अमानवीय हरकत : गार्ड ने चलती ट्रेन से बेजुबान को फेंका, ट्रांसपोर्टर ने बचाई जान
लुधियाना रेलवे स्टेशन पर एक सामान्य दिन में एक अजीब घटना घटी। एक एनआरआई महिला का कुत्ता, जिसे मोगा से जबलपुर भेजा जा रहा था, को गार्ड ने चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। महिला ने इस कुत्ते को एक ट्रांसपोर्टर संजय के हवाले किया था, जिसे कुत्ते को सुरक्षित जबलपुर पहुंचाना था। यह घटना कुत्ते के लिए एक बड़ी मुसीबत साबित हुई।
ट्रांसपोर्टर का संघर्ष
संजय, जो पशुओं के परिवहन में माहिर है, ने बताया कि उसने कुत्ते के सभी दस्तावेज सही तरीके से तैयार किए थे। कुत्ते को पिंजरे में रखा गया था और ट्रेन में सुरक्षित तरीके से भेजने के लिए सभी नियमों का पालन किया गया था। संजय ने खुद भी उसी ट्रेन में यात्रा की थी, ताकि वह कुत्ते की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।
लुधियाना में हुई घटना
जैसे ही ट्रेन लुधियाना पहुंची, संजय को फोन पर यह जानकारी मिली कि गार्ड ने कुत्ते को प्लेटफॉर्म पर फेंक दिया है। संजय ने गार्ड से पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया, तो गार्ड ने कहा कि कुत्ते का चालान नहीं मिला था। इस पर संजय और गार्ड के बीच बहस हुई। गुस्से में आकर संजय ने चलती ट्रेन से कूदने का फैसला किया, जिसके परिणामस्वरूप उसे चोटें आईं। फिर भी, वह किसी तरह कुत्ते तक पहुंचा, लेकिन कुत्ते को आवारा कुत्तों ने घेर लिया था।
कुत्ते की हालत और संजय का संघर्ष
संजय किसी तरह कुत्ते को बचाने में सफल हुआ, लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने उसकी मदद करने के बजाय उसे नजरअंदाज किया। संजय ने कई बार रेलवे अधिकारियों से मदद मांगी, लेकिन उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला। इसके बाद, उसे कुत्ते को वापस मोगा ले जाने का निर्णय लेना पड़ा।
महिला का दुख और प्रतिक्रिया
महिला हरप्रीत कौर, जो मोगा की रहने वाली हैं, ने कहा कि उनका कुत्ता उनके लिए परिवार जैसा था। उन्होंने कुत्ते को अपनी बेटी के ससुराल भेजने के लिए ट्रांसपोर्ट किया था, लेकिन रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण कुत्ता जबलपुर नहीं पहुंच सका। हरप्रीत ने अधिकारियों से इस मामले की जांच करवाने और दोषी गार्ड के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रेलवे अधिकारियों की प्रतिक्रिया
लुधियाना के स्टेशन सुपरिटेंडेंट, अनिल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यदि वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की जानकारी मिलती है तो वे जरूर कार्रवाई करेंगे। हालांकि, उन्होंने तुरंत कोई कार्रवाई करने का वादा नहीं किया।
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