ममता बनर्जी ने ईद पर पीएम पर साधा निशाना, बोलीं- राज्य में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’
News In Short
- ममता ने मोदी को घुसपैठिया कहा।
- ममता ने वोटिंग अधिकारों पर सवाल उठाए।
- मोदी की विदेश यात्रा पर ममता ने निशाना साधा।
- ममता ने बंगाल के सामाजिक ताने-बाने की रक्षा की।
- ममता ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने का वादा किया।
News In Detail
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मोदी पर आरोप लगाया कि वह सऊदी अरब और यूएई में मुस्लिम नेताओं से हाथ मिलाते हैं, लेकिन भारत लौटकर मुस्लिमों को घुसपैठिए कहते हैं। ममता ने लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया और कहा कि बंगाल को कोई तोड़ने नहीं देगा।
ममता बनर्जी का मोदी पर हमला
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कोलकाता में एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी जब विदेश यात्रा करते हैं तो मुस्लिम नेताओं से दोस्ती करते हैं, लेकिन भारत लौटते ही वह मुस्लिमों को घुसपैठिया कहते हैं। ममता ने यह भी कहा कि भारत में उनके और उनके परिवार के सदस्यों के अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है, जिसे वह सहन नहीं करेंगी।
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लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प
ममता ने कहा कि वह पीएम मोदी को बंगाल के लोगों के अधिकारों का उल्लंघन करने नहीं देंगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में ‘अघोषित राष्ट्रपति शासन’ चल रहा है, लेकिन वह डरने वाली नहीं हैं।
ममता ने यह भी कहा कि वह बंगाल के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की किसी को भी अनुमति नहीं देंगी और जो लोग बंगाल को निशाना बनाएंगे, उन्हें कड़ी सजा मिलेगी।
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एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल
ममता ने भारत में हो रहे मतदाता सूची के ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि केंद्र सरकार इस प्रक्रिया के माध्यम से नागरिकों के अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रही है।
ममता बनर्जी ने यह आरोप भी लगाया कि कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, और इस मामले में वह कलकत्ता उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का रुख करेंगी।
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बंगाल में एकता की अहमियत
ममता ने कहा कि बंगाल एकता में विश्वास करता है और यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी मिलकर रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक नफरत को बढ़ावा नहीं देंगी।
ममता ने एकजुटता की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा कि बंगाल की जनता हमेशा मिलजुल कर रहेगी, और राज्य को विभाजित करने की कोशिशें नाकाम होंगी।
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राष्ट्रपति शासन का आरोप
ममता ने यह भी कहा कि मोदी सरकार राज्य सरकार को नियंत्रण करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन लागू किया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि वह डरने वाली नहीं हैं और उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बंगाल को नुकसान पहुंचाने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने कहा, “जो लड़ते हैं, वे सफल होते हैं।”