अब सड़कों पर ट्रैफिक संभालते नजर आएंगे AI रोबोट: गाड़ियों की आवाजाही करेंगे नियंत्रित, नियम तोड़ने वालों पर रखेंगे नजर
केरलम् पुलिस का रोबोटिक्स और AI समझौता
- ट्रैफिक पुलिस को मिलेगी राहत: अब पुलिसकर्मियों को कड़कड़ाती धूप और तेज बारिश में घंटों चौराहों पर खड़े होकर ट्रैफिक नहीं संभालना पड़ेगा।
- रोबोट और AI संभालेंगे ट्रैफिक: चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल और निगरानी का काम अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और अत्याधुनिक रोबोट्स करेंगे।
- स्मार्ट और सुरक्षित पुलिसिंग: इस नई तकनीक से न सिर्फ यातायात नियम तोड़ना पकड़ा जा सकेगा, बल्कि सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही भी आसान होगी।
AI रोबोट ट्रैफिक पुलिस को देंगे राहत
रिपोर्ट के मुताबिक, AI रोबोट ट्रैफिक पुलिस की मदद करेंगे। खराब मौसम और प्रदूषण के बीच पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक काम करना पड़ता है। ऐसे में ये रोबोट उनकी परेशानी कम कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर ये पुलिसकर्मियों की जगह भी काम कर सकते हैं।
इन रोबोट में एडवांस्ड एआई व्हीकल डिटेक्शन टेक्नोलॉजी लगी है। इसकी मदद से वे गाड़ियों की पहचान कर सकेंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर उन्हें दूसरे रास्ते पर भेज सकेंगे। कंपनी फाउंडर आदिल कृष्णा के मुताबिक, ये रोबोट ट्रैफिक संभालते हुए नियम तोड़ने वालों की भी सटीक पहचान कर सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस सिस्टम की मदद से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर रखना आसान होगा। बताया जाता है कि चीन में इस तरह के AI ट्रैफिक सिस्टम पहले से इस्तेमाल हो रहे हैं। भारत में केरलम् ऐसा सिस्टम अपनाने वाला पहला राज्य होगा। कंपनी फाउंडर आदिल कृष्णा ने बताया कि इन रोबोट को अगले छह महीनों के भीतर केरलम् पुलिस को सौंप दिया जाएगा
कोच्चि में और कौन से रोबोट दिखे
कंपनी ने कोच्चि में 19वें सी जीरो सी जीरो एन (c0c0n) सिक्योरिटी और हैकिंग कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदर्शनी लगाई। इसमें दक्ष के अलावा दो और रोबोट दिखाए गए। इसके अलावा आई-हब रिसर्च एंड रोबोटिक्स ने कुछ और तकनीकें भी पेश कीं है।
क्या है दक्ष?
यह एक स्मार्ट रोबोट है, जिसे सड़कों पर ट्रैफिक सिग्नल की तरह इस्तेमाल करने और गाड़ियों की आवाजाही संभालने के लिए बनाया गया है।
कैसे काम करेगा रोबोट?
- इशारों से ट्रैफिक रोकेगा: यह रोबोट अपने हाथों के पहले से सेट (प्रोग्राम किए गए) इशारों से गाड़ियों को रुकने या चलने का इशारा करेगा।
- विजुअल सिग्नल देगा: यह ऐसे इशारे और लाइट सिग्नल इस्तेमाल करेगा, जिन्हें ड्राइवर दूर से ही देखकर आसानी से समझ सकेंगे।
आम लोगों की मदद करेगा सेमी-ह्यूमनॉइड रोबोट तारा
तारा सेमी-ह्यूमनॉइड सर्विस रोबोट है। इसे आम लोगों से सहज बातचीत के लिए बनाया गया है। प्रतिनिधि महेश्वर के मुताबिक, तारा 100 से ज्यादा भाषाओं में बात कर सकता है। वह सार्वजनिक स्थानों और कार्यालय में आने वालों के सवालों के जवाब देगा। साथ ही जानकारी जुटाना और रास्ता बताना भी उसका काम होगा। वह होटलों और कॉर्पोरेट ऑफिस की फ्रंट डेस्क पर भी तैनात हो सकता है। वह पुलिस थानों और रेलवे स्टेशनों पर लोगों का मार्गदर्शन भी कर सकता है।
मुश्किल वक्त में काम आने वाली गाड़ी कवच
आपदाओं से निपटने के लिए कंपनी ने कवच नाम की एक गाड़ी बनाई है। यह बिना ड्राइवर के चलने वाली एक रोबोटिक गाड़ी (UGV) है। इसे बचाव कार्य और मुश्किल रास्तों पर सामान ले जाने के लिए तैयार किया गया है।
कैसे काम करेगी कवच वाहन
यह वाहन बाढ़ या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान इलाकों तक खाना, दवाइयां और जरूरी उपकरण पहुंचाने का काम करेगा। इस गाड़ी में हाई-टेक एल आई डी ए आर (LiDAR) सेंसर लगे हैं। इनकी मदद से यह बिना किसी इंसानी मदद के अपना रास्ता खुद ढूंढ लेती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कवच एक बार में दो हजार किलो तक का भारी वजन उठा सकता है। इसका इस्तेमाल देश की सुरक्षा और निगरानी के लिए भी बड़े पैमाने पर किया जा सकता है। कंपनी का मुख्य मकसद इसे भारतीय सेना के इस्तेमाल के लिए और बेहतर बनाना है।
FAQs
- केरलम् पुलिस का नया AI और रोबोटिक्स सिस्टम कैसे ट्रैफिक प्रबंधन में मदद करेगा?
केरलम् पुलिस का नया AI और रोबोटिक्स सिस्टम ट्रैफिक कंट्रोल और निगरानी का काम करेगा, जिससे पुलिसकर्मियों को कड़कड़ाती धूप और बारिश में घंटों खड़े होकर ट्रैफिक प्रबंधन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सिस्टम ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान कर सकेगा और गाड़ियों की आवाजाही को आसान बनाएगा। - इन रोबोट्स की विशेषताएं क्या हैं?
इन रोबोट्स में एडवांस्ड AI व्हीकल डिटेक्शन टेक्नोलॉजी है, जिससे वे गाड़ियों की पहचान कर सकते हैं, निर्देश जारी कर सकते हैं और ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन करने वालों की सटीक पहचान कर सकते हैं। - कवच नामक रोबोटिक गाड़ी का उद्देश्य क्या है?
कवच एक ड्राइवरलेस रोबोटिक गाड़ी है, जिसे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत कार्यों के लिए बनाया गया है। यह बाढ़ या भूकंप जैसी स्थितियों में खाना, दवाइयां और जरूरी उपकरणों को आपात स्थानों तक पहुंचाने में सक्षम है।