पूर्व CJI पर जूता फेंकने वाले एडवोकेट पर वकीलों का हमला, कोर्ट में लगाए सनातन धर्म की जय हो के नारे
NEW DELHI. दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) पर जूता फेंकने वाले वकील पर हमला हुआ। यह हमला कोर्ट के कुछ दूसरे वकीलों ने ही किया।
यह घटना मंगलवार को कोर्ट परिसर में हुई, इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हमलावर वकीलों ने राकेश किशोर पर चप्पल से हमला किया। हमले के दौरान वकील राकेश 'सनातन धर्म की जय हो' का नारा लगा रहे थे।
हमलावर का चेहरा नहीं दिखाई दिया
वीडियो में दिख रहा है कि जब राकेश किशोर पर हमला हुआ, तो वह कुछ पल के लिए चुप रहे। फिर गुस्से में आकर हमला करने वाले वकील से सवाल पूछते हुए हाथों से जवाब देने की कोशिश करते हैं।
इस दौरान वह यह पूछते रहे कि उनके साथ यह व्यवहार क्यों किया जा रहा है। राकेश किशोर का कहना था कि वह "सनातन धर्म" के अपमान का विरोध कर रहे हैं। इस पर वह लगातार नारा लगाते रहे।
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कोर्ट में वकील की प्रतिक्रिया
शाहदरा बार एसोसिएशन के महासचिव नरवीर डबास ने बताया कि जानकारी मिली थी कि दो वकीलों के बीच कोई कहासुनी हुई थी। हालांकि, इस बारे में किसी भी पक्ष से कोई शिकायत अभी तक नहीं मिली है। यदि इस घटना के बारे में शिकायत की जाती है, तो एसोसिएशन मामले की जांच करेगा।
क्या था राकेश किशोर का तर्क?
राकेश किशोर इस घटना से पहले 6 अक्टूबर को भी सुर्खियों में थे, जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJI बीआर गवई पर जूता फेंका था। उनका कहना था कि CJI गवई की टिप्पणी ने उन्हें बहुत आहत किया था। यह घटनाक्रम मध्यप्रदेश के खजुराहो मंदिर से जुड़ें मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया था।
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CJI गवई का बयान
जूता फेंकने की घटना के बाद CJI बीआर गवई ने कहा था कि इस तरह की घटनाओं से उनपर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने अदालत में मौजूद सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि वे इस घटना को नजरअंदाज करें और मुकदमे की सुनवाई जारी रखें।
वहीं, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने राकेश किशोर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। इसके अलावा, वकील को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।