लेंसकार्ट ड्रेस कोड विवाद : बिंदी-तिलक पर रोक और हिजाब को मंजूरी वाला लेटर वायरल, CEO बोले- यह पुरानी गाइडलाइन

Sanjay Dhiman | Apr 16, 2026, 17:19 IST
Photograph: (the sootr)
लेंसकार्ट ड्रेस कोड पर नया विवाद छिड़ा है। वायरल लेटर में बिंदी-तिलक पर रोक और हिजाब को मंजूरी है। CEO पीयूष बंसल ने इसे पुरानी गाइडलाइन बताया। जानिए इस वायरल मुद्दे की पूरी कहानी।

लेंसकार्ट, जो एक प्रमुख eyewear कंपनी है, इस समय अपने ड्रेस कोड को लेकर विवादों में घिरी हुई है। सोशल मीडिया पर एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हो रहा है। इस डॉक्यूमेंट में कंपनी के कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया है। इसके अलावा, हिजाब और पगड़ी को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है।



विवाद तब बढ़ा जब एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने इस वायरल डॉक्यूमेंट का स्क्रीनशॉट शेयर किया और लेंसकार्ट के फाउंडर पीयूष बंसल से सवाल किया, "क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि लेंसकार्ट में हिजाब ठीक है, लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं?" इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग कंपनी के इस ड्रेस कोड पर सवाल उठाने लगे और लेंसकार्ट को ट्रोल करना शुरू कर दिया।



वायरल डॉक्यूमेंट में क्या-क्या लिखा था?

सोशल मीडिया पर वायरल हुई 'ग्रूमिंग गाइड' ने काफी सुर्खियां बटोरीं। इसके मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार थे:



  • महिला कर्मचारियों को स्टोर में बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है।
  • महिला कर्मचारी स्टोर में क्लेचर नहीं लगा सकतीं।
  • कलावा या किसी भी धार्मिक रिस्ट बैंड को हटाने का निर्देश दिया गया है।
  • पुरुष कर्मचारियों को भी तिलक लगाकर स्टोर में आने की मनाही है।
  • हिजाब या पगड़ी पहनने वालों को केवल काले रंग का हिजाब/पगड़ी पहनने की अनुमति है।
  • लेकिन, इसी डॉक्यूमेंट में यह भी लिखा है कि बुर्का पहनकर स्टोर में काम करने की मनाही है।

CEO पीयूष बंसल का जवाब

पीयूष बंसल ने इस डॉक्यूमेंट को पुराना और गलत बताया। उनका कहना था कि यह कंपनी की मौजूदा गाइडलाइन को नहीं दर्शाता। उन्होंने कहा, "हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं। हमारे देश में हजारों टीम मेंबर्स हैं, जो हर दिन अपने विश्वास और संस्कृति को गर्व के साथ पहनते हैं।"



लेंसकार्ट का मुनाफा

वायरल डॉक्यूमेंट के विवाद के बावजूद लेंसकार्ट का दिसंबर तिमाही में मुनाफा करीब 70 गुना बढ़कर 131 करोड़ रुपए (1.31 बिलियन) तक पहुंच गया। पिछले साल के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट 1.85 करोड़ रुपये से बढ़कर यह आंकड़ा आया है।



लेंसकार्ट की नीतियों को लेकर हो रहे विवाद ने इस कंपनी के ड्रेस कोड और आस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पीयूष बंसल ने इसे महज एक पुरानी गाइडलाइन बताया, लेकिन सोशल मीडिया पर बहस अभी भी जारी है।



निष्कर्ष (Conclusion)

इस विवाद ने यह साफ़ कर दिया है कि आज के समय में सोशल मीडिया कितना ताकतवर है और कोई भी खबर कितनी जल्दी फैल सकती है। लेंसकार्ट के सीईओ पीयूष बंसल ने स्थिति को संभालने की कोशिश की है और इसे एक पुराना मुद्दा बताया है, लेकिन यह विवाद ब्रांड के लिए एक बड़ी सीख है। यह दिखाता है कि कंपनियों को अपनी नीतियां और ड्रेस कोड बनाते समय संवेदनशील होना चाहिए, खासकर जब देश में धार्मिक भावनाओं की बात हो।



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