LPG किल्लत के बीच बड़ा फैसला: राज्यों को 10% एक्स्ट्रा LPG कोटा, PNG अपनाने की अपील
देश में बढ़ती LPG किल्लत (LPG Shortage) के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्यों को 10% अतिरिक्त LPG कोटा देने का प्रस्ताव दिया है ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इजराइल तनाव (Iran-Israel Conflict) के कारण कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, लेकिन लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि सप्लाई चेन में सुधार हो सके। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के बीच करीब 2 घंटे लंबी बैठक हुई, जिसमें संकट से निपटने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
LPG सप्लाई की वर्तमान स्थिति
घरेलू उत्पादन बढ़ा, लेकिन संकट बरकरार
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में घरेलू LPG उत्पादन में करीब 40% की वृद्धि हुई है। इसके बावजूद LPG किल्लत (LPG Shortage) पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
ग्राउंड रियलिटी क्या कहती है?
- गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें
- सिलेंडर की देरी से डिलीवरी
- कालाबाजारी और जमाखोरी के मामले
हालांकि सरकार ने इन समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए देशभर में 2300 से अधिक LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स पर छापेमारी की है।
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सरकार की रणनीति: PNG अपनाने पर जोर
सरकार ने लोगों से अपील की है कि जहां PNG (Piped Natural Gas) की सुविधा उपलब्ध है, वहां LPG की जगह PNG का इस्तेमाल करें।
PNG क्यों बेहतर है?
- सुरक्षित और कम रिस्क
- लगातार सप्लाई, सिलेंडर की जरूरत नहीं
- पर्यावरण के लिए बेहतर
- लंबी अवधि में किफायती
PNG अपनाने से LPG पर दबाव कम होगा और सप्लाई बेहतर तरीके से मैनेज की जा सकेगी।
डिजिटल बुकिंग और e-KYC पर स्थिति साफ
सरकार ने बताया कि अब 93% LPG बुकिंग ऑनलाइन हो रही है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का ही उपयोग करें। हाल ही में e-KYC को लेकर अफवाहें फैली थीं कि गैस कनेक्शन काट दिए जाएंगे। लेकिन सरकार ने साफ किया:
- यह कोई नया नियम नहीं है
- केवल अपूर्ण वेरिफिकेशन वाले ग्राहकों के लिए जरूरी
- उद्देश्य फर्जी कनेक्शन रोकना है
आपातकालीन तैयारी और तेल भंडार
सरकार ने अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve - SPR) की समीक्षा भी की है। जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सकता है।
देश की तैयारी कैसी है?
- कुछ हफ्तों का तेल स्टॉक उपलब्ध
- ATF (एविएशन फ्यूल) की कोई कमी नहीं
- पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर
समुद्री मार्ग और आपूर्ति की स्थिति
भारत के तीन जहाज शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी तेल और गैस लेकर सुरक्षित गुजरात के बंदरगाहों तक पहुंच चुके हैं।
- 25 भारतीयों को पोर्ट्स से सुरक्षित निकाला गया
- कंट्रोल रूम को 125 कॉल और 450 ईमेल
- विशाखापट्टनम में अतिरिक्त स्टोरेज की व्यवस्था
यह दिखाता है कि सरकार आपूर्ति और नागरिक सुरक्षा दोनों मोर्चों पर सक्रिय है।
कमर्शियल गैस और अन्य ईंधन की स्थिति
- 15 राज्यों में कमर्शियल LPG सप्लाई जारी
- पिछले 4 दिनों में 7200 टन गैस वितरित
- पेट्रोल, डीजल और ATF की कोई कमी नहीं
अंतरराष्ट्रीय संकट और भारत पर असर
ईरान-इजरायल संघर्ष (Iran-Israel Conflict) का प्रभाव
मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजराइल संघर्ष (Iran-Israel Conflict) का सीधा असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जो दुनिया की बड़ी तेल सप्लाई का मुख्य मार्ग है, वहां स्थिति अस्थिर होने से वैश्विक स्तर पर सप्लाई बाधित हुई है।
भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इस संकट से अछूता नहीं रहा। हालांकि सरकार ने दावा किया है कि देश के पास कुछ हफ्तों का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है।
आगे क्या हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात लंबे समय तक अस्थिर रहते हैं, तो LPG और अन्य ईंधनों की सप्लाई पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में PNG का विस्तार तेज किया जाएगा, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर जोर बढ़ेगा और डिजिटल मॉनिटरिंग और सख्त होगी।
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