मेडिकल छात्रों के लिए खुशखबरी, डॉक्टर बनने के लिए मिलेगा एक और साल, 11 हजार सीटें भी बढ़ीं
5 प्वाइंट में समझें पूरा मामला...
- देश में अब एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने के लिए छात्रों को कुल 10 साल का समय मिलेगा।
- सरकार ने नियमों में बदलाव करते हुए छात्रों को अटेम्प्ट के लिए एक साल का अतिरिक्त समय दिया है।
- स्नातक नियमों में संशोधन का यह नया ड्राफ्ट इसी मौजूदा शिक्षा सत्र से लागू कर दिया जाएगा।
- इस साल देश भर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की लगभग 11 हजार सीटें बढ़ाई जा रही हैं।
- बढ़ी हुई सीटों में से लगभग 70 फीसदी सीटें प्राइवेट कॉलेजों में मंजूर की गई हैं।
देश में डॉक्टर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक राहत भरी खबर आई है। सरकार ने एमबीबीएस कोर्स से जुड़े नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं। इससे छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अब पहले से ज्यादा मौका और समय मिल सकेगा।
10 साल में पूरी कर सकेंगे एमबीबीएस
अभी तक के नियम के अनुसार देश में एमबीबीएस कोर्स साढ़े पांच साल का होता है। इसमें एक साल की रोटेटिंग इंटर्नशिप भी शामिल होती है। इस पूरी डिग्री को पास करने के लिए छात्र को सारे अटेम्प्ट मिलाकर ज्यादा से ज्यादा 9 साल का समय मिलता था।
सरकार के नए फैसले के बाद अब इस समय को एक साल और बढ़ा दिया गया है। यानी अब छात्र अधिकतम 10 साल में अपनी एमबीबीएस की डिग्री पूरी कर सकते हैं।
फेल होने पर मिलेंगे ज्यादा मौके
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को होगा जो किसी वजह से परीक्षा में फेल हो जाते हैं। पहले साढ़े पांच साल की पढ़ाई के अलावा फेल होने पर अटेम्प्ट के लिए केवल साढ़े तीन साल मिलते थे।
अब नए नियम के बाद छात्रों को अटेम्प्ट के लिए साढ़े चार साल का समय मिल पाएगा। इस कुल समय में आपकी रोटेटरी मेडिकल इंटर्नशिप की अवधि और सभी अटेम्प्ट शामिल रहेंगे।
इसके लिए स्नातक नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट फाइनल हो चुका है। इसे इसी शिक्षा सत्र से लागू किया जा रहा है।
इस साल बढ़ेंगी 11 हजार सीटें
मेडिकल की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक और खुशखबरी है। इस साल एमबीबीएस की सीटों में बंपर बढ़ोतरी होने जा रही है। इस साल लगभग 11 हजार नई सीटें बढ़ रही हैं। इन्हें बीते अप्रैल महीने में ही मंजूरी मिल चुकी है।
इस बढ़ोतरी के बाद देश में एमबीबीएस की कुल सीटें एक लाख 18 हजार से बढ़कर एक लाख 29 हजार हो जाएंगी। इन बढ़ी हुई सीटों का सीधा फायदा इसी शिक्षा सत्र से छात्रों को एडमिशन के दौरान मिलेगा।
| विवरण | सीटों की संख्या |
| वर्तमान में कुल सीटें (Current Seats) | लगभग 1.18 लाख |
| इस साल बढ़ने वाली नई सीटें (New Seats Added) | लगभग 11 हजार |
| बढ़ोतरी के बाद कुल सीटें (Total Seats After Hike) | लगभग 1.29 लाख |
| प्राइवेट कॉलेजों में हिस्सेदारी (Share in Private Colleges) | 70 फीसदी (70%) |
नीट 2026 की काउंसलिंग पर दिखेगा असर
देश में एमबीबीएस सीटों पर एडमिशन की प्रक्रिया नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC)के नियमों के तहत होती है। नीट पेपर लीक के बाद पुनर्परीक्षा 21 जून को होनी तय हुई है।
ऐसे में जब काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी तब इन 11 हजार बढ़ी हुई सीटों का असर साफ देखने को मिलेगा।
मेडिकल में एडमिशन के लिए छात्रों के बीच बहुत भारी कंपटीशन होता है। इसलिए इन सीटों के बढ़ने से हजारों छात्रों को डॉक्टर बनने का मौका मिल सकेगा।
एमपी में कितनी मोडिकल सीटें?
मध्य प्रदेश में इस साल यानी 2026 के शैक्षणिक सत्र के लिए एमबीबीएस की सीटों का हाल कुछ ऐसा है। पूरे राज्य में कुल पांच हजार 725 सीटें हैं और 35 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं।
राज्य में 21 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें एम्स भोपाल भी शामिल है। इन सरकारी कॉलेजों में कुल तीनहजार 25 सीटें हैं।
वहीं 14 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज भी हैं, जिनमें मिलाकर दो हजार 700 सीटें हैं।
कई जिलों में 100 से 150 सीटें उपलब्ध
इसके अलावा नीमच, मंदसौर, श्योपुर, सिंगरौली, सिवनी, सतना, खंडवा, दतिया, शहडोल और शिवपुरी जैसे जिलों के सरकारी कॉलेजों में लगभग 100 से 150 सीटें उपलब्ध हैं।
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