Jio की शुरुआत कैसे हुई? ईशा अंबानी ने सुनाई आइडिया की कहानी, अब शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी
दरअसल, जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को लेकर गुरुवार, 15 अक्टूबर को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इस दौरान मुकेश अंबानी की बेटी और जियो प्लेटफॉर्म्स की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने जियो की इंटरनेट सेवा शुरू होने के पीछे की कहानी बताई।
जियो की शुरुआत की कहानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईशा अंबानी ने बताया कि 2009-2010 में वे और भाई आकाश कॉलेज की छुट्टियों में मुंबई लौटे थे। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन कॉलेज असाइनमेंट जमा करना था, लेकिन खराब इंटरनेट के कारण उनका असाइनमेंट जमा नहीं हो पाया था। इस परेशानी से दोनों भाई-बहनों के बीच भारत की डिजिटल कनेक्टिविटी पर चर्चा शुरू हुई।
इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया कि भारत डिजिटल कनेक्टिविटी में पश्चिमी देशों से पीछे क्यों है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आकाश अंबानी का मानना था कि बेहतर डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बनाना इस समस्या का समाधान है। ऐसी कंपनी भारत में डेटा से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकती थी। इसी बातचीत से जियो (Jio) के विजन को आकार मिला।
आकाश का जवाब और 2016 की लॉन्चिंग
हालांकि, ईशा के सवाल पर आकाश का जवाब अलग था। उनका मानना था कि इसका जवाब डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनी से मिलेगा। इसी बातचीत से आगे चलकर जियो की शुरुआत हुई। साल 2016 में जियो को लॉन्च किया गया। यानी विचार से लॉन्च तक करीब छह से सात साल लगे। उसी सोच का नतीजा 2016 में जियो के रूप में दिखा।
ईशा अंबानी का जियो स्टोरी चर्चा में इसलिए है, क्योंकि एक आम परेशानी बड़े फैसले तक पहुंची।
50 करोड़ के पार पहुंची जियो की ग्राहक संख्या
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस जियो के वायरलेस ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ के पार पहुंच गई है। इस मामले में भारती एयरटेल दूसरे, वोडाफोन-आइडिया तीसरे और सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) चौथे स्थान पर है।
शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में जियो
रिलायंस जियो का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आने वाला है। IPO का मतलब है कि कोई कंपनी पहली बार आम निवेशकों को अपने शेयर खरीदने का मौका देती है। इसके बाद कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होती है, जहां उसके शेयर खरीदे और बेचे जा सकते हैं।
IPO की तैयारी के बीच कंपनी ने 6G टेक्नोलॉजी को लेकर अपना विजन भी पेश किया। हालांकि, फिलहाल IPO की तारीख और इसके आकार की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
6G नेटवर्क पर क्या है जियो की योजना?
जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने 6G नेटवर्क को लेकर कंपनी की योजना बताई। कंपनी 6G सेवाओं के लिए सॉफ्टवेयर अपग्रेड पर काम करेगी। इसके लिए नए टावर या फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा नहीं करना होगा। जियो मौजूदा नेटवर्क और तकनीक को अपग्रेड करके बेहतर कनेक्टिविटी देने की तैयारी कर रही है।
सॉफ्टवेयर अपग्रेड से कैसे शुरू होगा 6G?
जियो का दावा है कि सॉफ्टवेयर अपग्रेड से 6G नेटवर्क शुरू किया जा सकेगा। इसके लिए बड़े पैमाने पर हार्डवेयर बदलने की जरूरत नहीं होगी। हार्डवेयर में टावर और नेटवर्क से जुड़े उपकरण शामिल होते हैं। वहीं, सॉफ्टवेयर इन उपकरणों को चलाने वाले प्रोग्राम को कहते हैं। जियो की इस योजना को जमीन पर परखना अभी बाकी है।
FAQs
- जियो की शुरुआत कैसे हुई?
जियो की शुरुआत 2009-2010 में मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी और उनके भाई आकाश अंबानी की बातचीत से हुई। ईशा को कॉलेज असाइनमेंट जमा करने में इंटरनेट की खराबी का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी डिजिटल कनेक्टिविटी पर चर्चा शुरू हुई। - रिलायंस जियो का ग्राहक आधार कितना बड़ा है?
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस जियो के वायरलेस ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ से अधिक हो गई है। - जियो का IPO कब आएगा और इसका आकार क्या होगा?
रिलायंस जियो का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) अभी तैयारी में है, लेकिन इसकी आधिकारिक तारीख और आकार की जानकारी सामने नहीं आई है।