JPSC-JSSC भर्ती विवाद: झारखंड सरकार ने मानी आधी मांगें, तीन सदस्यों का इस्तीफा मंजूर
झारखंड में छात्रों का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। JPSC (JPSC – Jharkhand Public Service Commission) और JSSC (JSSC – Jharkhand Staff Selection Commission) की परीक्षाओं में धांधली को लेकर छात्र लंबे समय से सड़कों पर हैं। रविवार को सरकार और छात्रों के बीच तीसरे दौर की बातचीत हुई।
इस बैठक में सरकार ने छात्रों की करीब आधी मांगें मान लीं। लेकिन बाकी मुद्दों पर अभी भी गतिरोध बना हुआ है।
सरकार का बड़ा फैसला
छात्रों के अनुसार सरकार JPSC-PT परीक्षा रद्द करने पर राजी हो गई है। यह छात्रों की सबसे बड़ी मांगों में से एक थी।
हालांकि JSSC-CGL (CGL – Combined Graduate Level) परीक्षा रद्द करने पर अभी सहमति नहीं बनी। सरकार ने कहा है कि मामले की जांच एक रिटायर्ड जज करेंगे। यह जांच निष्पक्ष होने का भरोसा देने के लिए की जा रही है।
बातचीत में लोकसभा चुनाव लड़ चुके देवेंद्रनाथ महतो और छात्र गुट के 6 सदस्य शामिल हुए। इससे पहले शुक्रवार और शनिवार की बातचीत बेनतीजा रही थी।
JPSC में इस्तीफों की झड़ी
इसी बीच JPSC में बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया। आयोग के तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। ये नाम हैं अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा।
तीनों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा था। राज्यपाल ने इसे तुरंत मंजूर कर लिया। यह फैसला आंदोलन के बीच आया है, इसलिए इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।
सीएम बोले- चोरी पकड़ ली है
आदिवासी दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि नौजवान अपने अधिकार के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
सीएम ने कहा, "छात्र आंदोलन करें और अपने हक-अधिकार मांगें, क्योंकि हमने चोरी पकड़ ली है। नौजवानों को न्याय भी मिलेगा और जिन्होंने गड़बड़ी की है, उन्हें कठोर से कठोर दंड भी दिया जाएगा।"
अनशन से बिगड़ी तबीयत
देवेंद्रनाथ महतो 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। रविवार सुबह 3 बजे उनकी तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
बैठक के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा और संजय सिंह यादव ने वीडियो कॉल पर उनसे बात की। मंत्रियों ने अनशन खत्म करने का अनुरोध किया।
देवेंद्रनाथ ने मंत्रियों को धन्यवाद दिया, लेकिन साफ कहा कि जब तक मांगें लिखित में पूरी नहीं होतीं, अनशन जारी रहेगा।
रांची सदर अस्पताल की टीम ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अभ्यर्थियों की सेहत जांची। डॉक्टर एपी सिन्हा ने बताया कि छात्रों को अस्पताल जाने की सलाह दी गई थी। छात्रों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया, इसलिए मौके पर ही इलाज किया गया।
विधायक की सीबीआई जांच की मांग
JLKM विधायक जयराम महतो भी छात्रों के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने रविवार को एक दिन का उपवास रखा।
जयराम महतो ने कहा कि उनकी भागीदारी से आंदोलन पर कम से कम एक प्रतिशत दबाव जरूर बनेगा। उन्होंने इस मामले की सीबीआई (CBI – Central Bureau of Investigation) जांच की मांग की।
विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार को पता है कि असली दोषी कौन हैं। उन्होंने कहा कि लाखों रुपयों में सीटें बेची गई हैं, इसलिए इसमें ताकतवर लोग शामिल हो सकते हैं।
कल विधानसभा घेराव की तैयारी
छात्रों ने साफ कर दिया है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा। सोमवार यानी 10 अगस्त को शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव की योजना है।
इसे देखते हुए राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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