केतन अग्रवाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा! चश्मदीद गवाह ने बताया; मेरे सामने चेतन चौधरी ने दिया धक्का, कहा-तुझे भी फेंक दूंगा

Manya Jain | Sootr Creatives | Sept 28, 2026, 19:21 IST
केतन मर्डर केस में आया नया मोड़
लोहागढ किले में केतन अग्रवाल हत्याकांड का एक चश्मदीद गवाह सामने आया है। गवाह के मुताबिक चेतन चौधरी ने उसे भी खाई में फेंकने की धमकी दी। पुणे पुलिस ने 12 टीबी डेटा, छह फोन और नौ पेन ड्राइव हासिल किए हैं। फोरेंसिक जांच में कुछ डिलीट डेटा रिकवर हो गया है। सिया गोयल, चेतन और रितेश हांगे को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

क्या है पूरा मामला

18 जून को लोहागढ किले की खाई में केतन अग्रवाल की मौत हो गई। मंगेतर सिया गोयल ने केतन की मां को फोन कर इसे हादसा बताया। आरोप है कि सिया और चेतन चौधरी ने केतन को धक्का दिया।



पुलिस सिया, चेतन और रितेश हांगे को गिरफ्तार कर चुकी है। अब चश्मदीद के बयान की पुष्टि बाकी सबूतों से हो रही है।



कौन है यह चश्मदीद गवाह?

केतन अग्रवाल हत्याकांड के गवाह ने केतन को खाई में धक्का दिए जाते देखा था। लोहागढ किला ही वह जगह है, जहां यह वारदात हुई।



गवाह ने हत्या के पांच दिन बाद अपना बयान दर्ज कराया। मीडिया में खबरें देखने के बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। वह पांच दिन चुप क्यों रहा? वह डरा हुआ था।



किले पर सिया के इशारे के बाद क्या हुआ?

सिया गोयल और चेतन चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने केतन को धक्का दिया। यह अभी गवाह का बयान है और जांच जारी है।



सिया ने इसे हादसा बताया था। गवाह की कहानी इससे बिल्कुल अलग है।



गवाह को क्या धमकी मिली?

गवाह के मुताबिक चेतन ने उससे कहा।



यह बयान पुलिस के पास दर्ज है। हुडी की बात भी उसी बयान में है।



चश्मदीद ने चेतन को कैसे पहचाना?

गवाह ने बताया कि चेतन हुडी पहने हुए था। भीषण गर्मी में हुडी पहनना अजीब बात थी। इसी वजह से गवाह के लिए उसे याद रखना आसान हो गया।



किले पर चढ़ते समय एक और व्यक्ति ने चेतन से सवाल किया था।



आंखों देखी गवाही किसी भी हत्या के मामले में अहम कड़ी होती है। लेकिन पुलिस सिर्फ एक बयान के भरोसे नहीं बैठी है। असली कहानी अब डिजीटल सबूतों में छिपी है।



डिलीट डेटा रिकवर कैसे हुआ?

अब सवाल है कि पुलिस के हाथ क्या लगा? पुणे पुलिस ने डिजीटल सबूतों का बड़ा ढेर जुटाया है। इसमें 12 टीबी (TB – Terabyte, यानी डेटा मापने की बड़ी इकाई) डेटा शामिल है। 12 टीबी यानी 128 जीबी (GB – Gigabyte) वाले करीब 94 फोन की मेमोरी।



पुलिस को छह मोबाइल फोन और नौ पेन ड्राइव भी मिले हैं। बैकअप (डेटा की सुरक्षित कॉपी) और कॉल रिकॉर्ड भी इसमें शामिल हैं। पुलिस फोरेंसिक जांच (सबूतों की वैज्ञानिक पड़ताल) कर रही है। इसमें सोशल मीडिया गतिविधियां और डिलीट की गई चैट्स भी शामिल हैं।



सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने कुछ डिलीट डेटा रिकवर (वापस हासिल) किया है।




टूटे मोबाइल के बैकअप में क्या मिला?

जांच में एक अहम बात पता चली। आईफोन से डेटा हमेशा के लिए हटाने के तरीकों पर रिसर्च हुई थी। जांच के मुताबिक सिया ने एक और फोन नष्ट कर दिया था। उसने वह फोन घर में छिपाकर रखा था।



पुलिस सूत्रों के मुताबिक टूटे फोन के बैकअप से अहम सबूत मिले।



अब तक कौन-कौन गिरफ्तार हुआ?

पुलिस ने सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। रितेश चेतन का दोस्त है। आरोप है कि वह केतन की हत्या की साजिश में शामिल था।



केतन 25 साल के थे और सिया 20 साल की। दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी। शादी को कुछ ही महीने बचे थे।



दोनों 18 जून को लोहागढ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे। सुबह 10:45 बजे सिया ने केतन की मां को फोन किया।



उसने कहा कि केतन गलती से खाई में गिर गया है। स्थानीय लोगों और पुलिस ने उसे खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने केतन को मृत घोषित कर दिया।



अब पुलिस सभी कड़ियां जोड़कर घटनाक्रम समझने की कोशिश कर रही है। इनमें डिजीटल सबूत, कॉल रिकॉर्ड, चैट और गवाह का बयान शामिल हैं।



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