खुलते ही जियो IPO पर टूट पड़े निवेशक, 100 मिनट में 30 हजार 213 करोड़ का इश्यू फुल, हुंडई-एलजी समेत कई दिग्गजों के रिकॉर्ड टूटे
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) पहले दिन इसे निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के आंकड़ों के मुताबिक, क्यूआईवी (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) का हिस्सा 100 मिनट में 2.86 गुना से लेकर 3.25 गुना तक सब्सक्राइब हुआ। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का हिस्सा 26% और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 27% सब्सक्राइब हुआ है। यह भारत का बड़ा IPO बना है।
जियो का IPO दूसरे बड़े इश्यू से कितना अलग?
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO इंडियन मार्केट के सबसे बड़े इश्यू में शामिल है। हुंडई मोटर इंडिया ने 27 हजार 870 करोड़ रुपए जुटाने के लिए IPO पेश किया था। वहीं, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया का इश्यू 11 हजार 605 करोड़ रुपए का था।
हालांकि, इन कंपनियों और जियो के IPO में एक बड़ा अंतर है। हुंडई और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) थे। इसमें मौजूदा निवेशकों ने अपने शेयर बेचे थे।
इसके उलट, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसे फ्रेश इश्यू कहा जाता है। इससे मिलने वाली रकम कंपनी को मिलेगी। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।
IPO को बड़े निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला
जियो के IPO में योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की मांग काफी मजबूत रही। सुबह 10:39 बजे तक यह कैटेगरी 3.25 गुना सब्सक्राइब हो चुकी थी। इसमें बड़े इंस्टीट्यूशन इंवेस्टर्स शामिल होते हैं। IPO खुलने से पहले भी कंपनी को एंकर निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। एंकर निवेशकों में विदेशी निवेश कंपनियों के साथ भारतीय म्यूचुअल फंड भी शामिल थे। इन निवेशकों की भागीदारी से IPO को लेकर शुरुआती उत्साह दिखाई दिया।
एंकर इंवेस्टर्स से 8,109.84 करोड़ रुपए जुटाए
जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर इंवेस्टर्स से आठ हजार एक सौ नौ दशमलव आठ चार करोड़ रुपए जुटाए थे। इनमें ब्लैकरॉक, कैपिटल ग्रुप, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स और टी. रो प्राइस जैसे इन्वेस्टमेंट फर्म्स शामिल हैं। इसके अलावा श्रोडर्स, जेपी मॉर्गन, फ्रैंकलिन टेम्पलटन और इनवेस्को फंड हाउस ने भी निवेश किया।
एंकर इंवेस्टर्स की कुल मांग करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई। जानकारी के मुताबिक, इतनी बड़ी मांग पाने वाला यह पहला भारतीय IPO बना है।
IPO में पैसा लगाने से पहले इन बातों पर गौर करें
जियो प्लेटफॉर्म्स के कारोबार पर सरकारी नियमों और स्पेक्ट्रम की उपलब्धता का असर पड़ सकता है। टेलीकॉम बाजार में एयरटेल जैसी कंपनियों से मुकाबला भी बड़ी चुनौती है। भविष्य में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं से कंपटीशन बढ़ सकती है। कंपनी के लिए ग्राहकों की संख्या बढ़ाने के साथ प्रति ग्राहक कमाई बढ़ाना भी जरूरी होगा। इन वजहों से कंपनी की भविष्य की कमाई प्रभावित हो सकती है।
जियो IPO से जुड़ी 6 जरूरी बातें
- शेयर की कीमत
जियो प्लेटफॉर्म्स ने IPO का प्राइस बैंड एक हजार 65 से एक हजार 119 रुपए रखा है। निवेशक इसी दायरे में शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- रिटेल निवेश का मिनिमम बैलेंस
रिटेल निवेशकों को कम से कम 12 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा। ऊपरी कीमत के हिसाब से न्यूनतम निवेश 13,428 रुपए होगा।
- IPO की तारीखें
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO में निवेशक 23 अक्टूबर तक पैसा लगा सकते हैं। इसके बाद इस IPO में एप्लिकेशन करने का मौका नहीं मिलेगा।
- IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल
कंपनी इस इश्यू से मिली रकम में से 27 हजार 500 करोड़ रुपए तक कर्ज चुकाने में लगाएगी। यह रकम रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल होगी।
- कंपनी की कमाई कितनी रही?
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू एक लाख 46 हजार 885 करोड़ रुपए रहा। इस समय में कंपनी ने 30 हजार 049 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया।
- अब निवेशकों की नजर किस पर?
IPO को मिली शुरुआती मांग के बाद निवेशकों की नजर अब शेयर अलॉटमेंट पर रहेगी। इसके बाद शेयरों की लिस्टिंग और बाजार में उनके प्रदर्शन पर ध्यान रहेगा। हालांकि, तेजी से सब्सक्रिप्शन मिलने का मतलब लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं है।
बड़े फंड हाउस ने भी किया निवेश
एंकर इंवेस्टर्स में कई बड़े विदेशी फंड शामिल हैं। इनमें सिंगापुर का जीआईसी , नॉर्जेस बैंक और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं। कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कैलिफोर्निया स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम ने भी हिस्सा लिया।
इंडियन इंवेस्टर्स में SBI, HDFC और ICICI के म्यूचुअल फंड शामिल हैं। आदित्य बिड़ला सन लाइफ, निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा ने भी इंवेस्ट किया। LIC, HDFC लाइफ और SBI लाइफ जैसे संस्थानों ने भी हिस्सा लिया।
ग्रे मार्केट क्या है?
यह एक अनऑफिशियल मार्केट है। यहां आईपीओ के शेयर और दूसरे प्रोडक्ट खरीदे-बेचे जाते हैं। यह खरीद-बिक्री स्टॉक एक्सचेंज या ऑथराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर के बाहर होती है। इस बाजार पर SEBI या किसी अन्य रेगुलेटरी एजेंसी का नियंत्रण नहीं होता।
ग्रे मार्केट में कितना चल रहा GMP?
ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों को लेकर अच्छी चर्चा है। इन्वेस्टरगेन के मुताबिक, शेयर का GMP 247 रुपए है। यह तय ऊपरी कीमत के मुकाबले करीब 22.1% बढ़त का संकेत देता है। वहीं, आईपीओ वॉच ने ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 23.2% बताया है।
हालांकि, जीएमपी के आधार पर लिस्टिंग का पक्का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। लिस्टिंग के समय शेयर की कीमत इससे अलग हो सकती है।
जियो IPO पर एक्सपर्ट्स की राय जानें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोतीलाल ओसवाल ने आईपीओ में निवेश करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज ने शेयर बाजार में लिस्टिंग के समय और लंबे समय तक निवेश करने की सलाह दी है। उसके मुताबिक, जियो देश का सबसे बड़ा डिजिटल कनेक्टिविटी प्लेटफॉर्म है। इसके कारोबार में 5G नेटवर्क, JioAirFiber और डिजिटल सर्विस शामिल हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने जियो की तकनीक और नेटवर्क को बड़ी ताकत बताया है। फिलिपकैपिटल के मुताबिक, जियो ने 2016 से टेलीकॉम बाजार में बदलाव किए हैं। कंपनी ने सस्ती कीमतों और नए ऑफर्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित किया।
एमके ग्लोबल ने जियो की मजबूत बाजार स्थिति पर जोर दिया है। ब्रोकरेज को कंपनी की कमाई बढ़ने की उम्मीद है। उसका मानना है कि 5G पर निवेश का दौर पूरा होने वाला है। इससे कंपनी के पास ज्यादा नकदी बच सकती है।
SBICAPS के मुताबिक, कंपनी की कीमत उसकी कमाई और तकनीकी क्षमता के हिसाब से है। कर्ज चुकाने से कंपनी का ब्याज खर्च कम हो सकता है। इससे कंपनी की नकदी की स्थिति भी मजबूत होने की उम्मीद है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार कितना बड़ा है?
जियो ने मोबाइल सेवाओं से शुरुआत की थी। अब इसका कारोबार ब्रॉडबैंड, डिजिटल मनोरंजन, क्लाउड और एंटरप्राइज सेवाओं तक फैला है। जून 2026 तक कंपनी के 53.33 करोड़ ग्राहक थे। भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में इसकी हिस्सेदारी करीब 60% थी। कंपनी के पास 26.8 गीगाहर्ट्ज फ्रीक्वेंसी बैंड है, जो भारत में सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम बैंक बताया गया है।
FAQs
- जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO में एंकर निवेशकों ने कितनी राशि जुटाई है?
- जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से 8,109.84 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
- जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO कब समाप्त होगा और इसकी कीमत क्या होगी?
- जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा और शेयर की कीमत 1,065 से 1,119 रुपये के बीच निर्धारित की गई है।
- IPO से जुटाए गए पैसे का उपयोग किस लिए किया जाएगा?
- जियो प्लेटफॉर्म्स IPO से जुटाए गए पैसों का कुछ हिस्सा अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी के कर्ज चुकाने में लगाया जाएगा, जबकि बाकी सामान्य कारोबारी जरूरतों पर खर्च किया जाएगा।