्यों का इस्तेमाल किया गया था। |
जापानी कंपनियों ने क्या कहा?
जापानी कंपनियों और राइट्स होल्डर्स ने अमेरिकी राजनीतिक प्रचार से खुद को अलग किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित कंपनियों ने कहा है कि उनका इन राजनीतिक प्रचार सामग्रियों से कोई लेना-देना नहीं है।
पोकेमॉन कंपनी ने कहा है कि अमेरिकी वीडियो से उसका कोई लेन-देन नहीं है। वहीं युगीओ से जुड़े पक्ष ने भी कहा है कि उसके कार्ड्स और एनीमे स्टाफ इस तरह के राजनीतिक कंटेंट में शामिल नहीं हैं।
जापानी पक्ष ने यह भी साफ किया है कि इन लोकप्रिय कैरेक्टर और फ्रेंचाइजी का इस्तेमाल बिना अनुमति किए जाने पर कॉपीराइट (Copyright) और अधिकारों से जुड़े सवाल उठते हैं।
जापान के लिए एनीमे सिर्फ मनोरंजन नहीं
जापान की आपत्ति सिर्फ कॉपीराइट तक सीमित नहीं बताई गई है। जापान के लिए एनीमे, गेम्स और कार्टून उसकी मजबूत सांस्कृतिक संपत्ति का हिस्सा हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जापानी एनीमे और मंगा उद्योग का वैश्विक बाजार मूल्य 2026 तक लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान बताया गया है।
यानी एनीमे और गेम कैरेक्टर अब सिर्फ बच्चों के मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं। इनसे जुड़ी फ्रेंचाइजी दुनिया भर में बड़ा कारोबार करती हैं।
जापानी पॉप-कल्चर का कितना बड़ा कारोबार?
रिपोर्ट के मुताबिक, हेलो किटी, ड्रैगन बॉल और सुपर मारियो जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी ने मर्चेंडाइज, गेम्स और फिल्मों से 8.3 लाख करोड़ रुपए का ऑल-टाइम रेवेन्यू अर्जित किया है।
इसी वजह से जापानी कंपनियां इन कैरेक्टर के इस्तेमाल को लेकर काफी सतर्क रहती हैं। किसी राजनीतिक अभियान में इनका इस्तेमाल ब्रांड, कॉपीराइट और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े सवाल खड़े कर सकता है।
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