बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टर ने किया छात्रा के साथ रेप
समझें क्या है पूरा मामला
- लखनऊ के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर ने युवती के साथ गलत काम किया।
- पीड़िता अस्पताल में मिर्गी के दौरे का इलाज कराने के लिए भर्ती हुई थी।
- आरोपी डॉक्टर ने ऑक्सीजन देने के बहाने युवती को ऑपरेशन थिएटर में बुलाया था।
- होश आने पर पीड़िता ने रोते हुए बाहर आकर परिजनों को पूरी बात बताई।
- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के सख्त आदेश के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बहुत ही शर्मनाक घटना सामने आई है। यहां के एक डॉक्टर ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां के एक प्राइवेट अस्पताल में 20 साल की एक युवती इलाज के लिए आई थी। पीड़िता को मिर्गी के दौरे आते थे। इस कारण इलाज के लिए मंगलवार 19 मई को परिवार वालों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था।
यह है पूरा मामला
यह पूरी घटना लखनऊ के बीकेटी क्षेत्र के इन्दौराबाग इलाके की है। यहां सीतापुर के रजनापुर निवासी डॉक्टर विजय कुमार गिरी किराये के भवन में तेजस अस्पताल चलाता था। इसी अस्पताल में 20 वर्षीय छात्रा को तबीयत खराब होने पर 19 मई को भर्ती कराया गया था।
आरोप है कि गुरुवार दोपहर डॉक्टर इलाज के बहाने छात्रा को ऑपरेशन थिएटर (OT) में ले गया। वहां मौजूद स्टाफ को बाहर भेजने के बाद डॉक्टर ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया और दुष्कर्म (लड़की के साथ रेप) किया। जब छात्रा की बहन उसे ढूंढते हुए ओटी पहुंची, तो छात्रा वहां बहुत ही अस्त-व्यस्त हालत में मिली।
होश आने पर पीड़िता ने अपनी बहन को डॉक्टर की इस गंदी करतूत की जानकारी दी। इसके बाद परिवार वालों ने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। घटना की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचे एसीपी बीकेटी विकास पांडेय और पुलिस बल ने आरोपी डॉक्टर विजय कुमार गिरी को तुरंत हिरासत में ले लिया।
सरकार ने लिया कड़ा एक्शन और अस्पताल सील
इस मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे और सरकार में हड़कंप मच गया। एडीसीपी ट्विंकल जैन ने बताया कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ तुरंत केस (रेप केस) दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ बलात्कार और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर विजय कुमार गिरी को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए UP के डिप्टी CM ब्रजेश पाठक ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार पीड़िता और उसके परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों को मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
ब्रजेश पाठक के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत उस निजी अस्पताल को पूरी तरह सील कर दिया। इसके साथ ही आरोपी डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
महिलाओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
हमें यह समझना होगा कि अस्पतालों में ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। मरीज डॉक्टर को भगवान का रूप मानते हैं और उन पर पूरा भरोसा करते हैं।
इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि ऑपरेशन थिएटर में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड होने चाहिए।
जब भी कोई महिला मरीज ऑपरेशन थिएटर में हो, वहां महिला स्टाफ का रहना अनिवार्य होना चाहिए। ऐसे कड़े नियम बनाने से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा कितनी जरूरी है। सरकार को ऐसे अपराधियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर कड़ी सजा देनी चाहिए।
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